गुजरात एटीएस ने यूपी में अवैध मेफेड्रोन निर्माण का पर्दाफाश किया; अहमदाबाद से जुड़े दो संदिग्ध गिरफ्तार

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गुजरात एटीएस ने यूपी में अवैध मेफेड्रोन निर्माण का पर्दाफाश किया; अहमदाबाद से जुड़े दो संदिग्ध गिरफ्तार

सारांश

गुजरात एटीएस ने यूपी में एक अवैध मेफेड्रोन निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। अहमदाबाद से जुड़े मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई 1 मार्च को अहमदाबाद में हुई जब्ती के बाद की गई।

Key Takeaways

  • गुजरात एटीएस ने यूपी में अवैध मेफेड्रोन लैब का भंडाफोड़ किया।
  • चार आरोपी गिरफ्तार, जिनमें से दो अहमदाबाद से हैं।
  • सीक्रेट ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा हुआ।
  • कड़ी कार्रवाई के तहत भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए।
  • जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत एटीएस की कार्यवाही जारी।

अहमदाबाद, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी दी कि गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में एक अवैध मेफेड्रोन निर्माण इकाई का खुलासा किया है। यह कार्रवाई अहमदाबाद में की गई एक जब्ती के बाद प्रारंभ हुई जांच के दौरान किए गए।

इस मामले का आरंभ 1 मार्च को हुआ, जब एटीएस अधिकारियों ने अहमदाबाद के दानिलिमडा क्षेत्र में शफात अहमद उर्फ चांद मोहम्मद फारूकी से 4.6 ग्राम ड्रग्स जब्त किया।

इस जब्ती के आधार पर, सोहेल उर्फ भूरा मिर्जा (25) और फरहान उर्फ भूरा पठान (38), जो दोनों अहमदाबाद के निवासी हैं, को गिरफ्तार किया गया। यह नशीला पदार्थ शफात को इन्हीं दोनों ने आपूर्ति किया था।

एटीएस पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(सी), 22(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान, एटीएस ने 'टॉप-डाउन' और 'बॉटम-अप' दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया।

आरोपियों से पूछताछ में यह पता चला कि सोहेल मिर्जा ने पंकज और कपिल नामक दो लोगों से लगभग 300 ग्राम मेफेड्रोन खरीदा था। इस जानकारी पर कार्यवाही करते हुए, एटीएस ने तकनीकी और मानव संसाधन से जानकारी जुटाई, जिससे पता चला कि ये दोनों अंबेडकरनगर में मेफेड्रोन के अवैध निर्माण में संलग्न थे।

एटीएस की एक विशेष टीम ने 12 दिनों तक कई संदिग्ध स्थानों पर निगरानी रखी। रामनगर कर्री गांव में एक टिन शेड के पास कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ देखी गईं, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की सहायता से वहां छापा मारा गया। जांचकर्ताओं ने पाया कि यह गुप्त धंधा लगभग छह महीनों से चल रहा था।

मौके से दो आरोपियों, कपिलदेव शर्मा (31) और रामशंकर उर्फ पंकज परशुराम (30), को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों उत्तर प्रदेश के बेनी गद्दोपुर गांव के निवासी हैं। अधिकारियों ने बताया कि दोनों की शिक्षा केवल स्कूली स्तर तक ही है।

छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल जब्त किया गया। इसमें 6 किलोग्राम तैयार मेफेड्रोन, 50 किलोग्राम तरल मेफेड्रोन, 88 किलोग्राम '2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन' (जिसे हाल ही में एक 'नियंत्रित पदार्थ' घोषित किया गया है), और लगभग 200 किलोग्राम अन्य कच्चा माल और रसायन शामिल थे।

एटीएस के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सुनील जोशी ने कहा, "भारत सरकार और गुजरात सरकार की नशीले पदार्थों के मामलों में जीरो-टॉलरेंस नीति है। इस नीति के तहत, ऐसी गतिविधियों में शामिल सभी आरोपियों को एटीएस की टीम द्वारा गिरफ्तार किया जाता है। अहमदाबाद के एक व्यक्ति, शफात, के पास से नशीले पदार्थ मिले थे, और आगे की जांच से हमें एक बड़े नेटवर्क का पता चला।"

उन्होंने आगे कहा, "दोनों मुख्य आरोपियों को हमने अपनी हिरासत में ले लिया है और हम उनके कार्य करने के तरीके, सप्लाई चेन वगैरह की जांच करेंगे।"

सभी आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।

Point of View

जिसके खिलाफ हमें एकजुट होकर खड़ा होना होगा।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात एटीएस ने किस अवैध गतिविधि का पर्दाफाश किया?
गुजरात एटीएस ने उत्तर प्रदेश में मेफेड्रोन बनाने वाली एक अवैध यूनिट का भंडाफोड़ किया।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
इस मामले में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गुजरात एटीएस की जीरो-टॉलरेंस नीति का क्या महत्व है?
यह नीति नशीले पदार्थों के मामलों में कड़ी कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समाज को सुरक्षित रखने में सहायक है।
क्या गिरफ्तार आरोपियों के पास से क्या सामग्री बरामद की गई?
गिरफ्तार आरोपियों के पास से भारी मात्रा में मेफेड्रोन और इसे बनाने के लिए आवश्यक कच्चा माल बरामद किया गया।
इस मामले में आगे की कार्रवाई क्या होगी?
सभी आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।
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