3 जुलाई 2026
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सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर हमला: 'शासन मॉडल सिर्फ तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और कट्टरपंथियों का सहयोग'

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सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर हमला: 'शासन मॉडल सिर्फ तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और कट्टरपंथियों का सहयोग'

सारांश

BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस को घेरा — SIR पर थरूर और शिवकुमार के बयानों से ही विरोधाभास उजागर किया, CJI को लिखे पत्र को 'आपातकाल की भाषा' बताया, और कांग्रेस के शासन मॉडल को 'सिर्फ तुष्टीकरण व भ्रष्टाचार' करार दिया।

मुख्य बातें

सुधांशु त्रिवेदी ने 3 जुलाई को नई दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र की कड़े शब्दों में निंदा की।
शशि थरूर ने स्वयं टीवी पर माना था कि SIR प्रक्रिया से कांग्रेस को केरल में फायदा हुआ; डीके शिवकुमार ने कर्नाटक में कार्यकर्ताओं को SIR में सहयोग का निर्देश दिया था।
त्रिवेदी के अनुसार, SIR को विभिन्न न्यायालयों ने पूर्णतः विधिसम्मत करार दिया है और विपक्ष कोई ठोस तथ्य न्यायालय के सामने नहीं रख पाया।
BJP ने कांग्रेस के शासन मॉडल को 'तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और कट्टरपंथियों का सहयोग' बताया।
गांधी परिवार पर कटाक्ष — कहा कि वे समाजवादी पार्टी की मदद के बिना अमेठी सीट भी नहीं जीत पाए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने 3 जुलाई को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का असफल प्रयास किया, जिसकी BJP कड़े शब्दों में निंदा करती है।

मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र पर BJP की निंदा

त्रिवेदी ने कहा कि विपक्षी दलों ने जिस भाषा-शैली में सर्वोच्च न्यायालय को पत्र लिखा है, वह अहंकारपूर्ण है और आपातकाल के दौर की याद दिलाती है। उन्होंने कहा, 'यह वही भाषा है जो तानाशाही मानसिकता की पहचान है।' BJP के अनुसार, यह पत्र न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर दबाव बनाने की कोशिश है।

SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस का विरोधाभास

त्रिवेदी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के दोहरे रवैये को उजागर किया। उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक टेलीविज़न कार्यक्रम में स्वयं स्वीकार किया था कि SIR प्रक्रिया से कांग्रेस को लाभ हुआ, क्योंकि वामपंथी शासन के दौरान दर्ज फर्जी मतदाताओं को सूचियों से हटाया गया। इसी प्रकार, कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं को SIR प्रक्रिया में सक्रिय रूप से सहयोग करने का निर्देश दिया था।

त्रिवेदी ने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस आज उसी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। उनके अनुसार, SIR को विभिन्न न्यायालयों ने पूर्णतः विधिसम्मत और संवैधानिक करार दिया है, और विपक्ष एक बार भी न्यायालय के समक्ष कोई ठोस तथ्यात्मक आधार प्रस्तुत नहीं कर पाया।

कांग्रेस के शासन मॉडल पर सवाल

BJP प्रवक्ता ने कांग्रेस शासित राज्यों — तेलंगाना और कर्नाटक — का हवाला देते हुए पूछा कि उनका शासन मॉडल क्या है। उन्होंने कहा, 'जब हम विपक्ष में थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात को आदर्श राज्य बनाया और 'वाइब्रेंट गुजरात' जैसी पहल शुरू की, जो आज भी जारी है। कांग्रेस का शासन मॉडल केवल तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और कट्टरपंथियों के सहयोग तक सीमित है।'

गांधी परिवार और अमेठी पर कटाक्ष

त्रिवेदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग और लोकतंत्र पर आरोप लगाती है, लेकिन गांधी परिवार पर कभी सवाल नहीं उठाती — जो समाजवादी पार्टी की मदद के बिना अमेठी सीट भी नहीं जीत पाए। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की राजनीतिक नीयत पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

आगे क्या

SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक संग्राम जारी रहने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष इसे न्यायालय में चुनौती देने की कोशिश कर रहा है, जबकि BJP इसे संवैधानिक और पारदर्शी बताते हुए पूरा समर्थन दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राज्य विधानसभाओं में भी गूंजने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर इस पत्र की वास्तविक कानूनी सीमाओं पर गंभीर बहस अभी बाकी है। असली सवाल यह है कि SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सत्यापन के मानक क्या हों — यह बहस केवल आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि संसदीय निगरानी से तय होनी चाहिए।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों की गहन जाँच और सफाई की प्रक्रिया है, जिसमें फर्जी या अपात्र मतदाताओं को हटाया जाता है। विवाद इसलिए है क्योंकि कांग्रेस नेता एक ओर इसे समर्थन दे चुके हैं और दूसरी ओर अब इस पर आपत्ति जता रहे हैं।
शशि थरूर ने SIR के बारे में क्या कहा था?
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक टेलीविज़न कार्यक्रम में कहा था कि SIR प्रक्रिया से केरल में कांग्रेस को फायदा हुआ, क्योंकि वामपंथी शासन के दौरान दर्ज फर्जी मतदाताओं को सूचियों से हटाया गया। BJP ने इसी बयान को कांग्रेस के विरोधाभास के प्रमाण के रूप में पेश किया है।
BJP ने मुख्य न्यायाधीश को लिखे विपक्षी पत्र की निंदा क्यों की?
BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी के अनुसार, विपक्षी दलों ने जिस भाषा में यह पत्र लिखा वह न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश है और आपातकाल की अहंकारी मानसिकता की याद दिलाती है। BJP ने इसे लोकतंत्र पर आघात का असफल प्रयास करार दिया।
BJP ने कांग्रेस के शासन मॉडल पर क्या आरोप लगाए?
त्रिवेदी ने कहा कि तेलंगाना और कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस का शासन मॉडल केवल तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और कट्टरपंथियों के सहयोग पर टिका है। उन्होंने इसकी तुलना BJP के गुजरात मॉडल और 'वाइब्रेंट गुजरात' पहल से की।
अमेठी और गांधी परिवार का इस विवाद से क्या संबंध है?
त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है, लेकिन गांधी परिवार पर कभी सवाल नहीं करती — जो समाजवादी पार्टी की मदद के बिना अमेठी सीट भी नहीं जीत पाए। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक नीयत पर सवाल के रूप में प्रस्तुत किया।
राष्ट्र प्रेस
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