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प्रधानमंत्री मोदी का दावा: भारतीय रेलवे तकनीक और सुधारों से स्थापित कर रहा है नए मानक

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प्रधानमंत्री मोदी का दावा: भारतीय रेलवे तकनीक और सुधारों से स्थापित कर रहा है नए मानक

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रेलवे में हुए सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीक और निरंतर निवेश ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। पढ़ें इस लेख में रेलवे के नए मानकों के बारे में।

मुख्य बातें

भारतीय रेलवे में सुधार और तकनीक का उपयोग हो रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था में 89 प्रतिशत की कमी आई है।
2014-15 में 135 दुर्घटनाएं थीं, जो 2025-26 में केवल 16 रह गईं।
किरायेदारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
हर दिन 2 करोड़ से ज्यादा यात्री यात्रा करते हैं।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बताया कि भारतीय रेलवे में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं और यह निरंतर सुधार एवं तकनीक के माध्यम से नए मानक स्थापित कर रहा है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा किया, जिसमें उल्लेख किया गया है कि पिछले एक दशक में स्पष्ट नीति, आधुनिक तकनीक और निरंतर निवेश के माध्यम से भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "भारतीय रेलवे के पूरे तंत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं और इसके परिणाम स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि यह क्षेत्र कैसे सुधार और तकनीक के माध्यम से नए मानक स्थापित कर रहा है।"

इसमें कहा गया कि करोड़ों यात्रियों के लिए रेल यात्रा केवल विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गई है। इतने बड़े नेटवर्क में सुरक्षा केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों के विश्वास से जुड़ा है।

लेख में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में ही 'सेफ्टी फर्स्ट' का स्पष्ट संदेश दिया गया था। इसी दिशा में रेलवे ने तकनीक-आधारित और निरंतर निवेश करने वाली रणनीति अपनाकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।

इसके परिणामस्वरूप देश में रेल हादसों की संख्या में बड़ी कमी आई है। 2014-15 में जहां 135 रेल दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं 2025-26 में यह घटकर केवल 16 रह गईं, यानी लगभग 89 प्रतिशत की कमी।

यह कमी ऐसे समय आई है जब ट्रेन संचालन और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

इस अवधि में 'कंसिक्वेंशल एक्सीडेंट इंडेक्स' (प्रति किलोमीटर दुर्घटना दर) भी 0.11 से घटकर 0.01 हो गया है, जो हर किलोमीटर यात्रा के संदर्भ में तंत्र को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित दर्शाता है।

2014-15 में रेल हादसों में 292 लोगों की जान गई थी, जबकि 2025-26 में 16 दुर्घटनाओं में केवल 16 लोगों की मृत्यु हुई।

रेलवे के महत्व को उजागर करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लिखा, "हर सुबह जब भारत जागता है, तब उसकी रेलें पहले से ही चल रही होती हैं। ऑफिस जाने वाले, छात्र, प्रवासी श्रमिक, परिवार और सैनिक समेत 2 करोड़ से ज्यादा यात्री प्रतिदिन ट्रेनों में सफर करते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेलवे में सुरक्षा सुधार कैसे हुए हैं?
भारतीय रेलवे ने तकनीक और नीतियों में सुधार के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।
रेल दुर्घटनाओं में कमी का कारण क्या है?
निरंतर निवेश और तकनीक के उपयोग ने रेल दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे सुधारों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे नये मानक स्थापित कर रहा है और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।
कितने यात्री रोजाना भारतीय रेलवे का उपयोग करते हैं?
लगभग 2 करोड़ से अधिक यात्री प्रतिदिन भारतीय रेलवे में यात्रा करते हैं।
कंसिक्वेंशल एक्सीडेंट इंडेक्स क्या है?
यह प्रति किलोमीटर दुर्घटना दर को दर्शाता है, जो रेलवे की सुरक्षा को दर्शाने में महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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