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परिसीमन विवाद: भाजपा ने राहुल गांधी पर लगाया 'राष्ट्र-विरोधी' राजनीति का आरोप, तमिलनाडु दौरे पर छिड़ा घमासान

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परिसीमन विवाद: भाजपा ने राहुल गांधी पर लगाया 'राष्ट्र-विरोधी' राजनीति का आरोप, तमिलनाडु दौरे पर छिड़ा घमासान

सारांश

राहुल गांधी के तमिलनाडु दौरे पर परिसीमन-विरोधी बयान के बाद BJP ने उन्हें 'राष्ट्र-विरोधी' करार दिया। यह टकराव दक्षिण भारत की उस गहरी आशंका को उजागर करता है कि जनसंख्या-आधारित परिसीमन उनके संसदीय प्रतिनिधित्व को कमज़ोर कर सकता है।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने 1 अगस्त को राहुल गांधी के परिसीमन-संबंधी बयान पर तीखा पलटवार किया।
तिरुपति ने गांधी पर तमिलनाडु में भय और विभाजन फैलाने का आरोप लगाया और उन्हें 'राष्ट्र-विरोधी' करार दिया।
BJP का कहना है कि आनुपातिक परिसीमन की माँग की गई है और किसी राज्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राहुल गांधी ने अपने तमिलनाडु दौरे में कहा कि परिसीमन का समर्थन करना राज्य के साथ विश्वासघात होगा।
परिसीमन का मुद्दा दक्षिण भारतीय राज्यों में संसदीय प्रतिनिधित्व घटने की आशंका से जुड़ा है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार, 1 अगस्त को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर प्रस्तावित परिसीमन को लेकर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार किया। BJP ने आरोप लगाया कि गांधी जानबूझकर तमिलनाडु के लोगों में भय और विभाजन की भावना फैला रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता की तीखी प्रतिक्रिया

भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने राहुल गांधी के उस बयान पर सीधी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि परिसीमन का समर्थन करने वाला कोई भी व्यक्ति 'तमिलनाडु के साथ विश्वासघात' कर रहा होगा। तिरुपति ने कहा कि BJP पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि इस प्रक्रिया से किसी भी राज्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

तिरुपति ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी को यह कैसे ज्ञात है कि परिसीमन की योजना क्या होगी, और तर्क दिया कि इस प्रक्रिया को लेकर उठाई जा रही चिंताएँ समय से पहले हैं। उन्होंने कहा कि आनुपातिक परिसीमन की माँग की गई है और BJP का रुख स्पष्ट है कि किसी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा।

'राष्ट्र-विरोधी' का आरोप

तिरुपति ने राहुल गांधी पर धर्म और जाति के आधार पर सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि उनके बयान देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को 'राष्ट्र-विरोधी' करार देते हुए यह भी आरोप लगाया कि वे देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।

BJP प्रवक्ता ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी केंद्र में कांग्रेस के 12 वर्षों से अधिक समय तक सत्ता से बाहर रहने की निराशा में टकराव की राजनीति का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गांधी 'अराजकतावादियों, दुष्ट शक्तियों और राष्ट्रविरोधी ताकतों' के साथ हाथ मिला रहे हैं — हालाँकि इस दावे का कोई ठोस साक्ष्य तिरुपति ने नहीं प्रस्तुत किया।

राहुल गांधी का तमिलनाडु दौरा और परिसीमन पर बयान

यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने शनिवार को अपने तमिलनाडु दौरे के दौरान प्रस्तावित परिसीमन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम का उद्देश्य तमिलनाडु के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और प्रभाव को संसद में कम करना है।

गांधी ने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दोनों राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे किसी भी ऐसे परिसीमन प्रस्ताव का विरोध करें, जिससे राज्य का संसदीय प्रतिनिधित्व प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी कदम का समर्थन करना तमिलनाडु और उसके लोगों के हितों के साथ विश्वासघात होगा।

परिसीमन विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि परिसीमन का मुद्दा दक्षिण भारतीय राज्यों, विशेषकर तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में लंबे समय से संवेदनशील रहा है। इन राज्यों की चिंता यह है कि जनसंख्या-आधारित परिसीमन में उन राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी जहाँ जनसंख्या वृद्धि दर ऊँची रही, जबकि परिवार नियोजन में सफल दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व घट सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब 2026 के बाद परिसीमन की संवैधानिक समय-सीमा निकट आ रही है।

आगे क्या होगा

दोनों पक्षों के बीच इस राजनीतिक टकराव के और गहराने की संभावना है, क्योंकि परिसीमन आयोग की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है। तमिलनाडु के क्षेत्रीय दलों की भूमिका इस बहस में निर्णायक साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह परिसीमन की वास्तविक संरचनात्मक चिंता को नहीं टालता — दक्षिणी राज्यों का डर तथ्यों पर आधारित है, न कि केवल विपक्षी राजनीति पर। जिन राज्यों ने परिवार नियोजन में सफलता पाई, उन्हें जनसंख्या-आधारित परिसीमन में सीटें गँवानी पड़ सकती हैं — यह संवैधानिक विरोधाभास है जिसका जवाब BJP ने अब तक नहीं दिया है। तिरुपति का यह कहना कि चिंताएँ 'समय से पहले' हैं, तब तक पर्याप्त नहीं जब तक सरकार स्पष्ट संरचनात्मक सुरक्षा उपायों का खुलासा न करे। इस बहस में असली दाँव पर है दक्षिण भारत का दशकों पुराना राजनीतिक संतुलन।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिसीमन पर राहुल गांधी ने तमिलनाडु में क्या कहा?
राहुल गांधी ने 1 अगस्त को तमिलनाडु दौरे के दौरान कहा कि प्रस्तावित परिसीमन का उद्देश्य राज्य के संसदीय प्रतिनिधित्व और प्रभाव को कम करना है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से ऐसे किसी भी प्रस्ताव का विरोध करने का आग्रह किया और कहा कि इसका समर्थन तमिलनाडु के साथ विश्वासघात होगा।
BJP ने राहुल गांधी के परिसीमन बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने राहुल गांधी को 'राष्ट्र-विरोधी' करार दिया और आरोप लगाया कि वे तमिलनाडु में भय और विभाजन फैला रहे हैं। BJP ने यह भी कहा कि आनुपातिक परिसीमन की माँग की गई है और किसी राज्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
तमिलनाडु को परिसीमन से क्या खतरा है?
दक्षिणी राज्यों की मुख्य चिंता यह है कि जनसंख्या-आधारित परिसीमन में उन राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी जहाँ जनसंख्या वृद्धि दर अधिक रही है। तमिलनाडु जैसे राज्य, जिन्होंने परिवार नियोजन में सफलता पाई, उनके संसदीय प्रतिनिधित्व में कमी आ सकती है।
परिसीमन क्या होता है और यह कब होगा?
परिसीमन वह प्रक्रिया है जिसके तहत जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएँ और सीटों की संख्या पुनर्निर्धारित की जाती है। 2026 के बाद इसकी संवैधानिक समय-सीमा निकट आ रही है, हालाँकि परिसीमन आयोग की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है।
BJP ने राहुल गांधी पर और क्या आरोप लगाए?
BJP प्रवक्ता तिरुपति ने राहुल गांधी पर धर्म और जाति के आधार पर विभाजन फैलाने तथा 'अराजकतावादियों और राष्ट्रविरोधी ताकतों' से हाथ मिलाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के 12 वर्षों से अधिक सत्ता से बाहर रहने की निराशा में गांधी टकराव की राजनीति का सहारा ले रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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