भारत ने मेडागास्कर के चक्रवात प्रभावितों के लिए चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री भेजी
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने मेडागास्कर को चिकित्सा सहायता भेजी।
- चक्रवात 'फाइटिया' और 'गेजानी' ने भारी तबाही मचाई।
- राहत सामग्री में जीवनरक्षक दवाएं और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।
- भारत ने मोजाम्बिक में भी सहायता भेजी है।
- भारत की मानवीय पहल अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक है।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने बुधवार को मेडागास्कर को 12 टन चिकित्सा सहायता और 18 टन आपदा राहत सामग्री भेजी। यह सहायता उष्णकटिबंधीय चक्रवात 'फाइटिया' और 'गेजानी' से उत्पन्न तबाही के बाद भेजी गई है। इस बात की जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने दी।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के आधिकारिक प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारत मेडागास्कर के नागरिकों के साथ है। इस वर्ष की शुरुआत में चक्रवात 'फाइटिया' और 'गेजानी' से हुई गंभीर तबाही के बाद भारत ने मानवीय मदद भेजी।"
उन्होंने आगे कहा, "भारतीय वायुसेना का सी-17 विमान 12 टन चिकित्सा सामग्री और 18 टन राहत सामग्री लेकर एंटानानारिवो में उतरा। इस सामग्री में जीवनरक्षक दवाएं, सर्जिकल सप्लाई, टेंट, पानी के संग्रहण टैंक, डिग्निटी किट और खाद्य सामग्री शामिल हैं। इनसे आपदा से प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता मिलने की उम्मीद है।"
मेडागास्कर को चक्रवात 'फाइटिया' से भारी नुकसान हुआ था, जिसने 31 जनवरी 2026 को बोएनी क्षेत्र के सोआलाला के पास उत्तर-पश्चिमी तट पर लैंडफॉल किया। इसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में बाढ़ आ गई। यह चक्रवात 28 जनवरी को मोजाम्बिक चैनल में उत्पन्न हुआ और पूर्व की ओर बढ़ते हुए तेज हो गया। बाद में यह द्वीप को पार कर 1–2 फरवरी के आसपास हिंद महासागर में चला गया।
इसके तुरंत बाद, चक्रवात 'गेजानी' ने फरवरी में मेडागास्कर को फिर से प्रभावित किया। यह 2025–26 के दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर चक्रवात मौसम का तीसरा नामित तूफान था और इस अवधि में मेडागास्कर को प्रभावित करने वाला सबसे शक्तिशाली तूफान था।
इसी बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह भी घोषणा की कि भारत ने मोजाम्बिक में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद वहां भी सहायता भेजी है। मंत्रालय ने कहा कि भारत मोजाम्बिक के साथ एकजुटता में खड़ा है और देश के मध्य तथा दक्षिणी क्षेत्रों में बाढ़ से प्रभावित समुदायों की मदद के लिए बहुआयामी मानवीय सहायता शुरू की है।
भारतीय नौसेना के जहाज के माध्यम से भारत ने 500 मीट्रिक टन चावल तत्काल खाद्य सहायता के रूप में भेजा है। इसके अतिरिक्त, 10 टन राहत सामग्री (जैसे टेंट, हाइजीन किट और पुनर्वास सहायता सामग्री) तथा 3 टन आवश्यक दवाएं भी भेजी गई हैं। एमईए ने बताया कि राहत प्रयासों के तहत पहले ही समुद्री मार्ग से 86 मीट्रिक टन जीवनरक्षक दवाएं भेजी जा चुकी हैं।