4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रियांक खड़गे का 'लाठीचार्ज' वाला बयान: कर्नाटक पुलिस भर्ती विवाद में भाजपा ने माफी और इस्तीफे की माँग की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रियांक खड़गे का 'लाठीचार्ज' वाला बयान: कर्नाटक पुलिस भर्ती विवाद में भाजपा ने माफी और इस्तीफे की माँग की

सारांश

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का पुलिस भर्ती प्रदर्शनकारियों पर 'लाठीचार्ज' और '25 दिन भूख हड़ताल' वाला बयान वायरल होते ही भाजपा ने माफी और इस्तीफे की माँग कर दी। यह विवाद कर्नाटक में बेरोजगार युवाओं के असंतोष और सत्तारूढ़ कांग्रेस के बीच बढ़ती खाई को उजागर करता है।

मुख्य बातें

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने 3 अगस्त 2026 को पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती प्रदर्शनकारियों पर 'लाठीचार्ज' की चेतावनी देने वाला बयान दिया।
खड़गे ने कहा कि उम्मीदवार 25 दिन भूख हड़ताल करें, काबू न आने पर लाठीचार्ज होगा और तब वे इस्तीफा देंगे।
बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद भड़का।
विधानसभा में विपक्ष के नेता आर.
अशोक ने खड़गे पर बेरोजगार युवाओं के प्रति असंवेदनशीलता का आरोप लगाया।
भाजपा ने खड़गे से सार्वजनिक माफी और तत्काल इस्तीफे की माँग की।

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों को लेकर दिया गया बयान 3 अगस्त 2026 को राजनीतिक तूफान का केंद्र बन गया, जब उनका वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने खड़गे पर बेरोजगार युवाओं के प्रति अहंकार और असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए उनसे तत्काल माफी और इस्तीफे की माँग की।

विवाद की जड़: गृह मंत्री का बयान

पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के आयोजन को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए खड़गे ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा, 'आप हमसे क्या उम्मीद करते हैं? हमारी जिम्मेदारी उनके प्रति भी है और उन लोगों के प्रति भी जो परीक्षा दे रहे हैं। जाहिर है, हमें कुछ लोगों को हिरासत में लेना पड़ा।'

इससे भी अधिक विवादास्पद वह बयान रहा जो उन्होंने उम्मीदवारों की इस्तीफे की माँग के जवाब में दिया। खड़गे ने कहा, 'मैं इस्तीफा दे दूंगा। उन्हें 25 दिनों तक भूख हड़ताल करने दें। फिर, अगर वे काबू में नहीं आए, तो हम उन पर लाठीचार्ज करेंगे, और फिर हम इस्तीफा दे देंगे।' यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही आलोचनाओं की बाढ़ आ गई।

भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने खड़गे के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि 'खड़गे की टिप्पणी से साफ पता चलता है कि उन्हें बेरोजगार युवाओं की कोई परवाह नहीं है।' अशोक ने यह भी कहा कि 'पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों ने यह मौका अपनी कड़ी मेहनत, लगन और उम्मीदों से हासिल किया है, न कि परिवार के असर से।'

अशोक ने यह भी कहा, 'जिन्हें सत्ता विरासत में मिली है, वे शायद उनका दर्द न समझें।' यह टिप्पणी खड़गे के राजनीतिक वंश — वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र हैं — की ओर स्पष्ट संकेत था।

उम्मीदवारों की माँगें और विरोध की पृष्ठभूमि

पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के उम्मीदवार परीक्षा के आयोजन-संबंधी मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ उम्मीदवारों को हिरासत में लिया, जिसके बाद गृह मंत्री से जवाब माँगा गया। गौरतलब है कि कर्नाटक में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पिछले कुछ वर्षों से विवादों में रही है, और बेरोजगार युवाओं का असंतोष राज्य में एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।

विपक्ष की माँगें

अशोक ने माँग की कि खड़गे राज्य के लाखों नौकरी के उम्मीदवारों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी माँगें और नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा दें। भाजपा ने इस मुद्दे को सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार की युवा-विरोधी मानसिकता के प्रमाण के रूप में पेश किया।

आगे क्या

खड़गे की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या खेद अभी तक सामने नहीं आया है। यह मामला कर्नाटक विधानसभा में गूँजने की संभावना है, और आने वाले दिनों में भाजपा इसे राज्य सरकार के विरुद्ध एक बड़े राजनीतिक अभियान के रूप में आगे बढ़ा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गहरी संरचनात्मक समस्या की अभिव्यक्ति है — जब सत्ता में बैठे लोग नौकरशाही की रक्षा को युवाओं की पीड़ा से ऊपर रखते हैं। कर्नाटक में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद नया नहीं है, लेकिन एक गृह मंत्री द्वारा 'लाठीचार्ज' की सार्वजनिक चेतावनी देना सामान्य प्रशासनिक भाषा से कहीं आगे जाता है। भाजपा इसे चुनावी अवसर के रूप में भुनाने में देर नहीं करेगी, लेकिन असली सवाल यह है कि कर्नाटक में पुलिस भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर सरकार की जवाबदेही कब तय होगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियांक खड़गे का विवादित बयान क्या था?
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों के बारे में कहा कि यदि वे 25 दिन भूख हड़ताल करें और काबू में न आएँ, तो उन पर लाठीचार्ज किया जाएगा और फिर वे इस्तीफा दे देंगे। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद व्यापक आलोचना का विषय बना।
कर्नाटक पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती उम्मीदवार किस बात का विरोध कर रहे थे?
उम्मीदवार पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के आयोजन से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ उम्मीदवारों को हिरासत में भी लिया, जिससे तनाव और बढ़ा।
भाजपा ने खड़गे से क्या माँगें रखी हैं?
विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक के नेतृत्व में भाजपा ने माँग की है कि खड़गे राज्य के लाखों नौकरी के उम्मीदवारों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगें और नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा दें।
आर. अशोक ने खड़गे पर क्या आरोप लगाए?
आर. अशोक ने कहा कि खड़गे की टिप्पणियाँ अहंकार और बेरोजगार युवाओं की चिंताओं के प्रति बेरुखी को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्हें सत्ता विरासत में मिली है, वे मेहनतकश उम्मीदवारों का दर्द नहीं समझ सकते।
इस विवाद का कर्नाटक की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह मामला कर्नाटक विधानसभा में गूँजने की संभावना है। भाजपा इसे सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार की युवा-विरोधी मानसिकता के प्रमाण के रूप में उठा सकती है, जबकि राज्य में बेरोजगार युवाओं का असंतोष पहले से ही एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले