रक्षाबंधन पर इजरायली दूतावास में भारत-इजरायल दोस्ती का अनूठा जश्न, राजनयिक नित्तई बेन-हाइम को बंधी राखी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास में 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भारत-इजरायल संबंधों की एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक झलक देखने को मिली। दूतावास के राजनीतिक सलाहकार एवं युवा राजनयिक नित्तई बेन-हाइम को भारतीय बहनों ने राखी बाँधकर इस पर्व को दोनों देशों के बीच मैत्री और विश्वास के प्रतीक के रूप में मनाया।
दूतावास और राजनयिक ने एक्स पर साझा किया संदेश
इजरायली दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राखी बाँधने का वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'भारत + इजरायल = एक मजबूत और खूबसूरत दोस्ती का बंधन!' यह पोस्ट तेज़ी से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई और दोनों देशों के नागरिकों ने इसे सराहा।
युवा राजनयिक नित्तई बेन-हाइम ने भी एक्स पर अपनी राखी बंधवाने की तस्वीर और वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'रक्षाबंधन की शुभकामनाएं! भाई-बहन का रिश्ता एक-दूसरे की देखभाल, साथ और भरोसे का रिश्ता होता है। बिल्कुल इसी तरह इजरायल और भारत के रिश्ते भी एक-दूसरे के समर्थन और दोस्ती पर आधारित हैं।'
राखी के बाद उपहार और शुभकामनाएँ
राखी बंधवाने के बाद नित्तई बेन-हाइम ने भारतीय बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ देते हुए उपहार भी भेंट किए। उन्होंने भाई-बहन के रिश्ते की तुलना भारत-इजरायल के द्विपक्षीय संबंधों से करते हुए कहा कि जिस प्रकार यह रिश्ता परस्पर देखभाल और विश्वास पर टिका होता है, उसी प्रकार दोनों देशों के संबंध भी आपसी सहयोग और मित्रता की नींव पर खड़े हैं।
राजदूत रूवेन अजार की 'छह स्तंभ' वाली बात का संदर्भ
गौरतलब है कि भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार इससे पहले भी दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों के छह स्तंभों और छह साझा मूल्यों का उल्लेख कर चुके हैं। उनके अनुसार, भारत और इजरायल इन मूलभूत मूल्यों को साझा करते हैं और इन्हें ठोस पहलों एवं सार्थक परिणामों में बदलने के लिए निवेश और संवाद दोनों की आवश्यकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और इजरायल के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और कृषि क्षेत्रों में सहयोग लगातार गहरा होता जा रहा है। रक्षाबंधन जैसे सांस्कृतिक पर्व पर इस तरह की कूटनीतिक पहल सॉफ्ट डिप्लोमेसी का एक सशक्त उदाहरण मानी जा रही है।
सांस्कृतिक कूटनीति का बढ़ता महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों के लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करते हैं। नई दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास की यह पहल भारतीय त्योहारों को कूटनीतिक संवाद के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच इस तरह के सांस्कृतिक सेतु और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।