पूर्वी चीन सागर में 6.0 तीव्रता का भूकंप, जापान के नागासाकी से 597 किमी दूर समुद्र में आया झटका

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पूर्वी चीन सागर में 6.0 तीव्रता का भूकंप, जापान के नागासाकी से 597 किमी दूर समुद्र में आया झटका

सारांश

पूर्वी चीन सागर में बुधवार सुबह 6.0 तीव्रता के भूकंप ने क्षेत्रीय प्रशासन को सतर्क कर दिया। नागासाकी से 597 किमी दूर, 33 किमी गहराई पर आए इस झटके के साथ हिंद महासागर में भी 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ। अभी तक कोई हताहत या सुनामी चेतावनी नहीं।

मुख्य बातें

पूर्वी चीन सागर में 20 मई को सुबह 8:16 IST पर 6.0 तीव्रता का भूकंप आया।
भूकंप का केंद्र जापान के नागासाकी से 597 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, गहराई 33 किलोमीटर ।
अभी तक किसी जान-माल की हानि या सुनामी चेतावनी की पुष्टि नहीं।
उसी दिन सुबह 7:33 IST पर हिंद महासागर में 4.4 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज, केंद्र कैंपबेल खाड़ी से 644 किमी दूर।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NSC) ने दोनों घटनाओं की पुष्टि की और विस्तृत तकनीकी विवरण जारी किए।

पूर्वी चीन सागर में बुधवार, 20 मई को सुबह 8 बजकर 16 मिनट IST पर 6.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NSC) के अनुसार, भूकंप का केंद्र 27.523° उत्तर अक्षांश और 128.418° पूर्वी देशांतर पर था — जो जापान के नागासाकी शहर से लगभग 597 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है। अभी तक किसी जान-माल की हानि या सुनामी की कोई पुष्ट सूचना नहीं है।

भूकंप का केंद्र और गहराई

NSC के आँकड़ों के अनुसार, इस भूकंप की गहराई 33 किलोमीटर दर्ज की गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, 6.0 तीव्रता का भूकंप मध्यम श्रेणी में आता है। चूँकि इसका केंद्र समुद्र में था, इसलिए इसका प्रभाव मुख्य रूप से समुद्री तरंगों तक सीमित रहने की संभावना है। यदि यही झटका भूमि के भीतर आता, तो नुकसान की आशंका अधिक होती।

स्थानीय प्रशासन की सतर्कता

पूर्वी चीन सागर के इस क्षेत्र में कई द्वीप और तटीय बस्तियाँ हैं, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। हालाँकि अब तक किसी सुनामी चेतावनी की पुष्टि नहीं हुई है, तटीय निगरानी तंत्र सक्रिय कर दिए गए हैं।

हिंद महासागर में भी भूकंप के झटके

इससे कुछ ही देर पहले, सुबह 7 बजकर 33 मिनट IST पर हिंद महासागर में 4.4 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र 1.437° उत्तर अक्षांश और 95.503° पूर्वी देशांतर पर था, और गहराई मात्र 10 किलोमीटर रही। यह स्थान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कैंपबेल खाड़ी से लगभग 644 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व दिशा में था। 4.4 तीव्रता सामान्य श्रेणी में आती है और आमतौर पर इसे महसूस करना मुश्किल होता है।

भूकंप-प्रवण क्षेत्र: वैज्ञानिक पृष्ठभूमि

भारत का अंडमान-निकोबार क्षेत्र इंडियन प्लेट और बर्मा प्लेट के संधि-स्थल पर स्थित है, इसीलिए यहाँ भूकंपीय गतिविधि सामान्य मानी जाती है। उसी प्रकार, पूर्वी चीन सागर भी भूकंप की दृष्टि से सक्रिय क्षेत्रों में गिना जाता है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में भारत और आसपास के क्षेत्रों में हल्के भूकंपों की आवृत्ति बढ़ी है, जिसकी वैज्ञानिक लगातार निगरानी कर रहे हैं।

NSC की आधिकारिक जानकारी

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर दोनों भूकंपों के तकनीकी विवरण साझा किए। आने वाले घंटों में प्रभावित क्षेत्रों से और जानकारी मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भारत के अंडमान-निकोबार के निकट है। दो अलग-अलग महासागरीय क्षेत्रों में एक ही दिन भूकंपीय गतिविधि, और पिछले कुछ दिनों में बढ़ी आवृत्ति — यह वैज्ञानिक निगरानी की ज़रूरत को रेखांकित करता है। जन-सुरक्षा के नज़रिए से, सुनामी पूर्व-चेतावनी तंत्र की तत्परता पर ध्यान देना ज़रूरी है, खासकर तब जब तटीय आबादी वाले द्वीप इस दायरे में आते हैं।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्वी चीन सागर में आया 6.0 तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है?
6.0 तीव्रता का भूकंप मध्यम श्रेणी में आता है। चूँकि इसका केंद्र समुद्र में था और गहराई 33 किलोमीटर थी, इसलिए इसका प्रभाव मुख्यतः समुद्री तरंगों तक सीमित रह सकता है। अभी तक किसी जान-माल की हानि या सुनामी की पुष्ट सूचना नहीं है।
इस भूकंप का केंद्र कहाँ था?
भूकंप का केंद्र 27.523° उत्तर अक्षांश और 128.418° पूर्वी देशांतर पर था, जो जापान के नागासाकी शहर से लगभग 597 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम दिशा में पूर्वी चीन सागर में स्थित है।
क्या इस भूकंप से सुनामी का खतरा है?
अभी तक किसी आधिकारिक सुनामी चेतावनी की पुष्टि नहीं हुई है। हालाँकि क्षेत्र में कई द्वीप और तटीय इलाके होने के कारण स्थानीय प्रशासन सतर्क है और तटीय निगरानी तंत्र सक्रिय कर दिए गए हैं।
उसी दिन हिंद महासागर में भी भूकंप क्यों आया?
अंडमान-निकोबार क्षेत्र इंडियन प्लेट और बर्मा प्लेट के संधि-स्थल पर है, जहाँ भूकंपीय गतिविधि सामान्य मानी जाती है। 20 मई को सुबह 7:33 IST पर दर्ज 4.4 तीव्रता का भूकंप इसी भूकंपीय सक्रियता का हिस्सा है और इसे महसूस करना आमतौर पर मुश्किल होता है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NSC) क्या करता है?
NSC भारत में भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी करने वाली आधिकारिक संस्था है। यह भूकंप के केंद्र, गहराई और तीव्रता के तकनीकी विवरण जारी करती है और वैज्ञानिकों को लगातार निगरानी में सहायता करती है।
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