14 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ब्रिक्स सफलता पर कांग्रेस 'नाराज फूफा' की तरह: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ब्रिक्स सफलता पर कांग्रेस 'नाराज फूफा' की तरह: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला

सारांश

ब्रिक्स की कूटनीतिक सफलता — दिल्ली घोषणापत्र, पहलगाम उल्लेख, चीन की सहमति — पर बड़ी बहस छेड़ने की बजाय कांग्रेस ने डिनर मेन्यू को चुना। BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इसे 'नाराज फूफा' वाला रवैया कहा और साथ ही उत्तराखंड भर्ती घोटाले व कर्नाटक मंत्री की वैश्विक माइनिंग पर भी कांग्रेस को घेरा।

मुख्य बातें

BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 14 सितंबर 2026 को कांग्रेस को ब्रिक्स सफलता पर 'नाराज फूफा' की संज्ञा दी।
त्रिवेदी के अनुसार, कांग्रेस ने ब्रिक्स के कूटनीतिक-रणनीतिक पहलुओं की बजाय डिनर मेन्यू पर टिप्पणी करना चुना।
'दिल्ली घोषणापत्र' में पहलगाम का उल्लेख और आतंकवाद को धर्म से न जोड़ने का संकल्प — चीन की सहमति सहित — को त्रिवेदी ने बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया।
ED की छापेमारी में हरीश रावत के OSD के यहाँ उत्तराखंड भर्ती घोटाले में OMR शीट हेरफेर के सबूत मिलने का आरोप।
कर्नाटक मंत्री सतीश जारकीहोली के कांगो और जाम्बिया में माइनिंग निवेश के सबूत मिलने का दावा — मीडिया रिपोर्टों के हवाले से।
कांग्रेस और संबंधित व्यक्तियों की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसे 'नाराज फूफा' की संज्ञा दी। त्रिवेदी का आरोप था कि हाल ही में संपन्न ब्रिक्स सम्मेलन की ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता पर टिप्पणी करने के बजाय कांग्रेस ने शिखर सम्मेलन के डिनर मेन्यू को मुद्दा बनाना चुना। उन्होंने इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि पर सार्थक बहस से कांग्रेस की असमर्थता का प्रमाण बताया।

ब्रिक्स पर कांग्रेस की आलोचना को त्रिवेदी ने बताया 'अक्षमता का प्रमाण'

सुधांशु त्रिवेदी ने एक रोचक उपमा का सहारा लेते हुए कहा कि जैसे शादी में कितनी भी बढ़िया व्यवस्था हो, 'नाराज फूफा' को कोई न कोई कमी निकालनी ही होती है — 'कांग्रेस भी ठीक इसी तरह बर्ताव कर रही है।' उनका कहना था कि इतने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच के कूटनीतिक, रणनीतिक या आर्थिक पहलुओं पर टिप्पणी करने की बजाय खाने पर ध्यान देना 'स्पष्ट रूप से ब्रिक्स समिट के बारे में कोई ठोस आलोचना करने में उनकी अक्षमता को जाहिर करता है।'

त्रिवेदी के अनुसार, कांग्रेस की यह टिप्पणी भले ही समिट की कामयाबी से उपजी निराशा का नतीजा हो, लेकिन असल में यह उनकी अपनी नाकामी को ही उजागर करती है।

दिल्ली घोषणापत्र और पहलगाम उल्लेख को बताया कूटनीतिक उपलब्धि

BJP सांसद ने ब्रिक्स सम्मेलन की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर एक 'सकारात्मक और प्रभावशाली ताकत' के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब और ईरान जैसे परंपरागत प्रतिद्वंद्वी देश भी इस सम्मेलन में सहभागी रहे और 'दिल्ली घोषणापत्र' को सर्वसम्मति से अपनाया गया।

त्रिवेदी ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि घोषणापत्र में पहलगाम का उल्लेख किया गया और यह स्पष्ट किया गया कि आतंकवाद को किसी धर्म विशेष से नहीं जोड़ा जाना चाहिए — और यह सब चीन के समर्थन और सहमति से संभव हुआ। उन्होंने इसे 'कूटनीतिक कौशल का शानदार उदाहरण' करार दिया।

उत्तराखंड भर्ती घोटाले पर राहुल गांधी पर निशाना

त्रिवेदी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ओएसडी (OSD) के यहाँ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला। उनके अनुसार, छापेमारी के दौरान जो तथ्य सामने आए, उनसे पता चलता है कि विलेज पंचायत डेवलपमेंट ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया में OMR शीट को सुरक्षित हिरासत से निकाला गया और रिश्वत लेकर खाली OMR शीट भरकर घोटाला किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के हितों की बात का दिखावा करती है, लेकिन ये घटनाएँ उसे 'पूरी तरह बेनकाब' कर देती हैं। गौरतलब है कि त्रिवेदी ने झारखंड में भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का भी उल्लेख किया और कहा कि भर्ती घोटालों का यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है।

कर्नाटक मंत्री सतीश जारकीहोली पर 'वैश्विक भ्रष्टाचार' का आरोप

BJP सांसद ने कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली के यहाँ हुई छापेमारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जारकीहोली ने कांगो और जाम्बिया जैसे देशों में खनन (माइनिंग) क्षेत्र में निवेश के सबूत मिले हैं, और विदेशों में सोने की खदानें हासिल की थीं। त्रिवेदी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'राहुल गांधी विपक्ष के नेता के रूप में देश-विदेश का दौरा करते हैं और उनके नेता निवेश के लिए विदेश जाते हैं।'

उन्होंने भविष्यवाणी की कि कर्नाटक की जनता इस 'वैश्विक भ्रष्टाचार' का करारा जवाब देगी। यह ध्यान देने योग्य है कि ये सभी आरोप BJP की ओर से लगाए गए हैं; कांग्रेस और संबंधित व्यक्तियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या

ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। ED की जाँच के परिणाम और न्यायालयों में चल रही कार्यवाहियाँ आने वाले दिनों में इस विवाद को और धार दे सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ब्रिक्स की कूटनीतिक सफलता — खासकर पहलगाम उल्लेख और चीन की सहमति — पर विपक्ष की चुप्पी क्यों है। कांग्रेस यदि डिनर मेन्यू से आगे बढ़कर दिल्ली घोषणापत्र के क्रियान्वयन पर ठोस सवाल उठाए, तो वह कहीं अधिक प्रभावी विपक्षी भूमिका निभा सकती है। दूसरी ओर, उत्तराखंड OMR घोटाले और जारकीहोली के विदेशी माइनिंग निवेश के आरोप — जो अभी आरोप-स्तर पर ही हैं — अगर न्यायिक जाँच में साबित होते हैं, तो यह कांग्रेस के लिए कहीं बड़ी चुनौती होगी। मीडिया को चाहिए कि वह आरोपों की स्वतंत्र जाँच करे, न कि केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस को रिले करे।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को 'नाराज फूफा' क्यों कहा?
BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 14 सितंबर 2026 को कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन की बड़ी कूटनीतिक सफलता पर टिप्पणी करने की बजाय कांग्रेस ने डिनर मेन्यू पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने इसकी तुलना उस 'नाराज फूफा' से की जो शादी में हर चीज में कमी निकालता है।
ब्रिक्स 'दिल्ली घोषणापत्र' में पहलगाम का उल्लेख क्यों अहम है?
त्रिवेदी के अनुसार, दिल्ली घोषणापत्र में पहलगाम का विशेष उल्लेख किया गया और आतंकवाद को किसी धर्म से न जोड़ने का संकल्प लिया गया — और यह चीन की सहमति से हुआ। उन्होंने इसे PM मोदी के नेतृत्व में भारत की कूटनीतिक परिपक्वता का प्रमाण बताया।
उत्तराखंड भर्ती घोटाले में हरीश रावत के OSD पर क्या आरोप हैं?
त्रिवेदी के अनुसार, ED की छापेमारी में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोप है कि विलेज पंचायत डेवलपमेंट ऑफिसर भर्ती में OMR शीट को सुरक्षित हिरासत से निकाला गया और रिश्वत लेकर खाली OMR शीट भरकर घोटाला किया गया। ये आरोप अभी जाँच के स्तर पर हैं।
कर्नाटक मंत्री सतीश जारकीहोली पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
मीडिया रिपोर्टों के हवाले से त्रिवेदी ने दावा किया कि ED की छापेमारी में सतीश जारकीहोली के कांगो और जाम्बिया में माइनिंग निवेश के सबूत मिले हैं और उन्होंने विदेशों में सोने की खदानें हासिल की थीं। संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
इस पूरे विवाद में कांग्रेस का पक्ष क्या है?
यह सभी आरोप BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए हैं। कांग्रेस पार्टी और संबंधित व्यक्तियों — हरीश रावत, सतीश जारकीहोली — की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक खंडन या प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 1 साल पहले