उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का अनावरण, 2 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए
सारांश
Key Takeaways
- अंतिम मतदाता सूची में 13.39 करोड़ मतदाता शामिल हैं।
- 2 करोड़ 4 लाख 45 हजार 300 नाम हटाए गए।
- 84,28,767 नए मतदाता जुड़े हैं।
- 18-19 आयु वर्ग में वृद्धि।
- जेंडर रेशियो 834 हो गया है।
लखनऊ, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में 166 दिनों तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईएआर)-2026 के बाद अंतिम मतदाता सूची का अनावरण किया गया है। इस संशोधित सूची में कुल 13.39 करोड़ मतदाता शामिल किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 2 करोड़ 4 लाख 45 हजार 300 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। बावजूद इसके, राज्य में 84,28,767 नए मतदाता जुड़ गए हैं।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि अंतिम निर्वाचक नामावली में कुल 13,39,84,792 मतदाता हैं। इनमें 7,30,71,061 पुरुष (54.54 प्रतिशत), 6,09,09,525 महिलाएं (45.46 प्रतिशत) और 4,206 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 2 करोड़ 4 लाख 45 हजार 300 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जबकि 84,28,767 नए मतदाता जुड़े हैं। अक्टूबर 2025 में जब मतदाता सूची स्थिर की गई थी, तब प्रदेश में लगभग 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार मतदाता दर्ज थे।
इसके बाद 6 जनवरी 2026 को जारी मसौदा सूची में यह संख्या घटकर 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 रह गई। 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चले एसआईआर अभियान के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई है। अब मतदाता अपने नाम को ऑनलाइन भी आसानी से जांच सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 27 अक्तूबर 2025 को फ्रीज मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता थे, जो विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद घटकर 13.39 करोड़ रह गए। यानी कुल मिलाकर 2.05 करोड़ मतदाता सूची से बाहर हुए। हालाँकि, 6 जनवरी 2026 को जारी मसौदा सूची (12.55 करोड़) के मुकाबले अंतिम सूची में 84,28,767 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। इस वृद्धि में पुरुषों की संख्या 42.27 लाख, महिलाओं की 42 लाख, और तृतीय लिंग के 87 मतदाता शामिल हैं। 18-19 आयु वर्ग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 3.33 लाख से बढ़कर 17.63 लाख हो गई है, जो कुल मतदाताओं का 1.32 प्रतिशत है। जेंडर रेशियो भी 824 से बढ़कर 834 हो गया है।
मतदाता संख्या में सर्वाधिक वृद्धि वाले जिलों में प्रयागराज (3.29 लाख), लखनऊ (2.85 लाख), बरेली (2.57 लाख), गाजियाबाद (2.43 लाख) और जौनपुर (2.37 लाख) शामिल हैं। विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद शीर्ष पर रहे। विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चला, जिसमें 75 जिलों में 5.82 लाख से अधिक बूथ स्तर एजेंटों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के तहत 6 जनवरी6 जनवरी6 मार्च तक दावा-आपत्ति का दौर चला।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मसौदा सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस और निर्धारित प्रक्रिया के नहीं हटाया गया। करीब 1.04 करोड़ मामलों में मिलान नहीं हुआ और 2.22 करोड़ में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, जिन पर शत-प्रतिशत नोटिस जारी कर सुनवाई की गई। शिकायत निस्तारण में यूपी नंबर-1 राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (एनजीएसपी) पर उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। 1.08 लाख शिकायतों में से 99.8 फीसदी8.63 लाख कॉल बुक हुईं, जिनमें 97 प्रतिशत5 और जिला स्तर पर 3090 बैठकों का आयोजन किया गया। विभिन्न दलों के 5.82 लाख बूथ स्तर एजेंट इस प्रक्रिया में शामिल हुए। कुल 107 ज्ञापन प्राप्त हुए, जिनमें 85
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल नहीं हो सके हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट व्यक्ति 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के पास और उसके बाद 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।