केपीएससी घोटाले पर कुमारस्वामी का हमला: कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और भर्ती में पारदर्शिता के सवाल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 28 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में विकास कार्यों की गति, केपीएससी (कर्नाटक लोक सेवा आयोग) घोटाले और सरकारी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। कुमारस्वामी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि उनकी पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शायद सरकार के नेताओं को चैन की नींद आ गई होगी।
केपीएससी विवाद और संस्थागत भरोसे पर सवाल
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि केपीएससी का पिछले कई वर्षों से राजनीतिक रूप से दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार, कभी अपनी प्रतिष्ठा के लिए जानी जाने वाली यह संस्था अब जाति और धन के आधार पर नियुक्तियों के आरोपों से घिर गई है, जिससे जनता का भरोसा कमज़ोर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि यदि उन्हें सत्ता मिली तो केपीएससी और केएटी (कर्नाटक प्रशासनिक न्यायाधिकरण) को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
केपीएससी के कंट्रोलिंग ऑफिसर आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार पर भी कुमारस्वामी ने निशाना साधा। उन्होंने आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि पशु चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति के लिए कथित तौर पर ₹80 लाख मांगने की चर्चा सामने आई है। उन्होंने बताया कि ज्ञानेंद्र कुमार ने 23 अगस्त को फोन कर दो दिन में लौटने की बात कही थी, लेकिन बाद में उनके 25 अगस्त को खरगे में होने की जानकारी सामने आई।
विधानसभा सत्र और मंत्रियों के इस्तीफे पर आपत्ति
कुमारस्वामी ने विधानसभा सत्र के अंतिम चरण में हुए हंगामे और मंत्रियों के इस्तीफे के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि यदि 5 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण, पार्क, टनल रोड, बिजनेस कॉरिडोर और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विधेयकों पर विस्तार से चर्चा होती, तो बड़ा विवाद खड़ा हो सकता था। उन्होंने राज्य के गृह मंत्री पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके बयान ऐसे होते हैं जैसे 'बकरी पत्ते कुतर रही हो।'
भर्ती प्रक्रिया में देरी और पारदर्शिता पर सवाल
सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार 75,000 सरकारी कर्मचारियों की भर्ती की बात कर रही है, लेकिन युवाओं को रोज़गार देने की घोषणा करने में तीन साल लग गए। उन्होंने असिस्टेंट इंजीनियर ग्रेड-1 भर्ती का उदाहरण देते हुए बताया कि इसका नोटिफिकेशन 3 सितंबर 2022 को जारी हुआ, लिखित परीक्षा 16 जून 2023 को हुई, व्यक्तित्व परीक्षण 15 व 16 सितंबर 2023 को कराया गया और अंतिम चयन सूची 31 जनवरी 2024 को जारी की गई।
कुमारस्वामी ने भर्ती प्रक्रिया में शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि पारदर्शिता के दावों के बावजूद ज़मीनी हकीकत अलग है।
परप्पना अग्रहारा और विपक्ष की आवाज़ दबाने का आरोप
कुमारस्वामी ने परप्पना अग्रहारा मामले का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने ही इस मुद्दे को लगातार उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ बोलने पर विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है।
आगे क्या होगा
कुमारस्वामी के इन आरोपों के बाद कर्नाटक की राजनीति में नई हलचल की संभावना है। केपीएससी विवाद और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर विपक्ष का दबाव बढ़ने के साथ, कांग्रेस सरकार को जल्द ही इन सवालों का जवाब देना होगा। राज्य में 75,000 सरकारी पदों की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता अब सियासी बहस का केंद्र बन गई है।