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'लियाकी फ्रीडम' पर हमले की खबर फर्जी: विदेश मंत्रालय, ओमान के पास सभी भारतीय क्रू सुरक्षित

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'लियाकी फ्रीडम' पर हमले की खबर फर्जी: विदेश मंत्रालय, ओमान के पास सभी भारतीय क्रू सुरक्षित

सारांश

'लियाकी फ्रीडम' पर चार नाविकों की मौत का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ — लेकिन विदेश मंत्रालय ने कैप्टन से सीधे बात कर इसे फर्जी साबित किया। खाड़ी में असली हमलों की पृष्ठभूमि में यह अफवाह और भी खतरनाक थी।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय ने 13 जून 2026 को 'लियाकी फ्रीडम' पर हमले की खबर को फर्जी करार दिया।
जहाज के कैप्टन से सीधे संपर्क के बाद पुष्टि हुई कि सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
सोशल मीडिया पर दावा था कि हमले में चार नाविकों की मौत हुई — यह दावा झूठा निकला।
इससे पहले 'सेटेबेलो' पर हुए असली हमले में तीन भारतीय नागरिक मारे गए थे; 'जलवीर' पर 20 भारतीय नाविक सवार थे।
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को दोबारा तलब कर राजनयिक विरोध दर्ज कराया।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने 13 जून 2026 को स्पष्ट किया कि ओमान के तट पर भारतीय क्रू वाले जहाज 'लियाकी फ्रीडम' पर हमले की सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें पूरी तरह फर्जी हैं। मंत्रालय ने जहाज के कैप्टन से सीधे संपर्क कर पुष्टि की कि क्रू के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और कोई घटना नहीं हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

खाड़ी क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर हाल ही में हुई घटनाओं की पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हो गया था कि एक हफ्ते में भारतीय क्रू वाले टैंकर पर यह चौथा हमला हुआ है। यह भी कहा गया कि इस हमले में चार नाविकों की मौत हो गई है। विदेश मंत्रालय ने इन दावों को तत्काल खारिज करते हुए स्थिति की पुष्टि के लिए जहाज से सीधे संपर्क किया।

मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, 'हमने लियाकी फ्रीडम शिप के कैप्टन से बात की है। उन्होंने पुष्टि की है कि क्रू के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और हमले की खबर गलत है।'

विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट का अलर्ट

विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस दावे को फर्जी करार दिया। पोस्ट में लिखा गया, 'फेक न्यूज अलर्ट! कृपया सोशल मीडिया पर ऐसे झूठे और बेबुनियाद दावों और पोस्ट से सावधान रहें।' यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव को लेकर भारत में जनता के बीच चिंता बढ़ रही है।

पृष्ठभूमि: असली घटनाएँ जो पहले हो चुकी हैं

गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ी वास्तविक घटनाएँ पहले हो चुकी हैं। ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज 'सेटेबेलो' पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिक मारे गए थे। इसके अलावा, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले जहाज 'जलवीर' पर भी हमला हुआ था, जिस पर 20 भारतीय नाविक सवार थे।

यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट के पास व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताएँ बढ़ी हैं और नई दिल्ली ने कूटनीतिक स्तर पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

भारत का राजनयिक विरोध

शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट पर कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ नई दिल्ली का विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को दोबारा तलब किया। यह दूसरी बार था जब मीक्स को इस मुद्दे पर मंत्रालय में बुलाया गया।

भारत के इस राजनयिक विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन इस मामले पर भारत सरकार के साथ बातचीत कर रहा है।

आगे क्या

विदेश मंत्रालय की यह त्वरित प्रतिक्रिया दर्शाती है कि भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है और फर्जी सूचनाओं पर तेज़ी से काबू पाने की कोशिश कर रही है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर कूटनीतिक दबाव जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल की ओर इशारा भी करती है — खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों पर असली हमलों की पृष्ठभूमि में अफवाहें इतनी आसानी से क्यों फैल रही हैं? 'सेटेबेलो' में तीन भारतीयों की मौत और 'जलवीर' की घटना ने जनता में स्वाभाविक चिंता पैदा की है, जिसका फायदा उठाकर फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं। असली चुनौती यह है कि भारत सरकार खाड़ी में अपने नाविकों की सुरक्षा के लिए अमेरिका पर कूटनीतिक दबाव बनाए रखे — और साथ ही सूचना-तंत्र को इतना मजबूत करे कि हर अफवाह पर मंत्रालय को सफाई न देनी पड़े।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लियाकी फ्रीडम' पर हमले की खबर क्यों फर्जी निकली?
विदेश मंत्रालय ने जहाज के कैप्टन से सीधे बात कर पुष्टि की कि कोई हमला नहीं हुआ और सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर चार नाविकों की मौत का दावा बिना किसी आधार के फैलाया गया था।
क्या ओमान के पास भारतीय जहाजों पर पहले भी हमले हुए हैं?
हाँ, ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज 'सेटेबेलो' पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिक मारे गए थे। गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले 'जलवीर' पर भी हमला हुआ था, जिसमें 20 भारतीय नाविक सवार थे।
भारत ने इन हमलों पर अमेरिका के सामने क्या रुख अपनाया?
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को दोबारा तलब कर ओमान के तट पर कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वाशिंगटन इस मुद्दे पर भारत सरकार के साथ बातचीत कर रहा है।
विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने क्या कहा?
मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे 'फेक न्यूज' करार दिया और नागरिकों से सोशल मीडिया पर झूठे और बेबुनियाद दावों से सावधान रहने की अपील की।
होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर क्या स्थिति है?
खाड़ी क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारत सरकार सतर्क है। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वह इस क्षेत्र में चलने वाले भारतीय क्रू वाले जहाजों की स्थिति पर नज़र रख रहा है और किसी भी खबर की तत्काल पुष्टि करने की कोशिश कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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