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भारतीय रेलवे में दुर्घटनाओं में 90 प्रतिशत की कमी: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

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भारतीय रेलवे में दुर्घटनाओं में 90 प्रतिशत की कमी: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

सारांश

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि भारतीय रेल में दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है, विशेषकर गंभीर दुर्घटनाओं में। जानें कैसे सुरक्षा उपायों ने यह बदलाव लाया।

मुख्य बातें

90% की गिरावट गंभीर रेल दुर्घटनाओं में 2014-15 से 2025-26 में 135 से 14 तक घटना सुरक्षा उपायों में सुधार सुरक्षा व्यय में वृद्धि स्वदेशी तकनीक का उपयोग

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि भारतीय रेलवे से जुड़ी दुर्घटनाओं की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय गिरावट आई है, और गंभीर दुर्घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत की कमी हुई है।

मंत्री ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि भारतीय रेल के लिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और निरंतर प्रयासों के माध्यम से परिचालन सुरक्षा में काफी सुधार देखने को मिला है।

उन्होंने बताया कि गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या 2014-15 में 135 से घटकर 2025-26 (28 फरवरी तक) में केवल 14 रह गई है।

मंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से पता चलता है कि 2004-05 से 2013-14 के दौरान 1,711 गंभीर रेल दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 904 लोगों की मृत्यु हुई और 3,155 लोग घायल हुए। वहीं, 2014-15 से 2023-24 के बीच यह संख्या घटकर 678 दुर्घटनाएं रह गई, जिनमें 748 लोगों की मृत्यु हुई और 2,087 लोग घायल हुए।

उनके अनुसार, 2024-25 में 31 दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 18 लोगों की जान गई और 92 लोग घायल हुए। जबकि 2025-26 (फरवरी तक) में 14 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 16 लोगों की मृत्यु और 28 लोग घायल हुए।

वैष्णव ने बताया कि दुर्घटनाओं में कमी कई सुरक्षा पहलों का परिणाम है, जैसे कि बेहतर ट्रैक रखरखाव, आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली और तकनीकी उन्नयन।

सुरक्षा संबंधित गतिविधियों पर व्यय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जो 2013-14 में 39,200 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में 1,17,693 करोड़ रुपए हो गया है, और 2026-27 के लिए 1,20,389 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।

मानवीय त्रुटियों को कम करने के लिए, 6,665 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की गई है, जबकि 10,153 से अधिक लेवल क्रॉसिंग गेटों पर इंटरलॉकिंग की व्यवस्था की गई है।

6,669 स्टेशनों पर ट्रैक सर्किटिंग लागू की गई है, जो विद्युत माध्यम से ट्रैक पर यात्रियों की उपस्थिति की पुष्टि करने में मदद करती है।

रेल मंत्री ने यह भी बताया कि स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (एटीपी) 'कवच' को 2020 में राष्ट्रीय प्रणाली के रूप में अपनाया गया था। कवच के नवीनतम संस्करण को 1,452 किलोमीटर मार्गों पर लागू किया गया है, जिनमें दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे प्रमुख व्यस्त मार्ग शामिल हैं।

वैष्णव ने कहा कि प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश से भारतीय रेलवे की सुरक्षा में सुधार हो रहा है और दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय रेलवे की सुरक्षा में सुधार से दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है। यह सुरक्षा उपायों और प्रौद्योगिकी में निवेश का परिणाम है, जो यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेलवे में दुर्घटनाओं की संख्या में कमी का क्या कारण है?
सुरक्षा उपायों में सुधार, जैसे बेहतर ट्रैक रखरखाव और आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली, के कारण दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है।
साल 2014-15 से 2023-24 के बीच कितनी गंभीर दुर्घटनाएं हुईं?
इस अवधि में कुल 678 गंभीर दुर्घटनाएं हुईं।
कवच प्रणाली क्या है?
कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसे 2020 में राष्ट्रीय प्रणाली के रूप में अपनाया गया।
रेलवे सुरक्षा पर व्यय में क्या बदलाव आया है?
सुरक्षा पर व्यय 39,200 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,17,693 करोड़ रुपए हो गया है।
भारतीय रेलवे के लिए सुरक्षा की प्राथमिकता क्या है?
सुरक्षा हमेशा भारतीय रेलवे के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
राष्ट्र प्रेस
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