ओडिशा में 'आरोहण' पहल: बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में वृद्धि और विकास की दिशा में क्रांति
सारांश
Key Takeaways
- आरोहण पहल का उद्देश्य प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करना है।
- यह छह साल के बच्चों के लिए केंद्रित है।
- सरकार ने पोषण पखवाड़ा-2026 को महत्व दिया है।
- अभिभावकों की भागीदारी को बढ़ावा दिया गया है।
- 'आरोहण' का अर्थ है बच्चों की शैक्षिक यात्रा की ऊँचाई।
भुवनेश्वर, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने मंगलवार को औपचारिक रूप से नई और अभिनव पहल 'आरोहण' का आरंभ किया।
यह पहल महिला एवं बाल विकास विभाग का एक विशेष कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य राज्य में शुरुआती बचपन की शिक्षा को सुदृढ़ करना है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी पहल का प्राथमिक लक्ष्य राज्य में शुरुआती बचपन की शिक्षा को मजबूत करना और आंगनवाड़ी केंद्रों से बाल वाटिका-3 में बच्चों के सहज संक्रमण को सुनिश्चित करना है।
यह योजना विशेष रूप से उन बच्चों के लिए है, जो छह साल की उम्र के हैं और जो शिशु वाटिका-3 (कक्षा 1) में प्रवेश लेने के लिए तैयार हैं।
उपमुख्यमंत्री परिदा ने आयोजन में उपस्थित बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी बच्चे के जीवन के पहले छह साल उनके मस्तिष्क के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
उन्होंने बताया कि पोषण पखवाड़ा-2026 के अवसर पर, सरकार शुरुआती बचपन के विकास को उच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि यह पहल केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
इस पहल के आरंभ के समय, डिप्टी सीएम ने बताया कि 'आरोहण' नाम बच्चे की शैक्षिक यात्रा की 'ऊंचाई' का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि जहां एक बच्चे का लगभग 80 प्रतिशत बुनियादी विकास आंगनवाड़ी में होता है, वहीं यह कार्यक्रम उन्हें उनके विकास के 20 प्रतिशत हिस्से के लिए तैयार करता है, जब वे औपचारिक शिक्षा में प्रवेश करते हैं। इस बदलाव का उत्सव मनाकर, सरकार का उद्देश्य बच्चों में गर्व और उत्साह की भावना जगाना है।
डिप्टी सीएम ने इस अनूठी अवधारणा को लागू करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव और पूरी प्रशासनिक टीम का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि 'आरोहण' केवल एक समारोह नहीं है, बल्कि यह राज्य के युवाओं की समृद्धि और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता है। उन्हें उम्मीद है कि भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से, यह कार्यक्रम बच्चों को एक उज्ज्वल और सशक्त भविष्य की ओर आगे बढ़ाएगा।
परिदा ने एक नई शुरुआत के प्रतीक के रूप में बच्चों को टीका लगाया और उन्हें 'आरोहण किट', आशीर्वाद और प्रोत्साहन के साथ उनके जीवन के अगले चरण के लिए विदाई दी। इस कार्यक्रम की टैगलाइन है 'उज्ज्वल भविष्य के लिए एक कदम आगे', जो हर बच्चे के लिए एक बेहतर भविष्य की दिशा में सामूहिक रूप से आगे बढ़ने पर जोर देती है।