महिलाओं की सुरक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए एनसीआरटीसी ने ‘आकांक्षाओं के पंख’ अभियान की शुरुआत की
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना
- नमो भारत ट्रेनों में सुरक्षित यात्रा का माहौल सुनिश्चित करना
- समाज में सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना
- सीसीटीवी निगरानी और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन की व्यवस्था
- आगामी कार्यक्रमों में नुक्कड़ नाटक और कार्यशालाएं शामिल हैं
नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने महिलाओं की सुरक्षा और लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘आकांक्षाओं के पंख’ अभियान की शुरुआत की है।
इस अभियान का उद्घाटन मंगलवार, २४ मार्च को एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल द्वारा सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर किया गया। यह अभियान भारत सरकार के ‘निर्भया फंड’ के अंतर्गत संचालित हो रहा है। इस कार्यक्रम में निर्भया के माता-पिता आशा देवी और बद्रीनाथ सिंह, वरिष्ठ पत्रकार एवं मोटिवेशनल स्पीकर ऋचा अनिरुद्ध, एनसीआरटीसी की निदेशक (वित्त) नमिता मेहरोत्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और हितधारक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, यात्रियों को संवेदनशील बनाना और नमो भारत ट्रेनों में सुरक्षित यात्रा का माहौल सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के दौरान एक विशेष वीडियो के जरिए अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित पहलों को प्रस्तुत किया गया, जिनमें स्टेशन परिसरों में सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, ‘नमो भारत कनेक्ट’ मोबाइल ऐप में एसओएस सुविधा और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने कहा कि प्रत्येक यात्री को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि यह अभियान अगले पाँच वर्षों तक चलेगा और इसका उद्देश्य केवल सुविधाएं बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।
निर्भया की मां आशा देवी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं और नमो भारत जैसी परियोजनाएं इस दिशा में सराहनीय कदम हैं। वहीं, ऋचा अनिरुद्ध ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज महिलाओं के लिए यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित हुई है, लेकिन इसके लिए समाज के हर व्यक्ति को जिम्मेदार बनना होगा।
कार्यक्रम के दौरान एनसीआरटीसी द्वारा निर्मित दो लघु फिल्मों का प्रीमियर भी किया गया, जो महिला सशक्तिकरण और लैंगिक संवेदनशीलता पर आधारित हैं। इसके अलावा ‘ग्रैटिट्यूड वॉल’ का उद्घाटन किया गया, जहाँ लोगों ने अपने जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक, कार्यशालाएं और सामुदायिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
साथ ही ट्रेनों और स्टेशनों पर पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से यात्रियों को जागरूक किया जाएगा। एनसीआरटीसी का मानना है कि जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी के जरिए ही एक सुरक्षित और समावेशी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बनाई जा सकती है। ‘आकांक्षाओं के पंख’ अभियान एनसीआरटीसी की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह नमो भारत नेटवर्क को महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भरोसेमंद बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।