प्रधानमंत्री मोदी का दावा: भारतीय रेलवे तकनीक और सुधारों से स्थापित कर रहा है नए मानक
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नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बताया कि भारतीय रेलवे में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं और यह निरंतर सुधार एवं तकनीक के माध्यम से नए मानक स्थापित कर रहा है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया, जिसमें उल्लेख किया गया है कि पिछले एक दशक में स्पष्ट नीति, आधुनिक तकनीक और निरंतर निवेश के माध्यम से भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "भारतीय रेलवे के पूरे तंत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं और इसके परिणाम स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि यह क्षेत्र कैसे सुधार और तकनीक के माध्यम से नए मानक स्थापित कर रहा है।"
इसमें कहा गया कि करोड़ों यात्रियों के लिए रेल यात्रा केवल विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गई है। इतने बड़े नेटवर्क में सुरक्षा केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों के विश्वास से जुड़ा है।
लेख में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में ही 'सेफ्टी फर्स्ट' का स्पष्ट संदेश दिया गया था। इसी दिशा में रेलवे ने तकनीक-आधारित और निरंतर निवेश करने वाली रणनीति अपनाकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।
इसके परिणामस्वरूप देश में रेल हादसों की संख्या में बड़ी कमी आई है। 2014-15 में जहां 135 रेल दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं 2025-26 में यह घटकर केवल 16 रह गईं, यानी लगभग 89 प्रतिशत की कमी।
यह कमी ऐसे समय आई है जब ट्रेन संचालन और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इस अवधि में 'कंसिक्वेंशल एक्सीडेंट इंडेक्स' (प्रति किलोमीटर दुर्घटना दर) भी 0.11 से घटकर 0.01 हो गया है, जो हर किलोमीटर यात्रा के संदर्भ में तंत्र को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित दर्शाता है।
2014-15 में रेल हादसों में 292 लोगों की जान गई थी, जबकि 2025-26 में 16 दुर्घटनाओं में केवल 16 लोगों की मृत्यु हुई।
रेलवे के महत्व को उजागर करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लिखा, "हर सुबह जब भारत जागता है, तब उसकी रेलें पहले से ही चल रही होती हैं। ऑफिस जाने वाले, छात्र, प्रवासी श्रमिक, परिवार और सैनिक समेत 2 करोड़ से ज्यादा यात्री प्रतिदिन ट्रेनों में सफर करते हैं।"