गुजरात एटीएस ने राजस्थान से दो तस्करों को पकड़ा, 25 करोड़ की ड्रग्स बरामद
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात एटीएस और राजस्थान एटीएस ने मिलकर ड्रग तस्करी का भंडाफोड़ किया।
- 5 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद की गई, जिसकी कीमत 25 करोड़ रुपए है।
- गिरफ्तार किए गए तस्करों के पास डिजिटल सबूत मिले हैं।
- यह अभियान नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
- गुजरात और राजस्थान एटीएस के बीच समन्वय ने इस कार्रवाई को सफल बनाया।
अहमदाबाद, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने राजस्थान एटीएस के सहयोग से एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया। इस अभियान में राजस्थान से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और लगभग पांच किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की गई।
गुजरात एटीएस के इंस्पेक्टर जेएम. पटेल को गुप्त सूचना मिली कि शंकरराम रामेशराम और सलमान लालखान नामक दो लोग राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से मेथामफेटामाइन ले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह नशीला पदार्थ भारत में वितरण के लिए एक पाकिस्तानी तस्कर द्वारा भेजा गया था।
सूचना की पुष्टि होते ही इसे एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा किया गया और संयुक्त अभियान चलाने की अनुमति दी गई। गुजरात एटीएस ने राजस्थान एटीएस से संपर्क किया। दोनों टीमों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 68 पर चेकपॉइंट स्थापित किया। यह राजमार्ग जैसलमेर को बनासकांठा से जोड़ता है।
6 अप्रैल की शाम को अधिकारियों ने नियमित जांच के दौरान एक संदिग्ध ईको गाड़ी को रोका। गाड़ी में रखे पीले बैग में पांच पारदर्शी पैकेट मिले, जिनमें सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ था। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि यह मेथामफेटामाइन है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 25 करोड़ रुपए है। बाड़मेर जिले के रामसर के निवासी दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
सदर बाड़मेर पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इन नशीले पदार्थों की तस्करी पाकिस्तान के थारपारकर इलाके से मस्त मुबारक नामक व्यक्ति ने की थी और इन्हें बाड़मेर में किसी व्यक्ति को सौंपने के लिए छोड़ा गया था।
अधिकारियों ने आरोपियों के मोबाइल फोन से डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं, जिसमें वाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और वीडियो शामिल हैं। इन सबूतों की मदद से पूरे सिंडिकेट का पता लगाने में सहायता मिल सकती है। इस कार्रवाई को अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह गुजरात और राजस्थान एटीएस के बीच प्रभावशाली तालमेल को प्रदर्शित करता है।