ओडिशा में छात्रा की मौत: फूड पॉइजनिंग के मामले में मुख्यमंत्री ने की 3 लाख की सहायता की घोषणा

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ओडिशा में छात्रा की मौत: फूड पॉइजनिंग के मामले में मुख्यमंत्री ने की 3 लाख की सहायता की घोषणा

सारांश

ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक सरकारी विद्यालय में फूड पॉइजनिंग के कारण 5वीं कक्षा की छात्रा की दुखद मृत्यु हुई। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार को 3 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

Key Takeaways

  • ओडिशा में फूड पॉइज़निंग से छात्रा की मृत्यु ने चिंता बढ़ा दी है।
  • मुख्यमंत्री ने 3 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।
  • जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि ऐसे मामलों की रोकथाम की जा सके।
  • 140 से अधिक छात्र इस मामले से प्रभावित हुए हैं।
  • विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया है।

भुवनेश्वर, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक सरकारी आदिवासी विद्यालय में फूड पॉइज़निंग के कारण 5वीं कक्षा की एक छात्रा की मृत्यु के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मृतक के परिवार को 3 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है और मामले की जांच के लिए राजस्व संभागीय आयुक्त, केंद्रीय संभाग को आदेश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा मंगलवार की रात जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मयूरभंज जिले के रसगोविंदपुर तहसील के एक विद्यालय में छात्रा रूपाली बेसरा के निधन की खबर सुनकर मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।

मुख्यमंत्री ने मृतक छात्र के परिवार के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से तीन लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने घटना की आरडीसी स्तर की जांच के आदेश दिए हैं।

उन्होंने राजस्व मंडल आयुक्त (केंद्रीय मंडल) को निर्देश दिया है कि वे छात्रों के बीमार पड़ने की परिस्थितियों और रूपाली की मृत्यु के कारणों की विस्तृत जांच करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आरडीसी बुधवार को विद्यालय का दौरा कर घटना की तहकीकात करेंगे। बच्चों की स्वास्थ्य जांच के लिए एक चिकित्सा टीम भी रसगोविंदपुर जाएगी।

सीएमओ ने बताया कि लोक स्वास्थ्य निदेशालय से एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के संयुक्त निदेशक और एक सूक्ष्मजीव विज्ञान के विशेषज्ञ पहले से ही बारीपाड़ा में तैनात हैं।

यह उल्लेखनीय है कि मयूरभंज जिले के रसगोविंदपुर तहसील के काकाबन्धा स्थित राज्य सरकार द्वारा संचालित विद्यालय के छात्रावास में रविवार सुबह 140 से अधिक छात्र कथित तौर पर 'पखाला' (किण्वित चावल), पत्तेदार सब्जी की करी, मसले हुए आलू और अन्य खाद्य पदार्थ खाने के बाद बीमार पड़ गए।

बाद में उन्हें पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। उनमें से कुछ की हालत बिगड़ने पर लगभग 70 छात्रों को बारीपाड़ा स्थित मेडिकल कॉलेज में भेजा गया।

आईसीयू में इलाज के दौरान 12 वर्षीय रूपाली बेसरा ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है।

Point of View

बल्कि यह ओडिशा के शिक्षा और स्वास्थ्य प्रणाली पर भी सवाल उठाती है। मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई की है, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या होते हैं?
फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, बुखार और थकान शामिल हो सकते हैं।
इस मामले में मुख्यमंत्री ने क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार को 3 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है और घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
कितने छात्र इस घटना में प्रभावित हुए हैं?
इस घटना में 140 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं, जिनमें से कई को चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी।
क्या जांच के लिए कोई टीम बनाई गई है?
हाँ, जांच के लिए राजस्व मंडल आयुक्त और चिकित्सा टीम को भेजा गया है।
इस घटना के बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक का क्या हुआ?
इस घटना के बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है।
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