इंडोनेशिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी
सारांश
Key Takeaways
- इंडोनेशिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया।
- सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।
- भूकंप का केंद्र मोलुक्का सागर में था।
- इंडोनेशिया भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र है।
- पिछले महीने भी भूकंप आया था।
जकार्ता, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इंडोनेशिया में एक भयंकर भूकंप महसूस किया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, गुरुवार तड़के पूर्वी इंडोनेशिया के तट से दूर समुद्र में 7.4 तीव्रता का एक भूकंप आया। इसके बाद एक अमेरिकी निगरानी एजेंसी ने भूकंप के केंद्र से 1,000 किलोमीटर के दायरे में सुनामी की संभावना के बारे में चेतावनी दी।
यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप का केंद्र 1.20 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 126.35 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। चीन के भूकंप नेटवर्क केंद्र ने बताया कि यह भूकंप लगभग 30 किलोमीटर की गहराई पर आया।
यूएसजीएस ने यह भी बताया कि भूकंप की तीव्रता शुरू में 7.8 मापी गई थी और यह स्थानीय समय के अनुसार सुबह लगभग 6:48 बजे मोलुक्का सागर में आया।
हवाई स्थित पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने एक अलर्ट जारी किया है जिसमें कहा गया है कि भूकंप के केंद्र से 1,000 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक सुनामी लहरें उत्पन्न हो सकती हैं, विशेषकर इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया के तटीय क्षेत्रों में। यूएसजीएस ने भी इस संबंध में चेतावनी दी है।
इंडोनेशिया विश्व के सबसे भूकंपीय सक्रिय क्षेत्रों में से एक है, क्योंकि यह 'प्रशांत अग्नि वलय' पर स्थित है। यह ज्वालामुखियों और भ्रंश रेखाओं का एक विशाल 40,000 किलोमीटर लंबा चाप है, जो टेक्टोनिक प्लेटों की आपसी हलचल से बना है।
यह घोड़े की नाल के आकार की बेल्ट, जो प्रशांत महासागर को घेरती है, दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंपों का कारण बनती है और इसे अपनी लगातार भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
यूएसजीएस के अनुसार, पिछले महीने ही 3 मार्च को सुमात्रा के तट से दूर समुद्र में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इससे स्थानीय लोग भयभीत हो गए थे, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था। यह भूकंप सुमात्रा के उत्तर-पूर्वी सिरे के पास उत्पन्न हुआ था, जिसके कारण कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर भाग गए थे।
इस बीच, इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने इस भूकंप की तीव्रता 6.4 दर्ज की और बताया कि यह 13 किलोमीटर की गहराई पर आया था।