बड़ा फैसला: अहमदाबाद में NCB ने दो ड्रग तस्करों को दिलाई 15 साल की सख्त सजा

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बड़ा फैसला: अहमदाबाद में NCB ने दो ड्रग तस्करों को दिलाई 15 साल की सख्त सजा

सारांश

अहमदाबाद की विशेष एनडीपीएस अदालत ने दो ड्रग तस्करों को 15 साल की सख्त कैद और 2-2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। NCB ने नवंबर 2023 में कालूपुर स्टेशन पर 504 ग्राम मेफेड्रोन के साथ इन्हें गिरफ्तार किया था। मुंबई-अहमदाबाद रूट पर अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क उजागर।

Key Takeaways

  • विशेष एनडीपीएस अदालत, अहमदाबाद ने 24 अप्रैल 2025 को दो ड्रग तस्करों को 15-15 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई।
  • दोषी ठहराए गए आरोपी हैं — शेख मोहम्मद सोहेल अब्दुल कादर (खानपुर, अहमदाबाद) और नदीम शेख (शाहपुर, अहमदाबाद)।
  • 11 नवंबर 2023 को कालूपुर रेलवे स्टेशन पर गुजरात एक्सप्रेस से 504 ग्राम मेफेड्रोन (MD) बरामद किया गया था।
  • जांच में CDR, यात्रा रिकॉर्ड, होटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के जरिए मुंबई-अहमदाबाद अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क उजागर हुआ।
  • मामले में एनडीपीएस एक्ट 1985 की धाराओं 8(सी), 22(सी) और 29 के तहत आरोप-पत्र 4 मई 2024 को दाखिल हुआ।
  • दोनों पर 2-2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया; ड्रग सूचना हेतु हेल्पलाइन नंबर 1933 जारी।

अहमदाबाद, 24 अप्रैलनारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की अहमदाबाद जोनल यूनिट ने ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कानूनी जीत हासिल की है। विशेष एनडीपीएस अदालत ने शुक्रवार को दो आरोपियों — शेख मोहम्मद सोहेल अब्दुल कादर और नदीम शेख — को 15 साल की सख्त कैद और प्रत्येक पर 2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। यह मामला नवंबर 2023 में अहमदाबाद के कालूपुर रेलवे स्टेशन पर 504 ग्राम मेफेड्रोन (MD) की बरामदगी से जुड़ा है।

गिरफ्तारी की पूरी कहानी

11 नवंबर 2023 को NCB अधिकारियों को पुख्ता खुफिया जानकारी मिली कि मुंबई से अहमदाबाद आने वाली ट्रेन नंबर 22953 (गुजरात एक्सप्रेस) में दो संदिग्ध यात्री प्रतिबंधित नशीले पदार्थ लेकर आ रहे हैं।

अधिकारियों ने कालूपुर रेलवे स्टेशन पर दोनों आरोपियों को रोका। एक अधिकारी की उपस्थिति में विधिवत तलाशी के दौरान उनके पास से 504 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी) बरामद किया गया — जो एक अत्यंत नशीला और प्रतिबंधित सिंथेटिक पदार्थ है। उसी दिन दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच में उजागर हुई अंतरराज्यीय तस्करी की कड़ी

जांच के दौरान दोनों आरोपियों ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 67 के तहत अपने बयान दर्ज कराए, जिनमें उन्होंने नशीले पदार्थ की खरीद और परिवहन में अपनी-अपनी भूमिका स्वीकार की।

NCB ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), यात्रा रिकॉर्ड, होटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के आधार पर पूरी अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी की साजिश को उजागर किया। यह नेटवर्क मुंबई से गुजरात तक फैला हुआ था।

शेख मोहम्मद सोहेल अब्दुल कादर सैयद वाडा, खानपुर, अहमदाबाद का निवासी है, जबकि नदीम शेख गोलवाड लाल बंगला, शाहपुर, अहमदाबाद का रहने वाला है — यानी दोनों आरोपी स्थानीय थे लेकिन उनका नेटवर्क राज्य की सीमाओं से परे था।

अदालत का फैसला और कानूनी प्रक्रिया

जांच पूरी होने के बाद 4 मई 2024 को विशेष एनडीपीएस कोर्ट, सिटी सिविल और सेशंस कोर्ट, अहमदाबाद में एनडीपीएस एक्ट 1985 की धाराओं 8(सी), 22(सी) और 29 के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया गया।

करीब एक साल की न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष एनडीपीएस अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 15 साल की सख्त कैद और प्रत्येक पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। यह सजा मेफेड्रोन जैसे व्यावसायिक मात्रा में पाए जाने वाले नशीले पदार्थों के लिए एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अधिकतम दंड प्रावधानों में से एक है।

NCB की अपील — जनता करे सहयोग

NCB ने ड्रग तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम में जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की है। नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन या व्यापार से जुड़ी किसी भी सूचना को नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर 1933) पर दर्ज कराया जा सकता है।

ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। यह कदम समाज में ड्रग विरोधी जागरूकता बढ़ाने और नागरिक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

व्यापक संदर्भ: गुजरात में बढ़ती ड्रग तस्करी

गौरतलब है कि गुजरात हाल के वर्षों में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का एक प्रमुख मार्ग बनकर उभरा है। मुंबई-अहमदाबाद रेल मार्ग पर सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी की यह कोई पहली घटना नहीं है। NCB और राज्य पुलिस की संयुक्त कार्रवाइयों में पिछले दो वर्षों में मेफेड्रोन, हेरोइन और अन्य सिंथेटिक नशीले पदार्थों की बड़ी खेपें पकड़ी गई हैं।

यह फैसला इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि यह ड्रग तस्करों को यह संदेश देता है कि कानून का शिकंजा अब और सख्त हो गया है और लंबी सजा अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि अदालतों में भी सुनिश्चित हो रही है।

आगे देखें तो NCB की अहमदाबाद जोनल यूनिट इसी नेटवर्क के अन्य कड़ियों की तलाश जारी रख सकती है, क्योंकि जांच में सामने आए वित्तीय लेन-देन और संपर्क सूत्र अभी और बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर सकते हैं।

Point of View

बल्कि मुंबई-गुजरात ड्रग कॉरिडोर पर बढ़ते खतरे की एक और परत उघाड़ती है। सवाल यह है कि जब नेटवर्क इतना संगठित था — कॉल रिकॉर्ड, होटल बुकिंग, वित्तीय लेन-देन सब जुड़े हुए — तो क्या ये दोनों महज मोहरे थे और असली सरगना अभी भी बाहर है? NCB को इस फैसले की सफलता के साथ-साथ उस बड़े नेटवर्क को भी कटघरे में लाना होगा जो इन्हें सप्लाई कर रहा था। 15 साल की सजा एक मजबूत संदेश है, लेकिन तब तक ड्रग माफिया पर असली लगाम नहीं लगेगी जब तक आपूर्ति श्रृंखला की जड़ें नहीं काटी जातीं।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

अहमदाबाद NCB ड्रग केस में किसे सजा मिली?
विशेष एनडीपीएस अदालत ने शेख मोहम्मद सोहेल अब्दुल कादर और नदीम शेख को दोषी करार दिया। दोनों को 15 साल की सख्त कैद और 2-2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।
कालूपुर स्टेशन पर NCB ने कितना मेफेड्रोन बरामद किया था?
11 नवंबर 2023 को NCB ने कालूपुर रेलवे स्टेशन पर गुजरात एक्सप्रेस से दोनों आरोपियों के पास से 504 ग्राम मेफेड्रोन (MD) बरामद किया था। यह एक अत्यंत प्रतिबंधित सिंथेटिक नशीला पदार्थ है।
एनडीपीएस एक्ट की किन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ?
इस मामले में एनडीपीएस एक्ट 1985 की धाराओं 8(सी), 22(सी) और 29 के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया गया था। आरोप-पत्र 4 मई 2024 को विशेष एनडीपीएस कोर्ट में दाखिल हुआ।
ड्रग तस्करी की जानकारी कहां दें?
नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की सूचना नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1933 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
मेफेड्रोन क्या होता है और यह क्यों प्रतिबंधित है?
मेफेड्रोन (MD) एक सिंथेटिक सायकोएक्टिव पदार्थ है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर तीव्र प्रभाव डालता है और अत्यंत नशे की लत लगाता है। भारत में यह एनडीपीएस एक्ट के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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