14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सेवा क्षेत्र में बड़ी छलांग: अप्रैल 2026 में 19 में से 14 उप-क्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि, आवास-खानपान में 37.2% उछाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सेवा क्षेत्र में बड़ी छलांग: अप्रैल 2026 में 19 में से 14 उप-क्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि, आवास-खानपान में 37.2% उछाल

सारांश

भारत के सेवा क्षेत्र की निगरानी में एक ऐतिहासिक कदम — MoSPI ने पहली बार मासिक ISP जारी किया। अप्रैल 2026 में 19 में से 14 उप-क्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि, आवास-खानपान में 37.2% की छलांग। यह सूचकांक देश की 60% सेवा गतिविधियों को कवर करता है और GST डेटा पर आधारित है।

मुख्य बातें

MoSPI ने 14 जुलाई 2026 को पहली बार ट्रायल इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) जारी किया, आधार वर्ष 2024-25 ।
अप्रैल 2026 में 19 सेवा उप-क्षेत्रों में से 14 ने अप्रैल 2025 की तुलना में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की।
सर्वाधिक वृद्धि आवास एवं खानपान में 37.2% , इसके बाद खुदरा व्यापार में 30.8% और रियल एस्टेट में 27.7% ।
ये 19 उप-क्षेत्र देश के कुल सेवा क्षेत्र की लगभग 60% गतिविधियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सूचकांक GST और प्रशासनिक आँकड़ों पर आधारित; असंगठित क्षेत्र और सरकारी सेवाएँ फिलहाल इसमें शामिल नहीं।
फिलहाल ISP प्रायोगिक आधार पर जारी; स्थिरता परीक्षण के बाद समग्र ISP भी प्रकाशित किया जाएगा।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 14 जुलाई 2026 को ट्रायल इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) जारी किया, जिसके अनुसार अप्रैल 2026 में भारत के 19 सेवा उप-क्षेत्रों में से 14 ने अप्रैल 2025 की तुलना में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की। इस सूचकांक का आधार वर्ष 2024-25 रखा गया है और यह पहली बार है जब भारत के औपचारिक सेवा क्षेत्र की मासिक गतिविधियों का इतने विस्तृत स्तर पर आकलन उपलब्ध कराया गया है।

शीर्ष प्रदर्शन करने वाले उप-क्षेत्र

आँकड़ों के अनुसार, आवास एवं खानपान क्षेत्र ने सबसे अधिक 37.2% की वृद्धि दर्ज की। इसके बाद खुदरा व्यापार में 30.8%, प्रशासनिक एवं सहयोगी सेवाओं में 28.7% और रियल एस्टेट क्षेत्र में 27.7% की वृद्धि रही। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि लगभग सभी सेवा श्रेणियों में सकारात्मक वृद्धि देखी गई है।

ISP की कवरेज और कार्यप्रणाली

यह 19 उप-क्षेत्र मिलकर देश के कुल सेवा क्षेत्र की लगभग 60% गतिविधियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। सूचकांक मुख्यतः जीएसटी (GST) और प्रशासनिक आँकड़ों पर आधारित है, इसलिए इसमें केवल औपचारिक क्षेत्र की कंपनियाँ शामिल हैं। सरकारी गतिविधियाँ, गैर-बाज़ार सेवाएँ और असंगठित क्षेत्र की सेवाएँ फिलहाल इसके दायरे से बाहर हैं।

हवाई परिवहन, रेलवे, माल ढुलाई जल परिवहन, बैंकिंग और बीमा जैसे क्षेत्रों के लिए प्रशासनिक और द्वितीयक आँकड़ों का उपयोग किया गया। वहीं थोक व्यापार, खुदरा व्यापार, आईटी सेवाएँ, दूरसंचार, वेयरहाउसिंग और कला एवं मनोरंजन सहित अन्य क्षेत्रों के लिए GST डेटा का उपयोग किया गया। कीमतों के प्रभाव को समायोजित करने के लिए थोक व्यापार में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और अधिकांश अन्य क्षेत्रों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) या उसके उपयुक्त विकल्प का इस्तेमाल किया गया।

तकनीकी समिति की भूमिका

मई 2025 में गठित टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ऑन इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (TAC-ISP) ने इस सूचकांक की अवधारणा और कार्यप्रणाली विकसित की। इस समिति में शिक्षाविदों, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों और विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी शामिल थे। मंत्रालय ने बताया कि भविष्य में उप-क्षेत्रीय सूचकांकों की स्थिरता और विश्वसनीयता का अध्ययन करने के बाद एक समग्र ओवरऑल ISP भी जारी किया जाएगा।

सांख्यिकीय प्रणाली के लिए महत्व

मंत्रालय के अनुसार, सेवा क्षेत्र देश की कुल आर्थिक गतिविधियों में आधे से अधिक का योगदान देता है, इसलिए इसकी नियमित और सटीक निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि अब तक भारत में सेवा क्षेत्र की मासिक गतिविधियों का कोई व्यापक आधिकारिक सूचकांक उपलब्ध नहीं था। फिलहाल ISP को प्रायोगिक आधार पर प्रकाशित किया जा रहा है ताकि विशेषज्ञों और हितधारकों से सुझाव प्राप्त किए जा सकें और भविष्य में इसे और अधिक व्यापक बनाया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी अब तक इसकी मासिक निगरानी के लिए कोई आधिकारिक सूचकांक नहीं था। हालाँकि, यह ध्यान देने योग्य है कि यह सूचकांक केवल औपचारिक क्षेत्र को कवर करता है, जबकि भारत की सेवा अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र में है — जो इन आँकड़ों की व्याख्या को सीमित करता है। 37.2% जैसी वृद्धि दरें आकर्षक हैं, लेकिन ये आधार वर्ष के प्रभाव और औपचारिकीकरण की गति को भी दर्शाती हैं, न कि केवल वास्तविक माँग विस्तार को। समग्र ISP जारी होने तक नीति-निर्माताओं और विश्लेषकों को इन आँकड़ों को सावधानी से पढ़ना होगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (ISP) क्या है?
ISP एक मासिक सूचकांक है जिसे MoSPI ने पहली बार जारी किया है और जो भारत के औपचारिक सेवा क्षेत्र की अल्पकालिक गतिविधियों का आकलन करता है। यह 19 उप-क्षेत्रों को कवर करता है, जो देश के कुल सेवा क्षेत्र का लगभग 60% हिस्सा हैं, और इसका आधार वर्ष 2024-25 है।
अप्रैल 2026 में किन सेवा उप-क्षेत्रों में सबसे अधिक वृद्धि हुई?
आँकड़ों के अनुसार, आवास एवं खानपान में 37.2%, खुदरा व्यापार में 30.8%, प्रशासनिक एवं सहयोगी सेवाओं में 28.7% और रियल एस्टेट में 27.7% की वृद्धि दर्ज की गई। कुल 19 में से 14 उप-क्षेत्रों ने दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की।
ISP किन आँकड़ों पर आधारित है और इसमें क्या शामिल नहीं है?
यह सूचकांक मुख्यतः GST और प्रशासनिक आँकड़ों पर आधारित है। इसमें केवल औपचारिक क्षेत्र की कंपनियाँ शामिल हैं; सरकारी गतिविधियाँ, गैर-बाज़ार सेवाएँ और असंगठित क्षेत्र की सेवाएँ फिलहाल इसके दायरे से बाहर हैं।
ISP अभी प्रायोगिक आधार पर क्यों जारी किया जा रहा है?
मंत्रालय के अनुसार, प्रायोगिक प्रकाशन का उद्देश्य आँकड़ों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता का परीक्षण करना और विशेषज्ञों व हितधारकों से सुझाव प्राप्त करना है। उप-क्षेत्रीय सूचकांकों की स्थिरता सुनिश्चित होने के बाद ही समग्र ISP जारी किया जाएगा।
TAC-ISP समिति क्या है और इसने क्या भूमिका निभाई?
मई 2025 में गठित टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी ऑन ISP (TAC-ISP) ने इस सूचकांक की अवधारणा और कार्यप्रणाली विकसित की। इसमें शिक्षाविद, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले