हूतियों का दावा: अदन की खाड़ी में सऊदी तेल टैंकर 'डेजी' पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला, जहाज वापस लौटा
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती विद्रोही समूह ने 6 अगस्त को दावा किया कि उसने अदन की खाड़ी में सऊदी तेल टैंकर 'डेजी' को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया, जिसके बाद जहाज वापस लौटने पर मजबूर हो गया। यह हमला उसी दिन हुआ जब हूती विद्रोहियों ने उत्तरी लाल सागर में एक अन्य सऊदी टैंकर पर भी अलग मिसाइल हमले का दावा किया था।
हमले का विवरण और हूती का दावा
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सरेआ ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि टैंकर 'डेजी' एक बैलिस्टिक मिसाइल की चपेट में आया और उसे वापस लौटना पड़ा। सरेआ ने यह भी स्पष्ट किया कि यह हमला समूह की सऊदी अरब के खिलाफ घोषित समुद्री नाकाबंदी नीति — 'नाकाबंदी के बदले नाकाबंदी' — का हिस्सा था।
सरेआ के अनुसार, हूती लड़ाके सऊदी तेल टैंकरों पर करीब से नज़र रख रहे हैं और जब तक यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों पर लगी रोक नहीं हटाई जाती, तब तक वे दक्षिणी और उत्तरी लाल सागर से उनका रास्ता रोकते रहेंगे।
ब्रिटिश समुद्री एजेंसी की पुष्टि
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी बुधवार को एक्स पर जानकारी दी कि अदन से लगभग 95 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में एक टैंकर के पास जोरदार धमाका सुनाई दिया। एजेंसी ने बताया कि जहाज के कप्तान ने विस्फोट की पुष्टि की और सूचित किया कि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
मिसाइल लॉन्च की स्थानीय गवाही
यमन के सेंट्रल अल-बायदा प्रांत में हूती-नियंत्रित इलाके मुकायरस के स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि हूती ने उस इलाके से अदन की खाड़ी की ओर एक मिसाइल दागी। हालाँकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि अदन की खाड़ी और उत्तरी लाल सागर में हुई दोनों घटनाएँ आपस में जुड़ी थीं या नहीं।
व्यापक संदर्भ और बढ़ता तनाव
यह घटना हूती और सऊदी अरब के बीच बढ़ते समुद्री तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है। गौरतलब है कि हूती विद्रोही पिछले कई महीनों से लाल सागर और अदन की खाड़ी में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाते आ रहे हैं, जिसका असर वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब यमन संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
आलोचकों का कहना है कि इस तरह के हमले वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को अस्थिर कर सकते हैं और बीमा लागत में वृद्धि का कारण बन सकते हैं। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की स्थिति पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा।