4 सितंबर 2026
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बाघेई का दावा: ईरान के हमले सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर, कतर के ITU दस्तावेज का हवाला

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बाघेई का दावा: ईरान के हमले सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर, कतर के ITU दस्तावेज का हवाला

सारांश

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बाघेई ने ITU को सौंपे कतर के दस्तावेज का हवाला देकर दावा किया कि कतर की धरती पर ईरान के हमले केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर थे। संयुक्त राष्ट्र ने छह महीने के संघर्ष के बाद दोनों देशों से कूटनीतिक बातचीत फिर शुरू करने की अपील की है।

मुख्य बातें

ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 4 सितंबर को एक्स पर पोस्ट कर कतर के ITU दस्तावेज का हवाला दिया।
दस्तावेज के अनुसार, ईरान के हमले केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर थे — किसी नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया।
कतर का एकमात्र आरोप 18 मार्च को एक गैस फैसिलिटी पर हमले को लेकर था, जिसे ईरान ने सैन्य उपयोग में बताया।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान से कूटनीतिक बातचीत फिर शुरू करने की अपील की।
अमेरिका-ईरान संघर्ष को छह महीने पूरे हो चुके हैं, बातचीत अभी ठप है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 4 सितंबर को कतर सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) को सौंपे गए एक आधिकारिक दस्तावेज का हवाला देते हुए कतर की धरती पर ईरान द्वारा किए गए हमलों का बचाव किया। बाघेई के अनुसार, उस दस्तावेज में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि ईरान के जवाबी हमले विशेष रूप से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लक्षित थे और किसी भी नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया।

दस्तावेज में क्या कहा गया

बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि कतर सरकार ने ITU को सौंपे गए अपने आधिकारिक दस्तावेज में यह स्वीकार किया है कि ईरान के हमले 'अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे' और 'किसी भी नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया था।' यह दावा ईरान के उस आधिकारिक रुख को पुष्ट करता है जिसमें वह अपनी कार्रवाई को जवाबी और लक्षित बताता रहा है।

गैस फैसिलिटी हमले पर ईरान का पक्ष

बाघेई ने स्वीकार किया कि कतर की ओर से लगाया गया एकमात्र आरोप 18 मार्च को एक गैस फैसिलिटी पर हुए हमले को लेकर था। हालांकि, ईरान का तर्क है कि उस दिन जिन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, वे ईरान के विरुद्ध अमेरिकी सैन्य अभियानों में सक्रिय रूप से इस्तेमाल हो रहे थे। बाघेई ने इसे ईरान की 'रक्षात्मक और नैतिक' कार्रवाई करार दिया।

अमेरिका पर पलटवार

बाघेई के बयान में अमेरिका के 'लंबे रिकॉर्ड' का भी उल्लेख किया गया, जिसमें कथित तौर पर स्कूलों, अस्पतालों, रिहायशी इलाकों, शादी समारोहों, पुलों और अन्य नागरिक ठिकानों पर जानबूझकर हमले करने के आरोप शामिल हैं। बाघेई ने कहा कि एक सभ्य देश — जिसने कठिन परिस्थितियों में भी नैतिक और मानवीय सिद्धांतों का पालन किया हो — और उन शासकों के बीच 'बहुत बड़ा अंतर' होता है जो शक्ति-प्रदर्शन के लिए कानून और नैतिकता की परवाह नहीं करते।

संयुक्त राष्ट्र की अपील

संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका और ईरान दोनों से कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, 'यह चल रहे संघर्ष के छह महीने पूरे होने का एक दुखद पड़ाव है। हम फिर से जोर देते हैं कि इसका एकमात्र समाधान कूटनीतिक समाधान है।' महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से 'सार्थक बातचीत' करने की अपील की है।

आगे क्या

युद्ध के छह महीने बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत ठप है। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच गहरे अविश्वास को देखते हुए कूटनीतिक सफलता की राह अभी लंबी दिखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ 'दोहरे उपयोग' का तर्क अक्सर विवादास्पद रहता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस्माइल बाघेई ने ITU दस्तावेज का हवाला क्यों दिया?
बाघेई ने कतर सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) को सौंपे गए आधिकारिक दस्तावेज का हवाला देकर यह साबित करने की कोशिश की कि कतर की धरती पर ईरान के हमले केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर थे और किसी नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया। यह ईरान की अपनी कार्रवाई को 'लक्षित और नैतिक' ठहराने की कूटनीतिक कोशिश है।
18 मार्च की गैस फैसिलिटी पर हमले को लेकर ईरान का क्या कहना है?
ईरान का कहना है कि 18 मार्च को जिस गैस फैसिलिटी पर हमला हुआ, वह उस समय ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में इस्तेमाल हो रही थी, इसलिए वह एक वैध सैन्य लक्ष्य था। यह दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका-ईरान संघर्ष पर क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान दोनों से कूटनीतिक बातचीत फिर शुरू करने का आग्रह किया है। प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संघर्ष के छह महीने पूरे होना एक 'दुखद पड़ाव' है और इसका 'एकमात्र समाधान कूटनीतिक समाधान है।'
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष कितने समय से जारी है?
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच यह संघर्ष छह महीने से जारी है और इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत ठप रही है। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं।
ईरान के हमलों में नागरिक क्षेत्र प्रभावित हुए या नहीं?
ईरान के प्रवक्ता बाघेई के अनुसार, कतर के ITU दस्तावेज में यह दर्ज है कि ईरान के हमलों में किसी नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया। हालांकि, 18 मार्च की गैस फैसिलिटी पर हमले को लेकर कतर ने आपत्ति दर्ज कराई थी, जिस पर ईरान ने अपना अलग पक्ष रखा है।
राष्ट्र प्रेस
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