अमृतसर रेलवे स्टेशन का ₹402 करोड़ से होगा कायाकल्प, 5 नए प्लेटफॉर्म और वंदे भारत शेड भी मंज़ूर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने गुरुवार, 14 मई को अमृतसर रेलवे स्टेशन के व्यापक पुनर्विकास की घोषणा की। स्टेशन को विश्व स्तरीय परिवहन केंद्र में बदलने के लिए ₹402 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त, पाँच नए प्लेटफॉर्मों के निर्माण और विस्तार हेतु ₹100 करोड़ अलग से मंज़ूर किए गए हैं।
पुनर्विकास योजना में क्या शामिल है
व्यापक मास्टर प्लान के तहत स्टेशन की उत्तरी दिशा में जी+10 की अत्याधुनिक इमारत प्रस्तावित है, जिसमें सात व्यावसायिक मंज़िलें होंगी। दक्षिणी भाग में एक विशाल जी+3 स्टेशन इमारत का निर्माण किया जाएगा। ये दोनों इमारतें आधुनिक वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण होंगी और पंजाब की सांस्कृतिक पहचान एवं अमृतसर के आध्यात्मिक वातावरण को प्रतिबिंबित करेंगी।
ट्रेन संचालन क्षमता बढ़ाने और भीड़भाड़ कम करने के लिए स्टेशन पर पाँच अतिरिक्त प्लेटफॉर्म — उत्तरी तरफ दो और दक्षिणी तरफ तीन — तथा पाँच अतिरिक्त यात्री लूप लाइनें जोड़ी जाएंगी। यार्ड का भी बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण और विस्तार प्रस्तावित है।
यात्री सुविधाएँ और सुगमता
पुनर्विकास में यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। स्टेशन के उत्तरी और दक्षिणी भागों को जोड़ने के लिए दो नई सबवे लाइनें बनाई जाएंगी, जो प्लेटफॉर्मों के बीच सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करेंगी। आधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर की स्थापना से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और बच्चों को विशेष राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि अमृतसर स्टेशन पंजाब का सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शन है और स्वर्ण मंदिर दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का प्रमुख प्रवेश द्वार है। यह पुनर्विकास ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को 'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत अपग्रेड कर रही है।
वंदे भारत रखरखाव शेड और परिचालन दक्षता
मंत्री बिट्टू ने बताया कि अमृतसर में एक नया वंदे भारत रखरखाव शेड भी विकसित किया जाएगा। यह शेड आधुनिक रेल संचालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य के रेलवे बुनियादी ढाँचे और परिचालन दक्षता को और मज़बूत करेगा। स्थानीय आर्थिक विकास और रोज़गार सृजन में भी इससे योगदान मिलने की उम्मीद है।
अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री अमृतसर और न्यू जलपाईगुड़ी के बीच चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने के लिए अमृतसर पहुँचे थे। यह आधुनिक नॉन-एसी ट्रेन विशेष रूप से आम यात्रियों के लिए डिज़ाइन की गई है और किफायती किराए पर प्रीमियम लंबी दूरी की यात्रा का अनुभव प्रदान करती है।
यह सेवा पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा करने वाले प्रवासी श्रमिकों, छात्रों, व्यापारियों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी होगी। ट्रेन लुधियाना, अंबाला, गोरखपुर, रक्सौल, सीतामढ़ी, फोर्ब्सगंज और सिलीगुड़ी सहित कई प्रमुख शहरों को सीधे जोड़ेगी, जिससे उत्तरी और पूर्वी भारत के बीच रेल संपर्क और मज़बूत होगा।
आगे क्या होगा
मंत्री बिट्टू ने कहा कि पंजाब आज अभूतपूर्व पैमाने पर रेलवे विकास का गवाह बन रहा है। ₹402 करोड़ की पुनर्विकास परियोजना और ₹100 करोड़ के प्लेटफॉर्म विस्तार कार्य के पूरा होने के बाद अमृतसर स्टेशन न केवल एक आधुनिक परिवहन केंद्र बनेगा, बल्कि यह पंजाब की सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक होगा। परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा और निविदा प्रक्रिया की जानकारी शीघ्र जारी होने की उम्मीद है।