खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविकों की सुरक्षा की पुष्टि, 2,262 की हुई सुरक्षित वापसी
सारांश
Key Takeaways
- सुरक्षा: सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
- वापसी: 2,262 नाविकों की सुरक्षित वापसी हुई है।
- समन्वय: सरकार और हितधारकों के बीच लगातार समन्वय है।
- घटनाएँ: पिछले 24 घंटों में कोई घटना नहीं हुई।
- संपर्क: भारतीय दूतावास 24 घंटे मदद कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने मंगलवार को जानकारी दी कि खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक पूरी तरह से सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना नहीं हुई है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजी शिपिंग) ने खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से अब तक 2,262 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 85 लोग शामिल हैं।
डीजी शिपिंग के कंट्रोल रूम ने सक्रिय होने के बाद से कुल 6,292 कॉल और 13,228 से अधिक ईमेल संभाले हैं, जिनमें पिछले 24 घंटों में 219 कॉल और 361 ईमेल शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया कि देश के सभी बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य चल रहा है और कहीं भी भीड़ या रुकावट की स्थिति नहीं है।
बयान में कहा गया है कि मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ समन्वय बनाए रखे हुए है ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री गतिविधियों का संचालन बिना किसी बाधा के जारी रहे।
विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय दूतावास और मिशन भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में हैं और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक सलाह (एडवाइजरी) जारी कर रहे हैं।
इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुवैत और इजरायल के विदेश मंत्रियों से बातचीत की और क्षेत्र की स्थिति और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा की।
उन्होंने सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्षों से भी पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की।
मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भी लगातार संपर्क में है, ताकि जानकारी का बेहतर आदान-प्रदान हो सके और समन्वय मजबूत बना रहे।
सरकार ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। भारतीय दूतावास 24 घंटे हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों की मदद कर रहे हैं और स्थानीय सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं।