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जबरन धर्म परिवर्तन गैरकानूनी, धर्मांतरण विरोधी कानून सही कदम: रामदास अठावले

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जबरन धर्म परिवर्तन गैरकानूनी, धर्मांतरण विरोधी कानून सही कदम: रामदास अठावले

सारांश

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने धर्मांतरण विरोधी कानून का समर्थन करते हुए कहा कि जबरन धर्म परिवर्तन असंवैधानिक है। साथ ही उन्होंने नेपाल बाढ़ में फँसे पर्यटकों, आरक्षण की अनिवार्यता और महिला आरक्षण विधेयक पर भी अपना पक्ष रखा।

मुख्य बातें

रामदास अठावले ने धर्मांतरण विरोधी कानून को 'सकारात्मक कदम' बताया; कहा — जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन कानून के विरुद्ध है।
नेपाल बाढ़ में कई लोगों की मृत्यु, अनेक लापता; महाराष्ट्र सरकार फँसे पर्यटकों को वापस लाने में जुटी।
आरक्षण पर स्पष्ट रुख: ओबीसी को 27% , ईडब्ल्यूएस को 10% आरक्षण बरकरार रहना चाहिए; दलित-आदिवासी आरक्षण से कोई समझौता नहीं।
राहुल गांधी के युवाओं से संवाद पर कहा — बातचीत का अधिकार है, लेकिन 'झूठे दावे' उचित नहीं।
महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन पर निर्णय अभी बाकी; विशेष सत्र पर सरकार विचार कर रही है।

केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-ए) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने 28 अगस्त को मुंबई में धर्मांतरण विरोधी कानून को 'सकारात्मक कदम' बताया और स्पष्ट किया कि जबरन, दबाव या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना संविधान और कानून — दोनों के विरुद्ध है। अठावले ने एक साथ कई राष्ट्रीय मुद्दों — नेपाल बाढ़, आरक्षण, राहुल गांधी के बयान और महिला आरक्षण विधेयक — पर अपनी राय रखी।

धर्मांतरण विरोधी कानून पर अठावले का रुख

अठावले ने कहा, 'संविधान हर नागरिक को अपनी इच्छा से धर्म बदलने का अधिकार देता है, लेकिन जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराना कानून के खिलाफ है।' उनके अनुसार, ऐसे मामलों से निपटने के लिए सरकार का कानून लाना स्वागत योग्य है। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में धर्मांतरण से जुड़े विवाद सुर्खियों में रहे हैं।

नेपाल बाढ़ और फंसे पर्यटक

नेपाल में आई भीषण बाढ़ पर चिंता जताते हुए अठावले ने कहा कि इस आपदा में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है, कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है और अनेक अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि बचाव और राहत कार्य जारी हैं। महाराष्ट्र सहित भारत के विभिन्न हिस्सों से नेपाल गए कुछ पर्यटक भी वहाँ फँसे हुए हैं। अठावले ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयासों में जुटी है।

राहुल गांधी के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा युवाओं से बातचीत और कथित तौर पर किए गए दावों पर अठावले ने कहा कि राहुल गांधी को युवाओं से संवाद करने का पूरा अधिकार है, लेकिन 'झूठे दावे फैलाना उचित नहीं।' उन्होंने कांग्रेस के दशकों लंबे शासनकाल का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि उस दौर में महिलाओं और युवाओं को न्याय क्यों नहीं मिला।

आरक्षण: संवैधानिक अधिकार, कोई समझौता नहीं

आरक्षण के मुद्दे पर अठावले ने दो-टूक कहा कि यह संवैधानिक अधिकार है और इसका विरोध निराधार है। उन्होंने याद दिलाया कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने संविधान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का प्रावधान किया था। बाद में वी.पी. सिंह सरकार ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण जोड़ा। आरपीआई (ए) का स्पष्ट रुख है कि दलितों, आदिवासियों, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस — किसी के भी आरक्षण से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।

महिला आरक्षण विधेयक और विशेष सत्र

महिला आरक्षण विधेयक और संसद के संभावित विशेष सत्र पर अठावले ने कहा कि विपक्ष विशेष सत्र बुलाने की माँग कर रहा है और सरकार भी इस पर विचार कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर अभी निर्णय लिया जाना बाकी है। आगे इन मुद्दों पर राजनीतिक सहमति बनाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ आरक्षण की अनिवार्यता पर जोर। गौरतलब है कि आरपीआई (ए) जैसी पार्टियाँ आंबेडकरवादी विरासत की दावेदार हैं, फिर भी वे उन नीतियों का समर्थन करती हैं जो अल्पसंख्यक धर्मांतरण पर अंकुश लगाती हैं — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है। महिला आरक्षण विधेयक पर 'सरकार विचार कर रही है' जैसी अस्पष्ट भाषा बताती है कि इस मुद्दे पर गठबंधन के भीतर सहमति अभी भी अधूरी है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास अठावले ने धर्मांतरण विरोधी कानून पर क्या कहा?
अठावले ने धर्मांतरण विरोधी कानून को सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि संविधान स्वेच्छा से धर्म बदलने का अधिकार देता है, लेकिन जबरन, दबाव या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना कानून के खिलाफ है और इससे निपटने के लिए कानून लाना सही है।
नेपाल बाढ़ पर अठावले ने क्या कहा और महाराष्ट्र के पर्यटकों का क्या हाल है?
अठावले ने बताया कि नेपाल में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है, कई लोगों की जान गई है और अनेक लापता हैं। महाराष्ट्र सहित भारत के विभिन्न हिस्सों से गए कुछ पर्यटक वहाँ फँसे हुए हैं और महाराष्ट्र सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने के प्रयास कर रही है।
अठावले के अनुसार आरक्षण की मौजूदा स्थिति क्या है?
अठावले ने कहा कि आरक्षण संवैधानिक अधिकार है। अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए आंबेडकर द्वारा संविधान में प्रावधान किया गया, ओबीसी को वी.पी. सिंह सरकार ने 27% आरक्षण दिया और मोदी सरकार ने ईडब्ल्यूएस के लिए 10% जोड़ा। उनकी पार्टी किसी भी वर्ग के आरक्षण को समाप्त करने के पक्ष में नहीं है।
राहुल गांधी के बयानों पर अठावले की क्या प्रतिक्रिया थी?
अठावले ने कहा कि राहुल गांधी को युवाओं से बातचीत का पूरा अधिकार है, लेकिन झूठे दावे फैलाना उचित नहीं। उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासनकाल का हवाला देते हुए सवाल किया कि उस दौरान महिलाओं और युवाओं को न्याय क्यों नहीं मिला।
महिला आरक्षण विधेयक पर अभी क्या स्थिति है?
अठावले के अनुसार विपक्ष संसद का विशेष सत्र बुलाने की माँग कर रहा है और सरकार इस पर विचार कर रही है। महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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