क्या राहुल गांधी अस्मिता के नाम पर भड़काऊ बयानबाजी और विभाजन की राजनीति को खत्म करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी का विवादास्पद बयान
- भाजपा का तीखा जवाब
- राजनीतिक विभाजन की चिंताएँ
- तमिल संस्कृति के प्रति पीएम मोदी की प्रतिबद्धता
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तमिलनाडु यात्रा पर भारतीय जनता पार्टी ने हमला बोला है। बुधवार को भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी पर निशाना साधा।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, "राहुल गांधी ने एक बेहद शर्मनाक और पीड़ादायक बयान दिया है, जिसका वास्तविकता, तर्कों और तथ्यों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री तमिल आवाज को दबाने का काम करते हैं। यह राजनीति की ऐसी हद है, जिसमें उन्होंने तर्कहीन और बेबुनियाद बयानबाजी की है, जिसका जवाब देना आवश्यक है।"
उन्होंने आगे कहा, "पिछले 11 वर्षों में यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी ने तमिल भाषा और संस्कृति के प्रति जिस संवेदनशीलता का परिचय दिया है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। यह पहली बार है जब तमिल भाषा और अस्मिता के प्रति संवेदनशीलता को भारत के साथ-साथ वैश्विक मंचों पर मजबूती से प्रस्तुत किया गया है।"
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया, "पीएम मोदी हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि हमें तमिल भाषा सीखने की आवश्यकता है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक प्रतिबद्धता है। लेकिन कुछ देशविरोधी लोग जाति, देश और अस्मिता के नाम पर अपनी राजनीति को प्रस्तुत करते रहे हैं।"
उन्होंने राहुल गांधी पर विभाजन और तुष्टिकरण की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया, "जब वह बिहार में जाते हैं, तो जाति के नाम पर उन्माद फैलाते हैं और तमिलनाडु में तमिल अस्मिता के नाम पर लोगों को भड़काते हैं। उन्हें नकारात्मक राजनीति से बचना चाहिए।"
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "एक भारत, श्रेष्ठ भारत की संकल्पना ऐसे नहीं हो सकती। वह एक दिन की राजनीतिक यात्रा पर जाएंगे और ऐसी सतही, तर्कहीन और तथ्यहीन बयानबाजी करेंगे। उनके पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है कि वह इस प्रकार की बयानबाजी करें और इसे दबाने का प्रयास करें।"