ओमान तट के पास भारतीय जहाज 'विराट 1' में खराबी, 14 भारतीय नाविकों का बचाव अभियान जारी
सारांश
मुख्य बातें
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार, 14 जून 2026 को जानकारी दी कि ओमान के तट के समीप भारतीय ध्वज वाहक यांत्रिक नौकायन पोत 'विराट 1' से जुड़ी एक घटना सामने आई है, जिस पर 14 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं। ओमान के अधिकारियों और आसपास मौजूद जहाजों के सहयोग से खोज एवं बचाव अभियान सक्रिय रूप से जारी है।
घटना का विवरण
दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी आधिकारिक बयान में कहा, 'भारतीय ध्वज वाले यांत्रिक नौकायन पोत विराट 1 से जुड़ी घटना की जानकारी मिली है, जो ओमान के तट के पास है और जिस पर 14 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं। ओमान के अधिकारियों और आसपास मौजूद जहाजों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।' यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर कूटनीतिक तनाव पहले से बना हुआ है।
भारत का अमेरिका पर कड़ा विरोध
इससे पहले शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को तलब कर फारस की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जाने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के कथित हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने इन हमलों को 'अस्वीकार्य' बताते हुए कहा कि ये 'एक संवेदनशील क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता को कमज़ोर करते हैं।' मंत्रालय के अनुसार, इन घटनाओं में अब तक तीन भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हो चुकी है।
गौरतलब है कि यह हाल के दिनों में दूसरी बार था जब भारत ने अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। इससे पहले बुधवार को जहाज 'सेट्टेबेलो' पर हुए हमले और तीन भारतीयों की मौत के संदर्भ में भी विरोध दर्ज कराया गया था। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजनयिक से स्पष्ट रूप से कहा कि वह भारत की गंभीर चिंताओं को अमेरिकी अधिकारियों तक पहुँचाएँ और यह सुनिश्चित करें कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बल नागरिक जहाजों पर किसी भी जानलेवा कार्रवाई से बचें।
एमटी जलवीर के नाविक सुरक्षित
गुरुवार को ओमान में भारतीय दूतावास ने बताया कि जहाज 'एमटी जलवीर' पर सवार सभी 20 भारतीय चालक दल के सदस्य ओमान के सहयोग से सुरक्षित बचा लिए गए हैं। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक बड़ी और सतत चुनौती बनती जा रही है।
आगे क्या
'विराट 1' के संदर्भ में बचाव अभियान की स्थिति पर भारतीय दूतावास की नज़र बनी हुई है। भारत सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह फारस की खाड़ी में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक दबाव जारी रखेगी।