क्या सतारा में पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही मेफेड्रोन फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- सतारा में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई।
- 55 करोड़ की मेफेड्रोन जब्त की गई।
- 5 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
- पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही फैक्ट्रियों का पर्दाफाश।
- जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
सतारा, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के सतारा जिले में ड्रग्स के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई हुई है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक मोबाइल मेफेड्रोन फैक्ट्री का खुलासा करते हुए लगभग 55 करोड़ रुपए की अवैध ड्रग्स जब्त की हैं। इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कराड तहसील के एक गांव में कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान एक सक्रिय लैब मिली, जिसमें मेफेड्रोन बनाने के लिए आवश्यक मशीनें और रसायन मौजूद थे।
जांच में यह बात सामने आई कि इस अवैध फैक्ट्री को पोल्ट्री फार्म के रूप में छिपाया गया था ताकि किसी को संदेह न हो। इस यूनिट ने पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार अपनी लोकेशन बदल दी थी।
छापे के दौरान विभिन्न रूपों में मेफेड्रोन बरामद की गई, जिसमें 11.848 किलो लिक्विड फॉर्म, 9.326 किलो सेमी-लिक्विड फॉर्म और 738 ग्राम क्रिस्टल फॉर्म शामिल है। इसके साथ ही 71.5 किलो कच्चा माल भी जब्त किया गया, जिससे लगभग 15 किलो और मेफेड्रोन बनाई जा सकती थी। जब्त की गई कुल ड्रग्स और सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 55 करोड़ रुपए आंकी गई है।
अधिकारियों ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें ड्रग्स बनाने वाला 'कुक', इसका फाइनेंसर-कंसाइनर और पोल्ट्री फार्म का मालिक शामिल है।
जांच में यह भी सामने आया कि तैयार माल का पहला बैच फार्म मालिक के घर में छिपाकर रखा गया था। इसके बाद डीआरआई ने फॉलो-अप ऑपरेशन के दौरान घने जंगल वाले इलाके में एक पुराने ऑक्ट्रोई टोल नाके के पास से दो और आरोपियों को पकड़ा, जो फाइनल प्रोडक्ट लेने आए थे। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
गिरफ्तार 5 में से 4 आरोपियों के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।