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कर्नाटक परीक्षा विवाद: सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर हमला, प्रियांक खड़गे के बयान की निंदा

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कर्नाटक परीक्षा विवाद: सुधांशु त्रिवेदी का कांग्रेस पर हमला, प्रियांक खड़गे के बयान की निंदा

सारांश

कर्नाटक में वेटरनरी और पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मंत्री प्रियांक खड़गे के विवादित बयान को छात्रों का अपमान बताते हुए निष्पक्ष जाँच और कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

मुख्य बातें

कर्नाटक में वेटरनरी प्रवेश परीक्षा और पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 3 अगस्त को कर्नाटक सरकार और कांग्रेस पर छात्र-विरोधी रवैये का आरोप लगाया।
मंत्री प्रियांक खड़गे ने कथित तौर पर कहा कि इस्तीफा माँगने से पहले 25 दिन भूख हड़ताल करें और लाठीचार्ज सहें।
भाजपा ने प्रियांक खड़गे के बयान की कड़ी निंदा की और उनसे नैतिक जिम्मेदारी लेने की माँग की।
त्रिवेदी ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की माँग की।

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 3 अगस्त को नई दिल्ली में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कर्नाटक वेटरनरी प्रवेश परीक्षा और पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं ने छात्र हितों के प्रति कांग्रेस की 'संवेदनशीलता' का मुखौटा उतार दिया है। उनकी यह प्रतिक्रिया कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे के उस विवादित बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर इस्तीफे की माँग को भूख हड़ताल और लाठीचार्ज से जोड़ा।

मुख्य विवाद क्या है

कर्नाटक में वेटरनरी प्रवेश परीक्षा और पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं, जिनसे हज़ारों परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। इस पर जब कर्नाटक सरकार के वरिष्ठ मंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियांक खड़गे से जवाबदेही को लेकर सवाल किया गया, तो उनकी टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया।

प्रियांक खड़गे का विवादित बयान

त्रिवेदी के अनुसार, प्रियांक खड़गे ने कथित तौर पर कहा कि यदि कोई उनका इस्तीफा चाहता है, तो पहले 25 दिनों तक भूख हड़ताल करे, लाठीचार्ज सहे और उसके बाद इस्तीफे की बात करे। त्रिवेदी ने इस बयान को 'छात्रों की भावनाओं का अपमान' करार दिया और कहा कि यह कांग्रेस के भीतर 'अहंकार, असंवेदनशीलता और छात्र-विरोधी सोच' को उजागर करता है।

भाजपा की माँग

सुधांशु त्रिवेदी ने माँग की कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रियांक खड़गे के बयान की कड़ी निंदा करती है और संबंधित मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की अपेक्षा रखती है।

कांग्रेस पर राजनीतिक दोहरेपन का आरोप

त्रिवेदी ने कहा कि नीट प्रवेश परीक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस ने देशभर में छात्र हितैषी होने का दावा किया था, लेकिन कर्नाटक में उसका 'वास्तविक रवैया' सामने आ गया है। उन्होंने कहा, 'दिल्ली में कांग्रेस छात्रों की हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन बेंगलुरु में उसका असली चेहरा दिख गया।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना करते हुए कहा कि मोदी ने छात्र हितों के प्रति संवेदनशीलता और उदारता का परिचय दिया है।

आगे क्या होगा

भाजपा ने छात्रों से अपील की है कि वे उन राजनीतिक दलों के 'वास्तविक चरित्र' को पहचानें जो छात्र हितों के नाम पर राजनीति करते हैं। इस विवाद के बाद कर्नाटक में परीक्षा अनियमितताओं पर जाँच की माँग और तेज होने की संभावना है, और यह मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में केंद्रीय बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जवाबदेही से बचने की उस प्रवृत्ति का प्रतीक है जो सत्ता में आने के बाद कई दलों में दिखती है। दूसरी ओर, भाजपा की यह माँग तब और वज़नदार होती, जब वह केंद्र व अपने शासित राज्यों में परीक्षा पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर भी उतनी ही सख्ती दिखाती। असली सवाल यह है कि कर्नाटक में परीक्षार्थियों को न्याय कब और कैसे मिलेगा — राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से परे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक परीक्षा विवाद क्या है?
कर्नाटक में वेटरनरी प्रवेश परीक्षा और पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिनसे बड़ी संख्या में परीक्षार्थी प्रभावित हो सकते हैं। इन आरोपों ने राज्य में राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है।
प्रियांक खड़गे का विवादित बयान क्या था?
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी के अनुसार, कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने कथित तौर पर कहा कि जो उनका इस्तीफा चाहते हैं, वे पहले 25 दिन भूख हड़ताल करें और लाठीचार्ज सहें। त्रिवेदी ने इसे छात्रों की भावनाओं का अपमान बताया।
भाजपा ने इस मामले में क्या माँग की है?
भाजपा ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की माँग की है। साथ ही, मंत्री प्रियांक खड़गे से नैतिक जिम्मेदारी लेने की अपेक्षा जताई है।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीट जैसे मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर छात्र हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन कर्नाटक में उसके शासन का असली चेहरा सामने आ गया है। उनके अनुसार, कांग्रेस छात्र हितों की बात केवल राजनीतिक लाभ के लिए करती है।
इस विवाद से कर्नाटक के छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?
वेटरनरी और पुलिस भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से प्रभावित परीक्षार्थियों को न्याय मिलने की उम्मीद इस राजनीतिक दबाव के बाद बढ़ सकती है। भाजपा की जाँच की माँग के बाद सरकार पर कार्रवाई का दबाव और तेज होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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