अमृत भारत स्टेशन योजना: PM मोदी करेंगे 75 पुनर्विकसित स्टेशनों का उद्घाटन, ₹1,570 करोड़ का कायाकल्प
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के अंतर्गत 20 राज्यों में फैले 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करने वाले हैं, जिनमें पंजाब का ऐतिहासिक जालंधर कैंट स्टेशन भी शामिल है। इन स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर कुल ₹1,570 करोड़ की लागत आई है। यह उद्घाटन विश्व के सबसे बड़े स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रमों में से एक की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्य घटनाक्रम
दिसंबर 2022 में शुरू हुई इस योजना के तहत देशभर में 1,340 से अधिक रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास ₹71,000 करोड़ से अधिक के कुल निवेश से किया जा रहा है। हाल के चरणों में अब तक 122 स्टेशन पूरे हो चुके हैं। फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री ने 554 स्टेशनों की आधारशिला रखी थी और मई 2025 में 18 राज्यों में 103 पुनर्निर्मित स्टेशनों का उद्घाटन किया था।
जालंधर कैंट: विरासत और आधुनिकता का संगम
110 वर्ष पुराने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का ₹125 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण किया गया है। अब इसमें दोहरी ऊँचाई वाला एयर कॉनकोर्स, भारी स्टील की प्लेटफॉर्म छत, फिसलन-रोधी फर्श और ऊर्जा-कुशल एलईडी लाइटिंग जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। शहर के दोनों ओर से प्रवेश की बेहतर कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित की गई है।
स्टेशन में 6 मीटर और 9 मीटर चौड़ाई वाले दो नए फुट ओवर ब्रिज (FOB), 200 मीटर प्लेटफॉर्म को कवर करने वाली 40 मीटर चौड़ी ट्रफ रूफ और 1,770 वर्ग मीटर में फैला 36 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं। एक नया दूसरा प्रवेश द्वार 300 वर्ग मीटर के स्टेशन भवन के साथ और 4,855 वर्ग मीटर का विशाल पार्किंग क्षेत्र यात्रियों की सुविधा को और बढ़ाता है।
अन्य प्रमुख स्टेशनों का कायाकल्प
दिल्ली के उत्तरी रेलवे जोन के अंतर्गत मोदी नगर रेलवे स्टेशन का ₹25.75 करोड़ की लागत से उन्नयन किया गया है। इसमें 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, नए पार्किंग और आवागमन क्षेत्र, बेहतर प्रतीक्षा कक्ष और शौचालय ब्लॉक शामिल हैं। दिव्यांगजनों के लिए प्रवेश रैंप, स्पर्शनीय मार्ग, विशेष शौचालय, पानी के बूथ और दो लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
तेलंगाना के हाई-टेक सिटी रेलवे स्टेशन का ₹26 करोड़ की लागत से आधुनिकीकरण हुआ है। यह स्टेशन प्रतिदिन लगभग 3,000 यात्रियों की ज़रूरतें पूरी करता है और 62 ट्रेनों को सेवा प्रदान करता है। इसके अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना और राजस्थान में ₹424.02 करोड़ की कुल लागत से 10 स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो चुका है।
योजना का दायरा और विशेषताएँ
यह योजना 'विरासत भी, विकास भी' के मार्गदर्शक सिद्धांत पर आधारित है। शामली, कुन्नूर, बालाघाट जंक्शन, कालका और माजबात जैसे पुनर्विकसित स्टेशन स्थानीय संस्कृति और विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रदर्शित करते हैं। स्टेशनों में भव्य प्रवेश द्वार, आधुनिक प्रतीक्षा कक्ष, लिफ्ट, एस्केलेटर, बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, कार्यकारी लाउंज और 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' पहल के तहत स्थानीय उत्पादों के लिए समर्पित स्थान शामिल हैं।
यह योजना मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, बेहतर पहुँच और आसपास के शहरी क्षेत्रों के साथ एकीकरण को बढ़ावा देती है। 2026 के मध्य तक पुनर्विकास के लिए 1,338 से अधिक स्टेशनों की पहचान की जा चुकी है।
आगे की राह
अमृत भारत स्टेशन योजना वंदे भारत ट्रेनों और समर्पित माल गलियारों जैसी अन्य परिवर्तनकारी पहलों के अनुरूप है। लाखों दैनिक यात्रियों के लिए बेहतर आवागमन अनुभव सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह परियोजना 'अमृत काल' में भारत की वैश्विक मानकों की ओर यात्रा को भी दर्शाती है।