नीट परीक्षा से पहले राहुल गांधी का कोटा दौरा अनुचित: भाजपा विधायक गोपाल शर्मा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक गोपाल शर्मा ने 17 जून 2026 को जयपुर में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजस्थान के कोटा दौरे पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उनका तर्क था कि जब 21 जून को नीट परीक्षा होने जा रही है और लाखों विद्यार्थी अपनी तैयारी में जुटे हैं, ऐसे संवेदनशील समय में यह दौरा छात्रों के लिए अनावश्यक व्यवधान पैदा करेगा।
विधायक का मुख्य आरोप
शर्मा ने कहा कि विपक्षी दलों को जनहित के मुद्दे उठाने का पूरा अधिकार है और इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यहाँ तक कहा कि महात्मा गांधी भी विपक्ष के इस अधिकार के पक्षधर थे। हालाँकि, उनके अनुसार, किसी भी संघर्ष के लिए सही जगह और सही समय का चुनाव अनिवार्य है। उनका आरोप था कि राहुल गांधी कोटा में जाकर छात्रों को राजनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी की शिक्षा पर टिप्पणी
भाजपा विधायक ने राहुल गांधी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने अपनी पढ़ाई के दौरान इंदिरा गांधी की हत्या और परिवार के अन्य दुखद हादसों जैसी विषम परिस्थितियों का सामना किया, जिसके कारण वे शिक्षा की गंभीरता से पूरी तरह परिचित नहीं हो सके। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति के लिए विद्यार्थियों का उपयोग कर रही है, जो पूरी तरह से अनुचित है।
नीट पेपर लीक और युवाओं का भविष्य
शर्मा ने नीट पेपर लीक की घटनाओं को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोज़गार के प्रति आश्वस्त रहना होगा और केंद्र की मोदी सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। उनके अनुसार, आत्महत्या को कानूनी मान्यता नहीं दी गई है और इसे किसी समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता।
गायत्री मंत्र और भारतीय संस्कृति
विधायक शर्मा ने गायत्री मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति का अभिन्न प्रतीक है, जिसकी रचना विश्वामित्र ने पुष्कर में की थी। उनके अनुसार, इस मंत्र से विद्यार्थियों को प्रेरणा और संकल्प शक्ति मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह परंपरा कांग्रेस के शासनकाल में ही प्रचलित हुई थी।
आगे की स्थिति
गोपाल शर्मा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब नीट पेपर लीक विवाद पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है और राहुल गांधी का कोटा दौरा इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। कोटा, जो देश का प्रमुख कोचिंग हब है, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों का केंद्र है। इस राजनीतिक विवाद का असर परीक्षा से पहले के माहौल पर पड़ सकता है।