राहुल गांधी छात्रों को भड़काकर राजनीति चमका रहे हैं: भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने 17 जून को मुंबई में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'टूलकिट पॉलिटिशियन' करार दिया। सिन्हा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा से पहले लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को दिग्भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
छात्रों पर राजनीति का आरोप
सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने जीवन में कभी कोई प्रतियोगी परीक्षा नहीं दी, इसलिए वे उस मानसिक दबाव को नहीं समझ सकते जो NEET जैसी परीक्षा से पहले छात्रों और उनके परिवारों पर होता है। उन्होंने कहा, 'जब लाखों स्टूडेंट और उनके पैरेंट्स तनाव में हैं, तो राहुल गांधी को चाहिए कि वे किसी भी अभिभावक का तनाव न बढ़ाएँ।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि 21 जून के बाद राहुल गांधी के पास राजनीति के कई अन्य विषय होंगे, वे उन पर ध्यान दे सकते हैं।
कांग्रेस शासित राज्यों में पेपर लीक का इतिहास
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी को पहले अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए। उनके अनुसार, जब पृथ्वीराज चव्हाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब राज्य में 40 पेपर लीक की घटनाएँ हुई थीं। इसी प्रकार, जब अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री थे, तब 35 से 40 पेपर लीक के मामले सामने आए थे। सिन्हा ने दावा किया कि उस दौरान गहलोत के पुत्र और कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का नाम भी इन घटनाओं में उभरा था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि 21 जून की NEET परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हो।
राहुल गांधी की 'भड़काऊ राजनीति' पर निशाना
सिन्हा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक छवि चमकाने के लिए विभिन्न वर्गों को उकसाते रहते हैं। उनके अनुसार, कभी किसानों को भड़काया जाता है, तो कभी नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह किया जाता है। सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी की विश्वसनीयता इस हद तक कम हो चुकी है कि उनकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता।
रांची आरएसएस कार्यालय हमले की निंदा
सिन्हा ने रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह एक चिंताजनक घटनाक्रम है और जहाँ-जहाँ कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं, वहाँ RSS के विरुद्ध नफरत फैलाई जा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे पर RSS के बारे में 'झूठी बातें' फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ऐसी सोच के चलते कांग्रेस-शासित राज्यों में BJP और RSS के प्रति नफरत को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि असम के चुनाव प्रचार के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
आगे क्या होगा
21 जून को NEET परीक्षा के बाद यह राजनीतिक विवाद नए मोड़ ले सकता है। परीक्षा की निर्विघ्न संपन्नता सरकार की प्राथमिकता बताई जा रही है, जबकि विपक्ष परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाता रहा है। दोनों पक्षों के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।