मंदसौर में मेफेड्रोन ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, ₹25 लाख से अधिक का सामान जब्त; आरोपियों ने पुलिस पर चलाई गोली
सारांश
मुख्य बातें
मंदसौर में मध्य प्रदेश पुलिस ने 1 अगस्त 2026 की रात एक अवैध मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और ₹25 लाख से अधिक मूल्य का सामान जब्त किया। छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद आरोपियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी की और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
कैसे हुई छापेमारी
31 जुलाई-1 अगस्त 2026 की रात मिली गुप्त सूचना के आधार पर सीतामऊ पुलिस थाने की एक विशेष टीम ने मानपुरा गांव में मानपुरा-बडावड़ी रोड पर पानी की टंकी के निकट दिलीप गयारी के खेत में बनी एक टिन की झोपड़ी पर दबिश दी। पुलिस दल के पहुँचते ही आरोपियों ने अधिकारियों पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना, अतिरिक्त एसपी (ग्रामीण) राम स्नेही मिश्रा और पुलिस उपमंडल अधिकारी दिनेश प्रजापति ने किया।
जब्त सामग्री का ब्यौरा
परिसर की गहन तलाशी में एक पूरी तरह चालू अवैध कृत्रिम औषधि निर्माण इकाई का पता चला। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामग्री बरामद की:
110 ग्राम एमडी ड्रग्स, चार कंटेनरों में लगभग 208 किलोग्राम एमडीसी रसायन, लगभग 117.8 किलोग्राम अन्य रसायन, 1.8 किलोग्राम क्रिस्टलीय पदार्थ, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक गैस भट्टी, एक इलेक्ट्रिक हीट गन, एक विशेष मोटरयुक्त ड्रम, प्लास्टिक कंटेनर, स्टील के बर्तन और मादक पदार्थ उत्पादन में प्रयुक्त अन्य उपकरण। इसके अलावा एक बिना पंजीकरण वाली महिंद्रा स्कॉर्पियो कार भी जब्त की गई। अधिकारियों के अनुसार जब्त सामग्री का कुल मूल्य ₹25 लाख से अधिक है।
कानूनी कार्रवाई
सीतामऊ पुलिस थाने में आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों का पता लगाने और इस अवैध नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने के लिए जांच जारी है।
व्यापक अभियान का हिस्सा
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस के उस निरंतर अभियान की कड़ी है जो राज्य भर में सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी मंदसौर पुलिस ने जिले में इसी तरह की एक अवैध कृत्रिम औषधि निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था, जो यह संकेत देता है कि यह क्षेत्र इस प्रकार की अवैध गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। अधिकारियों ने मादक पदार्थों के खतरे को जड़ से समाप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
आगे क्या होगा
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और इस अवैध ड्रग नेटवर्क के व्यापक तार खोलने के लिए जांच टीमें सक्रिय हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह फैक्ट्री संभवतः किसी बड़े आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा थी, जिसकी पड़ताल की जा रही है।