क्या इजरायली पीएम ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत कर मिलने की इच्छा जताई?

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क्या इजरायली पीएम ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत कर मिलने की इच्छा जताई?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर चर्चा की। क्या यह संबंध और भी बेहतर होंगे?

Key Takeaways

  • भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की चर्चा हुई।
  • दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ साझा संकल्प को दोहराया।
  • नेतन्याहू ने व्यक्तिगत मुलाकात की इच्छा जताई।
  • भारत ने गाजा शांति योजना के समर्थन की पुष्टि की।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत–इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की और आतंकवाद के खिलाफ साझा संकल्प को दोहराया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “अपने मित्र प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात कर उन्हें और इजरायल की जनता को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। आने वाले वर्ष में भारत–इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।”

उन्होंने आगे कहा, “क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और आतंकवाद के खिलाफ और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ लड़ने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।”

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी बातचीत को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने पर सार्थक चर्चा हुई। नेतन्याहू ने भारत-इजरायल संबंधों की मजबूती का उल्लेख करते हुए कहा कि इस साझेदारी की अपार संभावनाओं को दोनों देशों की जनता के हित में आगे बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से निकट भविष्य में व्यक्तिगत मुलाकात की इच्छा भी जताई।

इससे पहले 17 दिसंबर 2025 को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यरुशलम में प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात कर प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं दी थीं। इस दौरान तकनीक, अर्थव्यवस्था, कौशल एवं प्रतिभा, कनेक्टिविटी और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।

डॉ. जयशंकर ने इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात की, जिसमें भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी की निरंतर प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।

गौरतलब है कि इससे पहले 10 दिसंबर को भी प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार-विमर्श हुआ था। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के प्रति ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति दोहराते हुए भारत–इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति के प्रयासों तथा गाजा शांति योजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए भारत के समर्थन की पुनः पुष्टि की।

Point of View

यह स्पष्ट है कि मोदी और नेतन्याहू के बीच यह वार्ता न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता में भी योगदान देगी। दोनों देशों के बीच सहयोग का विस्तार करना आवश्यक है, और यह बातचीत एक सकारात्मक कदम है।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू के बीच बातचीत का मुख्य विषय क्या था?
दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ साझा संकल्प पर चर्चा की।
क्या नेतन्याहू ने मोदी से व्यक्तिगत मुलाकात की इच्छा जताई?
हाँ, नेतन्याहू ने निकट भविष्य में मोदी से व्यक्तिगत मुलाकात की इच्छा व्यक्त की।
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