अदन की खाड़ी में टैंकर के पास जोरदार विस्फोट, हूती हमले की आशंका; 14 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए
सारांश
मुख्य बातें
अदन की खाड़ी में यमन के दक्षिणी तट के निकट एक टैंकर ने 6 अगस्त को अपने करीब एक जोरदार धमाके की सूचना दी है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, यह घटना अदन से लगभग 95 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में हुई, और जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हूती विद्रोहियों द्वारा व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के नए अभियान के बाद इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव चरम पर है।
मुख्य घटनाक्रम
UKMTO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि टैंकर के कप्तान ने जहाज के नजदीक एक तेज धमाके की आवाज सुनी। कप्तान ने पुष्टि की कि 'सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।' घटना का सटीक कारण अभी तक स्थापित नहीं हो सका है।
यमन के सेंट्रल अल-बायदा प्रांत में हूती-नियंत्रित इलाके मुकायरस के स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि हूती ने उस इलाके से अदन की खाड़ी की दिशा में एक मिसाइल दागी। हालाँकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि टैंकर के पास हुआ विस्फोट और यह मिसाइल प्रक्षेपण एक ही घटना से जुड़े हैं या नहीं। हूती समूह ने अब तक इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।
भारतीय नाविकों का बचाव — लाल सागर में अलग हमला
इसी बीच, यमन के पश्चिमी तट के पास लाल सागर में एक अलग घटना में विस्फोटकों से भरी नाव के हमले के बाद भारतीय झंडे वाला मालवाहक जहाज 'फैजे नूरे ओलिया' डूब गया। सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) के अनुसार, यह जहाज हूती-नियंत्रित बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हमले का शिकार हुआ।
तटरक्षक बल और नौसेना की इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाकर जहाज पर सवार 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया — इनमें 13 भारतीय नाविक और एक यमनी नागरिक शामिल हैं। सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया और चिकित्सकीय सहायता दी गई। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। NRF ने इस हमले के लिए हूती समूह को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि हूतियों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्षेत्र में बढ़ता समुद्री तनाव
यह घटनाएँ हूती और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हुई हैं। इससे पहले सोमवार को एक कार्गो जहाज ने ओमान के तट पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमले की सूचना दी थी। UKMTO की एक एडवाइजरी के अनुसार, वह घटना ओमान के अल-खसब से लगभग 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी प्रवेश द्वार के पास हुई थी।
गौरतलब है कि हूती विद्रोही पिछले कई महीनों से लाल सागर और अदन की खाड़ी से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाते आ रहे हैं, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग बाधित हुए हैं।
आम जनता और व्यापार पर असर
अदन की खाड़ी और लाल सागर वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग हैं। इन घटनाओं के कारण कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियाँ अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते लंबा चक्कर लगाने पर मजबूर हो रही हैं, जिससे माल ढुलाई की लागत और डिलीवरी समय दोनों बढ़ रहे हैं। भारतीय नाविकों की उपस्थिति इस संकट में भारत की सीधी हिस्सेदारी को रेखांकित करती है।
क्या होगा आगे
अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बल इस क्षेत्र में गश्त बढ़ा रहे हैं। UKMTO ने क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की सलाह दी है। हूती समूह की ओर से जिम्मेदारी स्वीकार न किए जाने तक घटना की प्रकृति अनिश्चित बनी रहेगी।