अमृत भारत योजना से बदला माजबाट रेलवे स्टेशन, यात्रियों ने कहा — 'एयरपोर्ट जैसा लगता है'

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अमृत भारत योजना से बदला माजबाट रेलवे स्टेशन, यात्रियों ने कहा — 'एयरपोर्ट जैसा लगता है'

सारांश

उदलगुरी के माजबाट रेलवे स्टेशन का अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प हुआ — लिफ्ट, फिल्टर, नई इमारत और नया प्लेटफॉर्म। यात्री कह रहे हैं 'एयरपोर्ट जैसा'। लेकिन व्यापारियों की ट्रेन-ठहराव की मांग अभी अधूरी है।

मुख्य बातें

माजबाट रेलवे स्टेशन , उदलगुरी, असम का अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास पूरा हुआ।
नई इमारत, नया प्रवेश द्वार, नया प्लेटफॉर्म, लिफ्ट , स्वच्छ पेयजल फिल्टर और बेहतर लाइटिंग की सुविधा जोड़ी गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही स्टेशन का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे; तारीख अभी घोषित नहीं।
डिब्रूगढ़ से देवघर तक एक साप्ताहिक ट्रेन शुरू हुई, लेकिन कामरूप एक्सप्रेस के ठहराव की मांग अभी अधूरी।
स्थानीय व्यापारियों ने ट्रेनों के एक मिनट से कम ठहराव को आजीविका के लिए चुनौती बताया।

असम के उदलगुरी जिले में स्थित माजबाट रेलवे स्टेशन का 'अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना' के अंतर्गत कायाकल्प किया गया है। नई इमारत, आधुनिक प्रवेश द्वार, उन्नत प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, स्वच्छ पेयजल फिल्टर और डिजिटल सुविधाओं से लैस यह स्टेशन अब पूरी तरह बदले हुए स्वरूप में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस स्टेशन का शीघ्र ही उद्घाटन करने वाले हैं।

मुख्य घटनाक्रम

केंद्र सरकार की अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत माजबाट स्टेशन पर व्यापक पुनर्विकास कार्य पूरा किया गया है। स्टेशन परिसर में नई इमारत, नया प्रवेश द्वार और नया प्लेटफॉर्म निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही लाइटिंग, पंखे, पीने के पानी के फिल्टर और बैठने की बेहतर व्यवस्था भी की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार देशभर के छोटे और मझोले रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर जोर दे रही है।

यात्रियों की प्रतिक्रिया

स्टेशन पर मौजूद एक यात्री ने कहा, 'माजबाट रेलवे स्टेशन पर एक नई इमारत, एक नया प्रवेश द्वार और एक नया प्लेटफॉर्म बनाया गया है। यहां नई ट्रेनें भी रुकेंगी। पहले की तुलना में स्टेशन का काफी विकास हुआ है।'

एक अन्य यात्री ने बताया, 'पहले यहां इतनी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन अब पानी का पंप भी है और बाकी सब कुछ ठीक है। पहले के मुकाबले यह कहीं ज्यादा विकसित हो गया है।' एक छात्रा ने विशेष रूप से बैठने की अधिक व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल फिल्टर और बेहतर सफाई का उल्लेख किया।

एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा, 'स्टेशन बहुत सुंदर लग रहा है और काफी आधुनिक हो गया है। यहां लाइटें, लिफ्ट और हर तरह की सुविधा मौजूद है। यह अब किसी हवाई अड्डे जैसा बन गया है।'

चिंताएं और अधूरी मांगें

सुधार के बावजूद, स्टेशन पर दुकान चलाने वाले एक व्यापारी ने कुछ अनसुलझी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि डिब्रूगढ़ से देवघर जाने वाली एक साप्ताहिक ट्रेन शुरू की गई है, लेकिन कामरूप एक्सप्रेस के ठहराव की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। उनके अनुसार, अधिकांश ट्रेनें यहां मुश्किल से एक मिनट के लिए रुकती हैं, जिससे यात्रियों को पानी की बोतल खरीदने तक का समय नहीं मिल पाता और कैंटीन संचालकों के लिए किराया चुकाना भी कठिन हो जाता है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि उदलगुरी जिला उत्तर-पूर्व भारत के उन क्षेत्रों में आता है जहां रेलवे संपर्क आर्थिक गतिविधि और रोजगार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। माजबाट स्टेशन के उन्नयन से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बल मिलने की उम्मीद है। नई ट्रेनों के ठहराव से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।

क्या होगा आगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्टेशन के आधिकारिक उद्घाटन की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को उम्मीद है कि उद्घाटन के साथ ट्रेनों के ठहराव का समय बढ़ाने और कामरूप एक्सप्रेस के रुकने की मांग पर भी विचार किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी वह है जो कैमरे में नहीं आती — ट्रेनों का ठहराव। जब एक कैंटीन संचालक कहता है कि यात्री पानी की बोतल खरीदने तक का समय नहीं पाते, तो यह बुनियादी ढांचे और परिचालन नीति के बीच की खाई को उजागर करता है। सुंदर इमारतें स्थानीय अर्थव्यवस्था को तभी गति देती हैं जब ट्रेनें रुकती हों। उत्तर-पूर्व भारत के छोटे स्टेशनों के लिए यह सवाल केंद्रीय है — और उद्घाटन से पहले इसका जवाब मिलना चाहिए।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माजबाट रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत क्या-क्या बदला?
माजबाट स्टेशन पर नई इमारत, नया प्रवेश द्वार, नया प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, स्वच्छ पेयजल फिल्टर, बेहतर बैठने की व्यवस्था और उन्नत लाइटिंग जोड़ी गई है। सफाई में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक योजना है जिसके तहत देशभर के छोटे और मझोले रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल सेवाओं और बेहतर यात्री सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जा रहा है। असम के उदलगुरी जिले का माजबाट स्टेशन इस योजना के अंतर्गत नवीनीकृत हुआ है।
माजबाट स्टेशन का उद्घाटन कब होगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माजबाट रेलवे स्टेशन का जल्द उद्घाटन करने वाले हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
माजबाट स्टेशन पर स्थानीय लोगों की क्या मांगें हैं?
स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों की प्रमुख मांग है कि कामरूप एक्सप्रेस का ठहराव माजबाट स्टेशन पर हो और अन्य ट्रेनों का रुकने का समय बढ़ाया जाए। फिलहाल अधिकांश ट्रेनें यहां एक मिनट से भी कम समय के लिए रुकती हैं।
माजबाट स्टेशन से कौन-सी नई ट्रेन शुरू हुई है?
डिब्रूगढ़ से देवघर जाने वाली एक साप्ताहिक ट्रेन माजबाट स्टेशन पर रुकने लगी है। हालांकि, स्थानीय लोगों की कामरूप एक्सप्रेस के ठहराव की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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