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भारत की GDP वृद्धि दर FY2025-26 में 7.7%, वैश्विक अस्थिरता के बीच मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज का दमदार प्रदर्शन

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भारत की GDP वृद्धि दर FY2025-26 में 7.7%, वैश्विक अस्थिरता के बीच मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज का दमदार प्रदर्शन

सारांश

वैश्विक अस्थिरता और अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद भारत की रियल GDP वृद्धि दर FY2025-26 में 7.7% रही — पिछले साल के 7.1% से तेज़। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज क्षेत्र ने दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज कर इस रफ़्तार को थामे रखा।

मुख्य बातें

भारत की रियल GDP वृद्धि दर FY 2025-26 में 7.7% रही, जो FY2024-25 के 7.1% से अधिक है।
नॉमिनल GDP वृद्धि दर 8.9% ; रियल GVA 7.9% और नॉमिनल GVA 9.1% बढ़ा।
द्वितीयक क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग) 8.8% और तृतीयक क्षेत्र (सर्विसेज) 9.3% की दर से बढ़ा।
प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, मत्स्य पालन) की वृद्धि दर 3.2% रही।
चौथी तिमाही ( जनवरी–मार्च 2026 ) में रियल GDP वृद्धि 7.8% और नॉमिनल GDP 9.1% रही।
सरकार ने पहली बार नए आधार वर्ष 2022-23 के आधार पर GDP डेटा जारी किया, पुराना आधार वर्ष 2011-12 था।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा 5 जून 2026 को जारी आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत रही — जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के अंतिम आँकड़े 7.1 प्रतिशत से उल्लेखनीय रूप से अधिक है। यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका-ईरान तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुज़र रही है।

मुख्य आँकड़े एक नज़र में

मंत्रालय के डेटा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश की नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रही। इसी अवधि में रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) में 7.9 प्रतिशत और नॉमिनल GVA में 9.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ये आँकड़े नए आधार वर्ष 2022-23 के आधार पर जारी किए गए हैं, जिसे केंद्र सरकार ने 27 फरवरी 2026 को अपनाया था — पहले यह 2011-12 था।

द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र की अगुवाई

विकास की इस रफ़्तार में द्वितीयक क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग) और तृतीयक क्षेत्र (सर्विसेज) की भूमिका सबसे बड़ी रही। स्थिर कीमतों पर इन दोनों की वृद्धि दर क्रमश: 8.8 प्रतिशत और 9.3 प्रतिशत रही। विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन, ब्रॉडकास्टिंग, स्टोरेज, फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर में स्थिर और मौजूदा — दोनों कीमतों पर — वृद्धि दर दोहरे अंकों में रही।

वहीं, प्राथमिक क्षेत्र — जिसमें कृषि और मत्स्य पालन शामिल हैं — की वृद्धि दर अपेक्षाकृत कम, 3.2 प्रतिशत, रही। यह संकेत देता है कि ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था की रफ़्तार अभी भी औद्योगिक और सेवा क्षेत्र से पीछे है।

चौथी तिमाही का प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी–मार्च 2026) में देश की रियल जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत और नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 9.1 प्रतिशत रही। इस तिमाही में रियल GVA 7.9 प्रतिशत और नॉमिनल GVA 9.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा। द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र की वृद्धि दर इस तिमाही में क्रमश: 7.9 प्रतिशत और 9.9 प्रतिशत रही।

नया आधार वर्ष: क्या बदला

सरकार ने इस बार पहली बार नए आधार वर्ष 2022-23 के आधार पर जीडीपी डेटा प्रकाशित किया है। यह बदलाव आँकड़ों की तुलनात्मकता और सटीकता को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी था, क्योंकि पुराना आधार वर्ष 2011-12 भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा संरचना को सटीक रूप से नहीं दर्शाता था।

वैश्विक संदर्भ में भारत की स्थिति

गौरतलब है कि यह वृद्धि दर ऐसे वैश्विक माहौल में हासिल हुई है जहाँ अमेरिका-ईरान तनाव, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका बनी हुई है। आँकड़ों के अनुसार, भारत इस समय दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार बना हुआ है। आने वाली तिमाहियों में घरेलू खपत और सरकारी पूँजीगत व्यय की दिशा यह तय करेगी कि यह गति बरकरार रहती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी असली कसौटी यह है कि क्या यह रफ़्तार रोज़गार और ग्रामीण आय में तब्दील हो रही है — क्योंकि कृषि क्षेत्र की 3.2% वृद्धि दर्शाती है कि तेज़ी का फायदा असमान रूप से बँट रहा है। नए आधार वर्ष 2022-23 के कारण पुराने आँकड़ों से सीधी तुलना भ्रामक हो सकती है, और यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या पद्धति में बदलाव ने वृद्धि दर को ऊपर की ओर प्रभावित किया। वैश्विक मंदी की आशंकाओं के बीच घरेलू खपत और पूँजीगत व्यय की टिकाऊ क्षमता ही यह तय करेगी कि भारत 'सबसे तेज़ बड़ी अर्थव्यवस्था' का दर्जा बनाए रख सकता है या नहीं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर कितनी रही?
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, FY2025-26 में भारत की रियल GDP वृद्धि दर 7.7% रही, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 7.1% से अधिक है। नॉमिनल GDP वृद्धि दर 8.9% रही।
GDP वृद्धि में किस क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान रहा?
द्वितीयक क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग) और तृतीयक क्षेत्र (सर्विसेज) ने क्रमश: 8.8% और 9.3% की वृद्धि दर के साथ सबसे बड़ा योगदान दिया। मैन्युफैक्चरिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और ट्रेड जैसे उपक्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।
FY2025-26 की चौथी तिमाही में जीडीपी कितनी रही?
जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में रियल GDP वृद्धि दर 7.8% और नॉमिनल GDP वृद्धि दर 9.1% रही। इस तिमाही में रियल GVA 7.9% और नॉमिनल GVA 9.9% की दर से बढ़ा।
नया GDP आधार वर्ष 2022-23 क्यों अपनाया गया?
केंद्र सरकार ने 27 फरवरी 2026 को GDP डेटा के लिए नया आधार वर्ष 2022-23 अपनाया, जो पहले 2011-12 था। यह बदलाव इसलिए किया गया ताकि आँकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा संरचना को अधिक सटीक रूप से दर्शा सकें।
कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन कैसा रहा?
प्राथमिक क्षेत्र, जिसमें कृषि और मत्स्य पालन शामिल हैं, की वृद्धि दर FY2025-26 में 3.2% रही — जो मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज क्षेत्र की तुलना में काफी कम है। यह असमानता ग्रामीण और शहरी आर्थिक विकास के बीच की खाई को रेखांकित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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