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ईरान का दावा: अमेरिकी ठिकानों पर हमला आत्मरक्षा में किया, EU पर 'पाखंड' का आरोप

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ईरान का दावा: अमेरिकी ठिकानों पर हमला आत्मरक्षा में किया, EU पर 'पाखंड' का आरोप

सारांश

ईरान ने अमेरिकी क्षेत्रीय ठिकानों पर हमले को आत्मरक्षा का वैध अधिकार बताया। प्रवक्ता बाघेई ने EU पर 'पाखंड' का आरोप लगाया और अमेरिका-ईरान वार्ता में देरी के लिए वाशिंगटन के बदलते रुख को जिम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें

ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 1 जून को कहा कि अमेरिका के क्षेत्रीय ठिकानों पर हमला आत्मरक्षा के कानूनी अधिकार के तहत किया गया।
कुवैत द्वारा अपनी धरती पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का उल्लेख करने के बाद यह बयान सामने आया।
बाघेई ने EU पर 'चुनिंदा नैतिक प्रतिक्रिया' और 'पाखंड' का आरोप लगाया।
लेबनान पर इज़रायली हमलों के बीच ईरान ने सीजफायर को किसी भी समझौते की अनिवार्य शर्त बताया।
अमेरिका-ईरान वार्ता में देरी के लिए अविश्वास, वाशिंगटन के विरोधाभासी रुख और लेबनान संघर्ष को जिम्मेदार ठहराया गया।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 1 जून को स्पष्ट किया कि तेहरान ने अमेरिका के क्षेत्रीय ठिकानों और संपत्तियों पर जो जवाबी कार्रवाई की, वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत प्राप्त आत्मरक्षा के अधिकार के अनुरूप है। यह बयान उस समय आया जब कुवैत ने अपनी धरती पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का उल्लेख किया था।

ईरान का पक्ष: जवाबी कार्रवाई क्यों?

बाघेई ने कहा कि जिन क्षेत्रीय ठिकानों और संपत्तियों का उपयोग ईरान के विरुद्ध हवाई हमलों के लिए किया जा रहा है, उन पर प्रतिक्रिया देना ईरान का अधिकार है। उनके अनुसार, कोई भी देश यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है कि उसकी भूमि या संसाधनों का इस्तेमाल किसी अन्य देश पर आक्रमण के लिए न हो।

बाघेई ने यह बात एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में भी दोहराई, जिसमें उन्होंने देशों की इस जिम्मेदारी को रेखांकित किया।

EU पर 'चुनिंदा नैतिकता' का आरोप

ईरानी प्रवक्ता ने यूरोपीय संघ (EU) पर तीखा हमला बोला और कहा कि वह इस संघर्ष में 'चुनिंदा नैतिक प्रतिक्रिया' दे रहा है। उन्होंने EU के उस बयान को 'पाखंड और लापरवाही' का प्रतीक बताया, जिसमें ईरान की कार्रवाई को आत्मरक्षा के नाम पर गलत ठहराया गया था।

गौरतलब है कि EU की विदेश सेवा ने हाल ही में कुवैत पर कथित ईरानी हमलों की आलोचना करते हुए उन्हें कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार दिया था। बाघेई ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस विशेष EU बयान का संदर्भ दे रहे थे।

लेबनान और इज़रायल पर ईरान का रुख

साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बाघेई ने लेबनान पर इज़रायल के बढ़ते सैन्य अभियान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, "लेबनान में संघर्ष समाप्त करने के लिए किसी भी समझौते की एक अनिवार्य शर्त सीजफायर है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब इज़रायल लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर रहा है।

अमेरिका-ईरान वार्ता में देरी के कारण

बाघेई ने अमेरिका-ईरान कूटनीतिक प्रक्रिया में आ रही देरी के लिए तीन प्रमुख कारण गिनाए — अविश्वास का माहौल, वाशिंगटन के विरोधाभासी रुख, और लेबनान पर इज़रायली हमले

उन्होंने कहा, "वार्ता गंभीर संदेह और अविश्वास के माहौल में शुरू हुई है और इसी माहौल में संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। दूसरा पक्ष लगातार अपने विचार बदल रहा है और नई या विरोधाभासी शर्तें रख रहा है, इसलिए बातचीत का लंबा खिंचना स्वाभाविक है।"

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और कई मोर्चों पर एक साथ कूटनीतिक व सैन्य दबाव बना हुआ है। ईरान की यह स्थिति स्पष्ट करती है कि जब तक अमेरिका और उसके सहयोगी क्षेत्रीय हमलों में भागीदार बने रहेंगे, तेहरान जवाबी कार्रवाई को वैध मानता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो युद्धविराम की संभावना सिकुड़ती जाती है। EU की आलोचना को 'पाखंड' कहना कूटनीतिक दबाव से बचने की रणनीति भी हो सकती है। अमेरिका-ईरान वार्ता में देरी के लिए 'विरोधाभासी शर्तों' का हवाला देना बताता है कि तेहरान बातचीत की विफलता की जिम्मेदारी पहले से वाशिंगटन पर डालने की स्थिति बना रहा है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले को आत्मरक्षा क्यों बताया?
ईरानी प्रवक्ता बाघेई के अनुसार, जिन क्षेत्रीय ठिकानों का उपयोग ईरान पर हवाई हमलों के लिए किया जा रहा था, उन पर जवाबी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून में मान्यता प्राप्त आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई।
कुवैत का इस विवाद से क्या संबंध है?
कुवैत ने अपनी धरती पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का उल्लेख किया था, जिसके बाद ईरान का यह बयान सामने आया। EU ने इन कथित हमलों को कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था।
ईरान ने EU पर क्या आरोप लगाए?
बाघेई ने EU पर 'चुनिंदा नैतिक प्रतिक्रिया' और 'पाखंड' का आरोप लगाया। उनका कहना था कि EU ईरान की कार्रवाई को गलत बताते हुए क्षेत्र में अन्य हिंसा पर चुप्पी साध लेता है।
अमेरिका-ईरान वार्ता में देरी क्यों हो रही है?
बाघेई ने तीन कारण गिनाए — दोनों पक्षों के बीच गहरा अविश्वास, अमेरिका के बदलते और विरोधाभासी रुख, और लेबनान पर इज़रायल के जारी हमले। उनके अनुसार इन कारणों से वार्ता का लंबा खिंचना स्वाभाविक है।
लेबनान पर ईरान का क्या रुख है?
ईरान ने स्पष्ट किया है कि लेबनान में किसी भी शांति समझौते के लिए सीजफायर अनिवार्य शर्त है। यह बयान ऐसे समय में आया जब इज़रायल लेबनान में अपना सैन्य अभियान बढ़ा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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