ब्रिक्स सफलता पर कांग्रेस 'नाराज फूफा' की तरह: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसे 'नाराज फूफा' की संज्ञा दी। त्रिवेदी का आरोप था कि हाल ही में संपन्न ब्रिक्स सम्मेलन की ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता पर टिप्पणी करने के बजाय कांग्रेस ने शिखर सम्मेलन के डिनर मेन्यू को मुद्दा बनाना चुना। उन्होंने इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि पर सार्थक बहस से कांग्रेस की असमर्थता का प्रमाण बताया।
ब्रिक्स पर कांग्रेस की आलोचना को त्रिवेदी ने बताया 'अक्षमता का प्रमाण'
सुधांशु त्रिवेदी ने एक रोचक उपमा का सहारा लेते हुए कहा कि जैसे शादी में कितनी भी बढ़िया व्यवस्था हो, 'नाराज फूफा' को कोई न कोई कमी निकालनी ही होती है — 'कांग्रेस भी ठीक इसी तरह बर्ताव कर रही है।' उनका कहना था कि इतने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच के कूटनीतिक, रणनीतिक या आर्थिक पहलुओं पर टिप्पणी करने की बजाय खाने पर ध्यान देना 'स्पष्ट रूप से ब्रिक्स समिट के बारे में कोई ठोस आलोचना करने में उनकी अक्षमता को जाहिर करता है।'
त्रिवेदी के अनुसार, कांग्रेस की यह टिप्पणी भले ही समिट की कामयाबी से उपजी निराशा का नतीजा हो, लेकिन असल में यह उनकी अपनी नाकामी को ही उजागर करती है।
दिल्ली घोषणापत्र और पहलगाम उल्लेख को बताया कूटनीतिक उपलब्धि
BJP सांसद ने ब्रिक्स सम्मेलन की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर एक 'सकारात्मक और प्रभावशाली ताकत' के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब और ईरान जैसे परंपरागत प्रतिद्वंद्वी देश भी इस सम्मेलन में सहभागी रहे और 'दिल्ली घोषणापत्र' को सर्वसम्मति से अपनाया गया।
त्रिवेदी ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि घोषणापत्र में पहलगाम का उल्लेख किया गया और यह स्पष्ट किया गया कि आतंकवाद को किसी धर्म विशेष से नहीं जोड़ा जाना चाहिए — और यह सब चीन के समर्थन और सहमति से संभव हुआ। उन्होंने इसे 'कूटनीतिक कौशल का शानदार उदाहरण' करार दिया।
उत्तराखंड भर्ती घोटाले पर राहुल गांधी पर निशाना
त्रिवेदी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ओएसडी (OSD) के यहाँ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला। उनके अनुसार, छापेमारी के दौरान जो तथ्य सामने आए, उनसे पता चलता है कि विलेज पंचायत डेवलपमेंट ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया में OMR शीट को सुरक्षित हिरासत से निकाला गया और रिश्वत लेकर खाली OMR शीट भरकर घोटाला किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के हितों की बात का दिखावा करती है, लेकिन ये घटनाएँ उसे 'पूरी तरह बेनकाब' कर देती हैं। गौरतलब है कि त्रिवेदी ने झारखंड में भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का भी उल्लेख किया और कहा कि भर्ती घोटालों का यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है।
कर्नाटक मंत्री सतीश जारकीहोली पर 'वैश्विक भ्रष्टाचार' का आरोप
BJP सांसद ने कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली के यहाँ हुई छापेमारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जारकीहोली ने कांगो और जाम्बिया जैसे देशों में खनन (माइनिंग) क्षेत्र में निवेश के सबूत मिले हैं, और विदेशों में सोने की खदानें हासिल की थीं। त्रिवेदी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'राहुल गांधी विपक्ष के नेता के रूप में देश-विदेश का दौरा करते हैं और उनके नेता निवेश के लिए विदेश जाते हैं।'
उन्होंने भविष्यवाणी की कि कर्नाटक की जनता इस 'वैश्विक भ्रष्टाचार' का करारा जवाब देगी। यह ध्यान देने योग्य है कि ये सभी आरोप BJP की ओर से लगाए गए हैं; कांग्रेस और संबंधित व्यक्तियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या
ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। ED की जाँच के परिणाम और न्यायालयों में चल रही कार्यवाहियाँ आने वाले दिनों में इस विवाद को और धार दे सकती हैं।