भारत-इजरायल दोस्ती: एथेंस में इजरायली राजदूत यानाय ने भारतीय दूतावास का किया दौरा
सारांश
मुख्य बातें
ग्रीस की राजधानी एथेंस में 21 अगस्त को इजरायल की नवनियुक्त राजदूत पनिनत यानाय ने भारतीय दूतावास का शिष्टाचार भेंट के तहत दौरा किया, जहाँ उनका स्वागत ग्रीस में भारत के राजदूत रवि शंकर ने किया। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच गहरे होते रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों पर विचार-विमर्श हुआ।
मुलाकात का विवरण
राजदूत यानाय ने दूतावास पहुँचने से पहले ही अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'आज हम इजरायल के बेहतरीन दोस्तों में से एक भारत के दूतावास जा रहे हैं।' उन्होंने इस भेंट के पलों को एक 36 सेकंड की रील में संजोया, जिसमें दूतावास पहुँचने से पहले, दौरान और बाद के क्षण शामिल थे। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए इस वीडियो के साथ उन्होंने लिखा — 'यरूशलम से नई दिल्ली तक सच्ची दोस्ती! जो सीमाओं से परे है।'
इजरायली राजदूत का बयान
इजरायली दूतावास ने राजदूत यानाय को उद्धृत करते हुए कहा कि इजरायल और भारत के बीच केवल साझा हित नहीं हैं — बल्कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने भरोसे, साझा मूल्यों और कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग पर आधारित एक मजबूत, गहरी और रणनीतिक मित्रता विकसित की है।
यानाय ने आगे कहा कि डिप्लोमेसी की शुरुआत देशों के बीच होती है, लेकिन सच्चे संबंध लोगों के बीच भी बनते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे इजरायल और भारत के बीच इस विशेष मित्रता की भावना के साथ एथेंस में मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हैं।
भारत-इजरायल-ग्रीस त्रिपक्षीय संपर्क
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत, इजरायल और ग्रीस के बीच रणनीतिक संवाद पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। तीनों देश भूमध्यसागरीय क्षेत्र और व्यापक पश्चिम एशिया में व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, समुद्री सहयोग तथा कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में साझा हित रखते हैं। बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के बीच इन देशों के बीच बढ़ता कूटनीतिक संवाद महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजदूत रवि शंकर से सीखने का अवसर
राजदूत यानाय ने कहा कि उनके लिए रवि शंकर के अनुभव से सीखना और दोनों देशों के सामने मौजूद चुनौतियों तथा अवसरों पर चर्चा करना बेहद दिलचस्प रहा। गौरतलब है कि यह भेंट नवनियुक्त राजदूत की आधिकारिक कार्यभार संभालने के बाद शुरुआती शिष्टाचार यात्राओं का हिस्सा है।
आगे की राह
इस भेंट को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। एथेंस में दोनों राजदूतों के बीच यह संवाद भविष्य में त्रिपक्षीय सहयोग की नींव को और मजबूत कर सकता है।