योगी सरकार का 'सेवा संकल्प अभियान': 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक गाँव-गाँव होंगे जनसेवा कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2025 तक प्रदेशव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान' चलाने की घोषणा की है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को केंद्र में रखकर आयोजित किया जाएगा। ग्राम पंचायत से लेकर महानगरों तक फैले इस एक महीने के अभियान में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण और सामाजिक सरोकार से जुड़े व्यापक कार्यक्रम होंगे।
अभियान की शुरुआत और संरचना
अभियान का आगाज़ प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के साथ होगा। इस दिन ग्राम पंचायतों से शहरों तक जनभागीदारी के साथ आयोजन होंगे और दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। सरकार का स्पष्ट जोर इस अभियान को केवल सरकारी आयोजनों तक सीमित न रखकर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर है।
प्रमुख कार्यक्रम और गतिविधियाँ
अभियान के दौरान 'करोड़ों बच्चों के सपनों का भारत', 'नमो सेवा गाथा', 'आँगन का उत्सव', 'कहानी बदलाव की', 'विकसित भारत संकल्प यात्रा', 'सेवा ज्योति यात्रा', 'वडनगर से वाराणसी यात्रा', 'सेवा मेरा योगदान', 'घर-घर से राष्ट्र तक रंगोली', 'इनोवेशन चैलेंज' और 'जनसेवा महाकुंभ' जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
'सेवा मेरा योगदान' के अंतर्गत प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, घाटों-पार्कों-गोशालाओं के सौंदर्यीकरण और रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। 'आरोग्य मेलों' के ज़रिए स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाओं का निःशुल्क वितरण किया जाएगा।
7 अक्टूबर को 'विकसित भारत संकल्प यात्रा'
अभियान के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में 7 अक्टूबर को प्रदेश के प्रत्येक जिले में 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' निकाली जाएगी। इसके माध्यम से नागरिकों को 'विकसित भारत-2047' के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर बड़ी स्क्रीन लगाकर प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।
प्रशासनिक तैयारी और जिम्मेदारियाँ
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वे शीघ्र ही संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें विभागवार जिम्मेदारियाँ तय की जाएंगी और कार्यक्रमों की व्यापक कार्ययोजना बनाई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि यह अभियान न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्रों तक समान रूप से पहुँचे और महज़ आयोजनों की श्रृंखला बनने के बजाय जनसेवा व सामाजिक सहभागिता का वास्तविक माध्यम बने।