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मंदसौर में मेफेड्रोन ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, ₹25 लाख से अधिक का सामान जब्त; आरोपियों ने पुलिस पर चलाई गोली

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मंदसौर में मेफेड्रोन ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, ₹25 लाख से अधिक का सामान जब्त; आरोपियों ने पुलिस पर चलाई गोली

सारांश

मंदसौर के मानपुरा गांव में पुलिस ने एक चालू मेफेड्रोन निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया — ₹25 लाख से अधिक का सामान जब्त, आरोपियों ने पुलिस पर गोली चलाई और फरार हो गए। यह मंदसौर में कुछ ही दिनों में दूसरी ऐसी बड़ी कार्रवाई है।

मुख्य बातें

मंदसौर पुलिस ने 1 अगस्त 2026 को मानपुरा गांव में अवैध मेफेड्रोन ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
जब्त सामग्री में 110 ग्राम एमडी ड्रग्स , 208 किलोग्राम एमडीसी रसायन , 117.8 किलोग्राम अन्य रसायन और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो शामिल; कुल मूल्य ₹25 लाख से अधिक।
आरोपियों ने छापेमारी के दौरान पुलिस पर गोलीबारी की और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
एनडीपीएस अधिनियम , भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज।
यह मंदसौर में कुछ दिनों में दूसरी अवैध सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री पर कार्रवाई है।

मंदसौर में मध्य प्रदेश पुलिस ने 1 अगस्त 2026 की रात एक अवैध मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और ₹25 लाख से अधिक मूल्य का सामान जब्त किया। छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद आरोपियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी की और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

कैसे हुई छापेमारी

31 जुलाई-1 अगस्त 2026 की रात मिली गुप्त सूचना के आधार पर सीतामऊ पुलिस थाने की एक विशेष टीम ने मानपुरा गांव में मानपुरा-बडावड़ी रोड पर पानी की टंकी के निकट दिलीप गयारी के खेत में बनी एक टिन की झोपड़ी पर दबिश दी। पुलिस दल के पहुँचते ही आरोपियों ने अधिकारियों पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।

इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना, अतिरिक्त एसपी (ग्रामीण) राम स्नेही मिश्रा और पुलिस उपमंडल अधिकारी दिनेश प्रजापति ने किया।

जब्त सामग्री का ब्यौरा

परिसर की गहन तलाशी में एक पूरी तरह चालू अवैध कृत्रिम औषधि निर्माण इकाई का पता चला। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामग्री बरामद की:

110 ग्राम एमडी ड्रग्स, चार कंटेनरों में लगभग 208 किलोग्राम एमडीसी रसायन, लगभग 117.8 किलोग्राम अन्य रसायन, 1.8 किलोग्राम क्रिस्टलीय पदार्थ, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक गैस भट्टी, एक इलेक्ट्रिक हीट गन, एक विशेष मोटरयुक्त ड्रम, प्लास्टिक कंटेनर, स्टील के बर्तन और मादक पदार्थ उत्पादन में प्रयुक्त अन्य उपकरण। इसके अलावा एक बिना पंजीकरण वाली महिंद्रा स्कॉर्पियो कार भी जब्त की गई। अधिकारियों के अनुसार जब्त सामग्री का कुल मूल्य ₹25 लाख से अधिक है।

कानूनी कार्रवाई

सीतामऊ पुलिस थाने में आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों का पता लगाने और इस अवैध नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने के लिए जांच जारी है।

व्यापक अभियान का हिस्सा

यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस के उस निरंतर अभियान की कड़ी है जो राज्य भर में सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी मंदसौर पुलिस ने जिले में इसी तरह की एक अवैध कृत्रिम औषधि निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था, जो यह संकेत देता है कि यह क्षेत्र इस प्रकार की अवैध गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। अधिकारियों ने मादक पदार्थों के खतरे को जड़ से समाप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

आगे क्या होगा

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और इस अवैध ड्रग नेटवर्क के व्यापक तार खोलने के लिए जांच टीमें सक्रिय हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह फैक्ट्री संभवतः किसी बड़े आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा थी, जिसकी पड़ताल की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पूरी जंजीर नहीं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंदसौर में किस ड्रग की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई?
मंदसौर के मानपुरा गांव में मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स बनाने वाली एक पूरी तरह चालू अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई। यह छापेमारी 1 अगस्त 2026 को सीतामऊ पुलिस थाने की विशेष टीम ने की।
मंदसौर ड्रग फैक्ट्री में क्या-क्या जब्त हुआ?
पुलिस ने 110 ग्राम एमडी ड्रग्स, 208 किलोग्राम एमडीसी रसायन, 117.8 किलोग्राम अन्य रसायन, 1.8 किलोग्राम क्रिस्टलीय पदार्थ, निर्माण उपकरण और एक बिना पंजीकरण वाली महिंद्रा स्कॉर्पियो जब्त की। जब्त सामग्री का कुल मूल्य ₹25 लाख से अधिक बताया गया है।
छापेमारी के दौरान क्या हुआ?
पुलिस दल के मौके पर पहुँचते ही आरोपियों ने अधिकारियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
फरार आरोपियों के खिलाफ सीतामऊ पुलिस थाने में एनडीपीएस अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच जारी है।
क्या मंदसौर में पहले भी ऐसी कार्रवाई हुई है?
हाँ, कुछ दिन पहले भी मंदसौर पुलिस ने जिले में इसी तरह की एक अवैध कृत्रिम औषधि निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। यह मध्य प्रदेश पुलिस के सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ जारी व्यापक अभियान का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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