सेवा क्षेत्र में बड़ी छलांग: अप्रैल 2026 में 19 में से 14 उप-क्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि, आवास-खानपान में 37.2% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 14 जुलाई 2026 को ट्रायल इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) जारी किया, जिसके अनुसार अप्रैल 2026 में भारत के 19 सेवा उप-क्षेत्रों में से 14 ने अप्रैल 2025 की तुलना में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की। इस सूचकांक का आधार वर्ष 2024-25 रखा गया है और यह पहली बार है जब भारत के औपचारिक सेवा क्षेत्र की मासिक गतिविधियों का इतने विस्तृत स्तर पर आकलन उपलब्ध कराया गया है।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले उप-क्षेत्र
आँकड़ों के अनुसार, आवास एवं खानपान क्षेत्र ने सबसे अधिक 37.2% की वृद्धि दर्ज की। इसके बाद खुदरा व्यापार में 30.8%, प्रशासनिक एवं सहयोगी सेवाओं में 28.7% और रियल एस्टेट क्षेत्र में 27.7% की वृद्धि रही। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि लगभग सभी सेवा श्रेणियों में सकारात्मक वृद्धि देखी गई है।
ISP की कवरेज और कार्यप्रणाली
यह 19 उप-क्षेत्र मिलकर देश के कुल सेवा क्षेत्र की लगभग 60% गतिविधियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। सूचकांक मुख्यतः जीएसटी (GST) और प्रशासनिक आँकड़ों पर आधारित है, इसलिए इसमें केवल औपचारिक क्षेत्र की कंपनियाँ शामिल हैं। सरकारी गतिविधियाँ, गैर-बाज़ार सेवाएँ और असंगठित क्षेत्र की सेवाएँ फिलहाल इसके दायरे से बाहर हैं।
हवाई परिवहन, रेलवे, माल ढुलाई जल परिवहन, बैंकिंग और बीमा जैसे क्षेत्रों के लिए प्रशासनिक और द्वितीयक आँकड़ों का उपयोग किया गया। वहीं थोक व्यापार, खुदरा व्यापार, आईटी सेवाएँ, दूरसंचार, वेयरहाउसिंग और कला एवं मनोरंजन सहित अन्य क्षेत्रों के लिए GST डेटा का उपयोग किया गया। कीमतों के प्रभाव को समायोजित करने के लिए थोक व्यापार में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और अधिकांश अन्य क्षेत्रों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) या उसके उपयुक्त विकल्प का इस्तेमाल किया गया।
तकनीकी समिति की भूमिका
मई 2025 में गठित टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ऑन इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (TAC-ISP) ने इस सूचकांक की अवधारणा और कार्यप्रणाली विकसित की। इस समिति में शिक्षाविदों, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों और विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी शामिल थे। मंत्रालय ने बताया कि भविष्य में उप-क्षेत्रीय सूचकांकों की स्थिरता और विश्वसनीयता का अध्ययन करने के बाद एक समग्र ओवरऑल ISP भी जारी किया जाएगा।
सांख्यिकीय प्रणाली के लिए महत्व
मंत्रालय के अनुसार, सेवा क्षेत्र देश की कुल आर्थिक गतिविधियों में आधे से अधिक का योगदान देता है, इसलिए इसकी नियमित और सटीक निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि अब तक भारत में सेवा क्षेत्र की मासिक गतिविधियों का कोई व्यापक आधिकारिक सूचकांक उपलब्ध नहीं था। फिलहाल ISP को प्रायोगिक आधार पर प्रकाशित किया जा रहा है ताकि विशेषज्ञों और हितधारकों से सुझाव प्राप्त किए जा सकें और भविष्य में इसे और अधिक व्यापक बनाया जा सके।