28 जुलाई 2026
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कांग्रेस में बड़ा बदलाव: हजीना सैयद को तमिलनाडु महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाया गया

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कांग्रेस में बड़ा बदलाव: हजीना सैयद को तमिलनाडु महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाया गया

सारांश

कांग्रेस पार्टी में एक नई हलचल के तहत, हजीना सैयद को उनके पद से हटाया गया है। यह निर्णय पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते लिया गया है। जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

हजीना सैयद को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में हटाया गया।
उनकी नियुक्ति 21 अप्रैल, 2024 को हुई थी।
वे एक दशक से अधिक समय तक राजनीतिक सेवा में रहीं।
पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण है।
आगे की कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।

चेन्नई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस पार्टी में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने हजीना सैयद को तमिलनाडु प्रदेश महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश दिया है, जिसके पीछे पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप हैं।

यह निर्णय हजीना की नियुक्ति के लगभग दो वर्ष बाद लिया गया है और इसने राज्य में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बहस को जन्म दिया है।

हजीना सैयद को 21 अप्रैल, 2024 को इस पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने सुधा रामकृष्णन का स्थान लिया, जिन्होंने मयिलादुथुराई निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में आम चुनाव लड़ने के लिए पद छोड़ दिया था। उस समय हजीना को एक सशक्त संगठनात्मक नेता के रूप में पहचाना जाता था, क्योंकि वे पहले अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव रह चुकी थीं।

इन वर्षों में, उन्होंने कांग्रेस के एक प्रमुख चेहरे के रूप में अपनी पहचान बनाई और टेलीविजन बहसों एवं सार्वजनिक मंचों पर अक्सर पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। पार्टी के विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने और राजनीतिक चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी ने उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता दोनों के बीच पहचान दिलाई।

हजीना का राजनीतिक सफर एक दशक से अधिक पुराना है, जिसमें उन्होंने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस में 12 वर्षों से अधिक की सेवा की है। इस दौरान उन्होंने अखिल भारतीय सचिव, तमिलनाडु कांग्रेस प्रवक्ता और कई राज्यों के चुनाव प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

उन्होंने कम उम्र में ही राजनीतिक करियर की शुरुआत की और छात्र कांग्रेस और युवा कांग्रेस में विभिन्न पदों पर रहते हुए आगे बढ़ीं, जहाँ उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

एक पारंपरिक कांग्रेसी परिवार से आने वाली, हजीना सैयद का पार्टी से गहरा जुड़ाव है। उनके पिता एक स्वतंत्रता सेनानी थे, और कांग्रेस में उनकी दीर्घकालिक भागीदारी विरासत और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता दोनों से प्रेरित है। उनके व्यापक योगदान के बावजूद, पार्टी नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए उन्हें हटाना आवश्यक था।

आधिकारिक आदेश में यह भी कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर पार्टी नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।

इस अचानक लिए गए फैसले ने कांग्रेस पार्टी और तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजीना सैयद को किस कारण से हटाया गया?
उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में हटाया गया है।
हजीना सैयद ने कब से महिला कांग्रेस का अध्यक्ष पद संभाला?
उन्होंने 21 अप्रैल, 2024 को इस पद की जिम्मेदारी ली थी।
इस निर्णय का कांग्रेस पार्टी पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह निर्णय कांग्रेस पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इससे राजनीतिक हलचल उत्पन्न हो सकती है।
हजीना सैयद का राजनीतिक सफर कितना लंबा है?
उनका राजनीतिक सफर एक दशक से अधिक लंबा है, जिसमें उन्होंने 12 वर्षों से अधिक समय तक अखिल भारतीय महिला कांग्रेस में सेवा की है।
क्या पार्टी ने आगे की कार्रवाई के संकेत दिए हैं?
हाँ, आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर पार्टी नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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