एनसीईआरटी का रेडियो कार्यक्रम: शिक्षा को सरल और मनोरंजक बनाने की दिशा में एक अनूठा प्रयास

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एनसीईआरटी का रेडियो कार्यक्रम: शिक्षा को सरल और मनोरंजक बनाने की दिशा में एक अनूठा प्रयास

सारांश

एनसीईआरटी ने शिक्षा को रोचक बनाने के लिए 'उमंग' नामक रेडियो कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य ज्ञान को सरल और मनोरंजक तरीके से छात्रों और श्रोताओं तक पहुंचाना है। जानिए इसके लाभ और विशेषताएं।

Key Takeaways

  • एनसीईआरटी का 'उमंग' कार्यक्रम शिक्षा को रोचक बनाता है।
  • यह कार्यक्रम बच्चों के लिए ज्ञान का सरल माध्यम है।
  • ऑडियो विजुअल सामग्री से सीखने में मदद मिलती है।
  • इसमें सांस्कृतिक गतिविधियों का जीवंत वर्णन होता है।
  • यह डिजिटल प्लेटफार्मों पर भी उपलब्ध है।

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, जिसे हम एनसीईआरटी के नाम से जानते हैं, ने शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए एक नई पहल की है। इस पहल के तहत रेडियो कार्यक्रम श्रृंखला ‘उमंग’ का शुभारंभ किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और सामान्य श्रोताओं तक ज्ञान को सरल और मनोरंजक तरीके से पहुंचाना है, ताकि सीखने का अनुभव आनंददायक बन सके।

यह विशेष रूप से उन बच्चों के लिए सहायक है जो ऑडियो विजुअल माध्यम से सीखने में अधिक रुचि रखते हैं। इस श्रृंखला में प्रसारित कार्यक्रम ‘ओणम के रंग’ केरल के प्रसिद्ध उत्सव ओणम पर आधारित है। इसमें ओणम के पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व को विस्तार से समझाया गया है, जिससे श्रोता इस पर्व की मूल भावना को आसानी से समझ सकें।

कार्यक्रम में ओणम के दौरान होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों, जैसे पुक्कलम की सजावट, पारंपरिक नृत्य, नौका दौड़ और विशेष भोज साद्य का भी जीवंत वर्णन किया गया है। यह कार्यक्रम भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जानने का एक शानदार तरीका है।

एनसीईआरटी के अनुसार, एक अन्य कार्यक्रम ‘सपना जो साकार हुआ’ भी है, जो विज्ञान और नवाचार की प्रेरक कहानी प्रस्तुत करता है। इसमें हवाई जहाज के आविष्कार को एक नाटक के रूप में दर्शाया गया है, जिसमें बताया गया है कि कैसे मानव ने उड़ने का सपना देखा और उसे साकार करने के लिए निरंतर प्रयास किए।

यह कार्यक्रम बच्चों को यह सिखाता है कि दृढ़ निश्चय और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इन कार्यक्रमों की भाषा सरल और संवादात्मक है, जिससे सभी आयु वर्ग के श्रोताओं को आसानी से जुड़ने में मदद मिलती है।

ये कार्यक्रम यूट्यूब सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों पर उपलब्ध हैं, जिससे लोग अपनी सुविधानुसार इन्हें कभी भी सुन सकते हैं। इस श्रृंखला को देशभर के कई रेडियो केंद्रों और सामुदायिक रेडियो स्टेशनों से प्रसारित किया जा रहा है। इंटरनेट रेडियो के माध्यम से भी इसकी पहुंच को बढ़ाया गया है। कुल मिलाकर, ‘उमंग’ शिक्षा, संस्कृति और प्रेरणा का एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है, जो समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा दे रहा है।

यह ध्यान देने योग्य है कि एनसीईआरटी छात्रों को विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है। इसके साथ ही, एनसीईआरटी ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन और डॉक्टरेट जैसी डिग्रियां भी देगा। एनसीईआरटी को पहले ही डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल चुका है, और अब यह विभिन्न पाठ्यक्रमों का संचालन करने जा रहा है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एनसीईआरटी को इस संबन्ध में मंजूरी दी है। संस्थान पाठ्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों को डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन और डॉक्टरेट जैसी डिग्रियां प्रदान करेगा। एनसीईआरटी को अपने ऑफ-कैंपस और ऑफशोर सेंटर स्थापित करने की भी अनुमति मिल चुकी है।

Point of View

बल्कि यह बच्चों में ज्ञान की प्यास को भी जगाता है। यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में मददगार साबित हो सकता है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

एनसीईआरटी का 'उमंग' कार्यक्रम क्या है?
यह एक रेडियो कार्यक्रम श्रृंखला है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को सरल और मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत करना है।
'उमंग' कार्यक्रम में कौन-कौन से विषय शामिल हैं?
'उमंग' कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों और विज्ञान संबंधी प्रेरणादायक कहानियों को शामिल किया गया है।
क्या यह कार्यक्रम सभी आयु वर्ग के लिए है?
हाँ, इस कार्यक्रम की भाषा सरल और संवादात्मक है, जिससे सभी आयु वर्ग के लोग आसानी से जुड़ सकते हैं।
क्या 'उमंग' कार्यक्रम केवल रेडियो पर प्रसारित होता है?
'उमंग' कार्यक्रम यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफार्मों पर भी उपलब्ध है।
क्या एनसीईआरटी डिग्री प्रदान करता है?
जी हां, एनसीईआरटी ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन और डॉक्टरेट जैसी डिग्रियां प्रदान करता है।
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