केपीएससी विवाद: प्रियांक खड़गे का कुमारस्वामी पर पलटवार, बोले — आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार का ठिकाना मुझे पता है
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने 28 अगस्त को बेंगलुरु में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के उन आरोपों का कड़ा जवाब दिया, जिनमें आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के कथित तौर पर गायब होने पर सवाल उठाए गए थे। खड़गे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें अधिकारी के ठिकाने की पूरी जानकारी है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) या जनता दल (एस) को यह जानकारी सौंपना उनकी कोई बाध्यता नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार कर्नाटक राज्य लोक सेवा आयोग (KPSC) की भर्ती परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े बताए जाते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके ठिकाने को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे। केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार इस अधिकारी को बचा रही है।
पत्रकारों से बात करते हुए खड़गे ने पूछा, 'क्या आईएएस अधिकारी भाग गया है या वह हमारे साथ है? कुमारस्वामी को इसके बारे में क्या पता है?' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारी ने लिखित रूप में छुट्टी का अनुरोध किया था और संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध हैं।
सरकार का रुख
खड़गे ने तर्क दिया कि यदि कोई अधिकारी औपचारिक रूप से अनुमति माँगता है, तो सरकार उस पर अविश्वास नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, 'अगर कोई अधिकारी लिखित में छुट्टी माँगता है, तो क्या हमें उस पर विश्वास नहीं करना चाहिए? जब वह वापस आएगा, तो हम पूछताछ करेंगे कि क्या वह झूठ बोल रहा था।' उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानेंद्र कुमार के लौटने पर तथ्यों की पूरी पड़ताल की जाएगी।
कुमारस्वामी और जेडी(एस) पर तीखा हमला
खड़गे ने कुमारस्वामी और जेडी(एस) पर राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'इतने दिनों तक भाजपा को मेरी जरूरत थी। अब जेडी(एस) को मेरी जरूरत है। अगर वे मुझ पर आरोप लगाकर प्रासंगिक बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें ऐसा करने दें।'
उन्होंने कुमारस्वामी के उस पुराने बयान का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने BJP-RSS को 'जहरीला सांप' बताया था और पूछा कि क्या वे अब यह बात भूल गए हैं। खड़गे ने बेंगलुरु स्थित आरएसएस दफ्तर 'केशव कृपा' का उल्लेख करते हुए कहा कि विरोधी नेता राजनीतिक तरक्की की उम्मीद में उन पर हमले कर रहे हैं।
केपीएससी घोटाले पर पलटवार
खड़गे ने KPSC घोटाले पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने पूछा कि निलंबित KPSC अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार को आयोग का सदस्य और बाद में अध्यक्ष किसने नियुक्त किया। उन्होंने एक अपुष्ट दावे का भी उल्लेख किया — जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है — कि साहूकार ने KPSC अध्यक्ष पद पाने के लिए कथित तौर पर ₹200 करोड़ दिए। खड़गे ने यह भी पूछा कि साहूकार के घर पर पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और बी.वाई. विजयेंद्र की तस्वीरें क्यों हैं। उन्होंने कहा, 'ये आरोप आपके अपने ही दोस्तों की तरफ से लगाए जा रहे हैं।'
केंद्र से कर्नाटक को क्या मिला
खड़गे ने कुमारस्वामी से यह भी पूछा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में वे कर्नाटक के लिए क्या लेकर आए हैं। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब KPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर राज्य में राजनीतिक तनाव चरम पर है और सत्तारूढ़ कांग्रेस तथा विपक्षी BJP-JD(S) गठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।