बाब अल-मंदेब में हूती हमला: सऊदी जहाज 'तिहामा' पर मिसाइल दागी, 6 की मौत, 10 घायल
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती समूह ने मंगलवार, 12 अगस्त 2026 को रणनीतिक जलमार्ग बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाज 'तिहामा' पर कई मिसाइल हमले किए, जिनमें 6 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। हूती समूह ने दावा किया कि यह जहाज सऊदी अरब के लिए सैन्य उपकरण ले जा रहा था, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
हमले का विवरण
सरकार समर्थक तटरक्षक बल के बयान के अनुसार, जहाज 'तिहामा' जब बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजर रहा था, तब उस पर एक के बाद एक कई मिसाइलें दागी गईं। मृतकों में चार चालक दल के सदस्य शामिल थे — जिनमें तीन पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक थे — जबकि शेष दो सरकार समर्थक द्वितीय नौसेना बल ब्रिगेड के सदस्य थे।
घायलों में चालक दल के सात सदस्य, दो तटरक्षक कर्मी और नौसेना ब्रिगेड का एक सदस्य शामिल हैं। सभी घायलों का उपचार जारी है।
हूती समूह के दावे
हूती सैन्य मीडिया केंद्र ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि उनकी सेनाओं ने बाब अल-मंदेब में एक 'सऊदी सैन्य उपकरण परिवहन जहाज' को निशाना बनाया। हालाँकि, इस बयान में जहाज की पहचान या ऑपरेशन का कोई अतिरिक्त विवरण नहीं दिया गया।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने एक अलग बयान में दावा किया कि 'बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन' का उपयोग करते हुए मोखा शहर और उत्तर-पूर्वी मारीब प्रांत के तदावीन सैन्य शिविर में सैनिक जमावड़ों, हथियार भंडारों और कमांड सेंटरों को भी निशाना बनाया गया। सारेया ने दावा किया कि ये हमले 'सटीक' थे और इनमें सऊदी कर्मियों सहित कई लोग हताहत हुए।
गौरतलब है कि सऊदी अरब या यमन की सरकार की ओर से इन दावों की तत्काल कोई पुष्टि नहीं की गई है।
बाब अल-मंदेब का रणनीतिक महत्व
बाब अल-मंदेब स्ट्रेट लाल सागर को गल्फ ऑफ एडन से जोड़ता है और दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है। यह जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति शृंखला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में हूती हमलों की पुनरावृत्ति वैश्विक शिपिंग उद्योग के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब यमन में वर्षों से जारी संघर्ष में हूती समूह और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं हैं। कथित तौर पर हूती समूह ने पिछले कुछ महीनों में इस जलमार्ग पर अपने हमले तेज किए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के संचालकों में बेचैनी बढ़ी है। आने वाले दिनों में इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसके असर पर नज़र रहेगी।