जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस से कश्मीर की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव, वंदे भारत ट्रेनें 8 से बढ़कर 20 होंगी
सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के सफल ट्रायल पूरे, संचालन की तैयारियाँ अंतिम चरण में।
- वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 8 से बढ़ाकर 20 किए जाने का निर्णय, वेटिंग लिस्ट की समस्या कम होगी।
- उत्तर रेलवे के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक कपिल शर्मा ने 29 अप्रैल 2026 को राष्ट्र प्रेस को जानकारी दी।
- हर स्टेशन पर स्वच्छता के लिए विशेष कर्मचारियों की तैनाती, उच्च स्तरीय खान-पान सुविधा सुनिश्चित।
- बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय उत्पादों को देशभर में पहुँचाना आसान होगा, अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी।
उत्तर रेलवे के कश्मीर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक कपिल शर्मा ने 29 अप्रैल 2026 को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के सफल ट्रायल पूरे हो चुके हैं और संचालन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। उनके अनुसार, इस सेवा के शुरू होने से कश्मीर में पर्यटन, व्यापार और आम यात्रियों की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
ट्रेनों की संख्या 8 से बढ़कर 20 होगी
कपिल शर्मा ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 8 से बढ़ाकर 20 किए जाने का निर्णय लिया गया है। उनके अनुसार, इस विस्तार से वेटिंग लिस्ट की पुरानी समस्या काफी हद तक कम होगी और अधिक यात्रियों को एक साथ सुविधा दी जा सकेगी। उन्होंने इसे कश्मीर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया।
पर्यटन पर असर — कनेक्टिविटी की कमी दूर होगी
शर्मा ने कहा कि कश्मीर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की केंद्रीय भूमिका है, लेकिन अब तक रेल कनेक्टिविटी की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग यहाँ आने से वंचित रह जाते थे। वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से देशभर के पर्यटकों के लिए श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों तक पहुँचना अधिक सुलभ हो जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र तेज़ी से पुनर्जीवित हो रहा है।
यात्री सुविधाएँ और स्वच्छता मानक
सुविधाओं की जानकारी देते हुए कपिल शर्मा ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस में उच्च स्तरीय खान-पान और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि हर स्टेशन पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष कर्मचारियों की तैनाती की गई है। अब तक ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और बेहतर सुविधाओं के चलते यह ट्रेन यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है।
हवाई यात्रा की तुलना में रेल की बढ़त
शर्मा ने कहा कि हवाई यात्रा की सीटों की उपलब्धता सीमित रहती है, जबकि रेल सेवा एक साथ अधिक यात्रियों को सुविधा देने में सक्षम है। उनके अनुसार, यदि अधिक यात्री रेल को अपनाते हैं, तो बड़े पैमाने पर लोगों की आवाजाही सुगम बनाई जा सकेगी। गौरतलब है कि जम्मू-श्रीनगर मार्ग पर हवाई किराया अक्सर उच्च रहता है, जो मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए चुनौती बनता है।
व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ
कपिल शर्मा ने विश्वास जताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से पर्यटन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों में भी तेज़ी आएगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय उत्पादों को देश के अन्य हिस्सों तक पहुँचाना आसान होगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई मज़बूती मिलेगी। आने वाले समय में यह कदम कश्मीर के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है।