कांग्रेस हार की हताशा में झूठी पोस्ट फैला रही है: BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 20 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपनी लगातार हार की कुंठा में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भ्रामक, झूठी और मनगढ़ंत सामग्री प्रसारित कर रही है। त्रिवेदी ने इसे राजनीतिक, नैतिक और कानूनी — तीनों स्तरों पर गंभीर बताया।
मुख्य आरोप: क्या कहा सुधांशु त्रिवेदी ने
त्रिवेदी ने कहा, 'कांग्रेस, जो तथ्यों पर आधारित सच्चाई का सामना करने में पूरी तरह नाकाम रही है और जनता का समर्थन पाने में भी लगातार विफल हो रही है, अब अपनी हार से हताश और निराश होकर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से झूठी, गुमराह करने वाली और पूरी तरह मनगढ़ंत बातें पोस्ट कर रही है।' उनके अनुसार यह तब उजागर हुआ जब छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आंध्र प्रदेश दौरे से जुड़ी एक पोस्ट साझा की, जिसे त्रिवेदी ने 'पूरी तरह झूठा, निंदनीय और भ्रामक' करार दिया।
15 अगस्त के राष्ट्रीय ध्वज विवाद का संदर्भ
BJP सांसद ने यह भी याद दिलाया कि 15 अगस्त के अवसर पर भी कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के ज़रिए राष्ट्रीय ध्वज को लेकर 'बेतुका और दुर्भावनापूर्ण प्रचार' किया था। इसमें BJP के एक कार्यक्रम के वीडियो को स्वतंत्रता दिवस समारोह के रूप में गलत तरीके से पेश करना और राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा दिखाना शामिल था।
2024 चुनाव का एडिटेड वीडियो प्रकरण
त्रिवेदी ने 2024 के आम चुनाव के दौरान तेलंगाना कांग्रेस द्वारा गृह मंत्री का एडिटेड वीडियो अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किए जाने की घटना का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उस मामले में यह सिद्ध होने के बाद कानूनी कार्रवाई की गई थी। उनके अनुसार, 'जो कुछ दो साल से हो रहा था, उसे निरंतर बढ़ाते हुए कांग्रेस ने आज हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के बारे में जो किया, वह पूरी तरह निंदनीय है।'
BJP की प्रतिक्रिया और चेतावनी
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस द्वारा फैलाए गए 'झूठे और भ्रामक प्रचार' की कड़ी निंदा की है। त्रिवेदी ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामी को झूठ के रूप में परोसने की कोशिश कर रही है, लेकिन सच को सामने आने से नहीं रोक सकती। उन्होंने इस व्यवहार को 'राजनीतिक और नैतिक रूप से निंदनीय होने के साथ ही कानूनी तौर पर भी गंभीर विषय' बताया।
आगे क्या
BJP ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि कांग्रेस इसी तरह की सामग्री प्रसारित करती रही, तो पार्टी कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकती है, जैसा कि 2024 के एडिटेड वीडियो मामले में किया गया था। यह विवाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों के आचरण और जवाबदेही को लेकर एक बड़े राष्ट्रीय बहस को फिर से केंद्र में ले आया है।