तेहरान की चेतावनी: ब्रिटेन की भागीदारी बढ़ी, तो मिलेगा जवाब
सारांश
Key Takeaways
- तेहरान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष में भागीदारी बढ़ी तो जवाब देगा।
- ईरान ने डिएगो गार्सिया पर मिसाइलें दागीं, जो उनकी मिसाइल क्षमताओं को दर्शाता है।
- ब्रिटेन का सैन्य सहयोग तनाव को बढ़ा सकता है।
- कीर स्टार्मर ने कहा है कि वे कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं।
- युवाओं की राय का अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है।
तेहरान, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल और अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष के बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने यूनाइटेड किंगडम को गंभीर चेतावनी दी है। शनिवार को उन्होंने कहा कि यदि ब्रिटेन की संघर्ष में भागीदारी बढ़ती है, तो तेहरान इसका जवाब देने के लिए तैयार है।
अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "ब्रिटेन की अधिकांश जनता ईरान के खिलाफ इजरायल-अमेरिका के युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहती। कीर स्टार्मर अपने ही नागरिकों की अनदेखी करते हुए, ब्रिटिश सैन्य ठिकानों को ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देकर नागरिकों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। ईरान अपनी आत्मरक्षा का अधिकार प्रयोग करेगा।"
यह बयान ऐसे समय में आया है जब रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी सेना को ब्रिटिश सैन्य ठिकानों तक पहुंच दी गई है। अराघची ने यूके की गृह सचिव यवेट कूपर के साथ फोन पर बातचीत के दौरान भी इसी चिंता को साझा किया और चेतावनी दी कि इस प्रकार का सहयोग ईरान के खिलाफ आक्रामकता में भागीदारी के रूप में देखा जाएगा।
हालांकि, ब्रिटेन की सरकार ने इस पर विरोध किया है। कूपर ने बातचीत में ईरान को चेतावनी दी कि वह ब्रिटेन के ठिकानों या हितों को टारगेट करने से बचे, अन्यथा इससे स्थिति और अधिक तनावग्रस्त हो सकती है।
हालात तब और बिगड़ गए जब ईरान ने हिंद महासागर में स्थित एक महत्वपूर्ण संयुक्त अमेरिका-ब्रिटेन सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, दोनों मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाईं। एक बीच रास्ते में विफल हो गई, जबकि दूसरी को अमेरिकी नौसेना के इंटरसेप्टर ने रोक लिया। यह स्पष्ट नहीं है कि उसे पूरी तरह नष्ट किया गया या नहीं।
इस हमले की कोशिश ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि डिएगो गार्सिया ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है, जो पहले के अनुमानों से अधिक रेंज का संकेत देता है। यह बेस क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें अमेरिकी बॉम्बर, न्यूक्लियर सबमरीन और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं।
इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन मध्य पूर्व के संघर्ष में व्यापक सैन्य भूमिका नहीं लेना चाहता। उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा कि ब्रिटेन किसी बड़े युद्ध में शामिल नहीं होगा, लेकिन वह अपने सहयोगियों का समर्थन करने के लिए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें हॉर्मुज स्ट्रेट में नौसैनिक तैनाती भी शामिल हो सकती है।
स्टार्मर ने स्थिति की जटिलता को स्वीकार करते हुए कहा कि सैन्य भागीदारी के निर्णय लेना कठिन है, विशेषकर अमेरिका के दबाव के बीच। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इस क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए कूटनीतिक समाधान हेतु प्रयास कर रहा है।