अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद जाएंगे: व्हाइट हाउस

Click to start listening
अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद जाएंगे: व्हाइट हाउस

सारांश

व्हाइट हाउस ने अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम की सफलता की घोषणा की है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद में वार्ता का नेतृत्व करेंगे। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में।

Key Takeaways

  • अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम की सफलता एक महत्वपूर्ण घटना है।
  • उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद में वार्ता का नेतृत्व करेंगे।
  • 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' ने कई सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया।
  • 13 अमेरिकी सैनिक इस ऑपरेशन में शहीद हुए हैं।
  • संघर्ष-विराम अमेरिका की रणनीतिक जीत है।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने जानकारी दी है कि अमेरिका ने दो-सप्ताह के संघर्ष-विराम में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना ने संभव बनाया। अब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद में अमेरिका का नेतृत्व करते हुए समझौता वार्ता में शामिल होंगे।

अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम की घोषणा के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए लेविट ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की सफलता का श्रेय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना को दिया। उन्होंने इसे संयुक्त राज्य अमेरिका की एक महत्वपूर्ण जीत बताया, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी अद्भुत सेना ने संभव किया।

संघर्ष-विराम की घोषणा के बाद लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इस्लामाबाद भेजा है ताकि वे ईरान के साथ बातचीत में अमेरिका का नेतृत्व कर सकें।

व्हाइट हाउस प्रेस सचिव ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रणनीतिक सैन्य उद्देश्यों के लिए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की शुरुआत की थी, और अमेरिका ने उन उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से हासिल किया है।

इस दौरान लेविट ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में शहीद हुए 13 अमेरिकी सैनिकों के बलिदान को याद करते हुए उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे हम इस प्रगति को देख रहे हैं, हम उन 13 अमेरिकी नायकों को भी याद करते हैं जिन्होंने इस नेक काम में अपनी जान दी। राष्ट्रपति ट्रंप और हमारा कृतज्ञ राष्ट्र उनके बलिदान का सम्मान करता है और हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे।"

पेंटागन ने बुधवार को एक बयान जारी करते हुए बताया कि अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया। यह एक बड़ा सैन्य अभियान रहा, जिसमें अमेरिका ने अपने 13 सैनिकों को खोया।

जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, एयर फोर्स जनरल डैन केन ने कहा कि इस ऑपरेशन का पैमाना इसकी तीव्रता और पहुंच को दर्शाता है। उन्होंने बताया, "युद्ध कार्रवाई शुरू होने के बाद, अमेरिकी संयुक्त बलों ने 13,000 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया।"

इन लक्ष्यों में से 4,000 से अधिक लक्ष्य युद्ध के दौरान अचानक सामने आए और उन्हें तुरंत तेज कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से निशाना बनाया गया।

इस ऑपरेशन में 10,000 से अधिक मिशन शामिल थे, जिनमें 62 बॉम्बर उड़ानें भी थीं। इनमें से कुछ उड़ानें अमेरिका से ईरान तक जाकर और वापस आने में 30 घंटे से अधिक समय ले गईं।

केन ने कहा कि दुनिया में कोई और सेना ऐसा नहीं कर सकती, और इसे अमेरिका की लॉजिस्टिक क्षमता का एक उदाहरण बताया।

Point of View

NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिका-ईरान संघर्ष-विराम कब घोषित हुआ?
संघर्ष-विराम की घोषणा हाल ही में की गई है, जिसमें अमेरिका ने महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस किस कार्य के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं?
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ समझौता वार्ता में अमेरिका का नेतृत्व करने के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं।
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' क्या है?
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' एक रणनीतिक सैन्य अभियान है जिसने अमेरिका को कई लक्ष्यों को निशाना बनाने में मदद की है।
इस ऑपरेशन में कितने अमेरिकी सैनिक शहीद हुए?
इस ऑपरेशन में 13 अमेरिकी सैनिक शहीद हुए हैं।
पेंटागन ने ऑपरेशन के बारे में क्या जानकारी दी?
पेंटागन ने बताया कि अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया।
Nation Press