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क्या जीतू पटवारी के बयान से भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी का गुस्सा सही है?

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क्या जीतू पटवारी के बयान से भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी का गुस्सा सही है?

सारांश

बीते दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के महिलाओं पर दिए विवादित बयान पर भाजपा के सुधांशु त्रिवेदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे कांग्रेस की महिला विरोधी सोच का एक उदाहरण बताया। क्या यह केवल एक बयान है या कांग्रेस की मानसिकता का प्रतिबिंब?

मुख्य बातें

महिलाओं के अधिकार और उनके प्रति सम्मान की आवश्यकता है।
राजनीतिक बयानों का समाज पर गहरा असर होता है।
महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा महिलाओं के बारे में दिए गए विवादास्पद बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जीतू पटवारी का यह बयान न केवल मध्य प्रदेश की महिलाओं का अपमान है, बल्कि यह कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता का एक बेहद निंदनीय उदाहरण है।

सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को बयान में कहा, "कांग्रेस का चेहरा कितना महिला विरोधी है, इसका एक शर्मनाक उदाहरण जीतू पटवारी के इस बयान से मिला है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की अधिकांश महिलाएं शराब पीती हैं, जो न केवल अपमानजनक है, बल्कि कांग्रेस की महिला विरोधी सोच को भी दर्शाता है।"

उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस की सोच महिलाओं के प्रति क्या है, यह तो स्वयं कांग्रेस के नेता भी जानते हैं। चाहे राधिका खेड़ा हों या प्रियंका चतुर्वेदी, उनके अनुभव सभी के सामने हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का महिलाओं के प्रति अशोभनीय बयान या धारीवाल का यह दावा कि राजस्थान में रेप इसलिए होते हैं क्योंकि यह 'मर्दों वाला प्रदेश' है, कांग्रेस बार-बार अपनी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर करती रही है।"

सुधांशु त्रिवेदी ने कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस नेता की बेटी नेहा हीरामत की चाकू से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कर्नाटक के गृह मंत्री का बयान था कि यह 'दोस्ती का मामला' था।"

उन्होंने कहा, "मुझे जीतू पटवारी से कहना है कि मध्य प्रदेश वह राज्य है जिसने भाजपा के शासन में सबसे पहले महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया। यहां स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया और देवी अहिल्याबाई के नाम से महिलाओं के उत्थान के लिए एक पूरी योजना चल रही है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि राजनीति में बयानबाजी अक्सर होती है। यह आवश्यक है कि हम उन बयानों के पीछे छिपे विचारों और मानसिकता को समझें। इन बयानों से बहस होती है जो हमारे समाज में महिलाओं की स्थिति को उजागर करती है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीतू पटवारी का बयान क्या था?
जीतू पटवारी ने कहा था कि मध्य प्रदेश में अधिकांश महिलाएं शराब पीती हैं।
सुधांशु त्रिवेदी ने क्या प्रतिक्रिया दी?
सुधांशु त्रिवेदी ने इसे महिलाओं का अपमान और कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताया।
कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता का उदाहरण क्या है?
कांग्रेस के कई नेताओं ने पहले भी महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ की हैं।
राष्ट्र प्रेस
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