बीजेवाईएम की 'वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा' 17 सितंबर से, 1,000+ युवा 20 मार्गों पर करेंगे राष्ट्र यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) की 'वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा' 17 सितंबर 2026 से शुरू होकर 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगी, जिसमें देशभर से 1,000 से अधिक युवा सेवा यात्री भाग लेंगे। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यह यात्रा एक साथ दो दिशाओं — वाराणसी से वडनगर तथा वडनगर से वाराणसी — में समानांतर रूप से प्रारंभ होगी।
यात्रा का स्वरूप और मार्ग
यह सेवा यात्रा 20 अलग-अलग मार्गों से होकर गुजरेगी, जिनका नामकरण भारत की पवित्र नदियों के नाम पर किया गया है। यात्रा 10 राज्यों, 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गाँवों से होकर निकलेगी। बीजेवाईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वडोदरा से लोकसभा सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने कहा, 'यह यात्रा केवल एक बाइक यात्रा नहीं, बल्कि देश के युवाओं को सेवा, समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है।'
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों सहित देश के विभिन्न हिस्सों से युवा इस यात्रा में शामिल होंगे। डॉ. जोशी के अनुसार, अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और संस्कृतियों से आने वाले युवाओं का एक साथ सेवा पथ पर चलना 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को और मजबूत करेगा। उन्होंने वडनगर को प्रधानमंत्री मोदी के संघर्ष और बचपन का प्रतीक बताया, जबकि वाराणसी उनके वर्तमान संसदीय क्षेत्र और जनसेवा के महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतिनिधित्व करता है।
सेवा गतिविधियाँ और 'स्वच्छता से स्वागत' पहल
यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर लगभग 25 प्रकार की सेवा गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, नशा मुक्त भारत, टीबी मुक्त भारत, साधु-संत सम्मान, सफाई कर्मचारियों का सम्मान, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जागरूकता जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। 'स्वच्छता से स्वागत' पहल के अंतर्गत सेवा यात्रियों के पहुँचने से दो दिन पहले स्थानीय बीजेवाईएम कार्यकर्ताओं द्वारा संबंधित स्थान पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
आस्था और संस्कृति का संगम
यात्रा की एक विशेष परंपरा के तहत वडनगर से वाराणसी आने वाले सेवा यात्री गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर काशी विश्वनाथ धाम में जलाभिषेक करेंगे। वहीं वाराणसी से वडनगर जाने वाले यात्री उत्तर प्रदेश की पवित्र नदियों का जल लेकर वडनगर के हाटकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। यह परंपरा दोनों दिशाओं की यात्रा को आस्था, संस्कृति और सेवा की साझा कड़ी से जोड़ती है।
युवाओं के लिए संदेश
डॉ. हेमांग जोशी ने कहा, 'राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है — यह देश के प्रत्येक नागरिक और विशेषकर युवा शक्ति की जिम्मेदारी है।' बीजेवाईएम का लक्ष्य है कि देश का प्रत्येक युवा अपने क्षेत्र में सेवा को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाए और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए। यह यात्रा आने वाले दिनों में सेवा, संस्कृति और युवा ऊर्जा के समन्वय का जीवंत उदाहरण बनने की ओर अग्रसर है।